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Sultanpur News: पढ़ाई के साथ छात्र सीखेंगे कंप्यूटर व प्रौद्योगिकी के गुर
Mon, 05 May 2025 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 05 May 2025 11:51 PM IST
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शहर के केश कुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में बना कंप्यूटर लैब (फाइल फोटो)।
सुल्तानपुर। पढ़ाई के साथ ही माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को कंप्यूटर व प्रौद्योगिकी में दक्ष बनाया जाएगा। छात्र कंप्यूटर के उपयोग, ऑनलाइन तकनीक में कौशल प्राप्त करेंगे। इसके तहत कक्षा नौ से 12 तक में अलग-अलग माड्यूल में पढ़ाई कराई जाएगी। इंटर उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
जिले में कुल 341 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें 25 राजकीय हाईस्कूल व इंटर काॅलेज और 58 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। पहले चरण में राजकीय इंटर कॉलेजों में कंप्यूटर व प्रौद्योगिकी की क्लास चलाने की तैयारी है।
कक्षा नौ से 12 तक जो माड्यूल पढ़ाए जाने की योजना है, उनमें कक्षा नौ में आईटी टूल्स और नेटवर्क बेसिक्स, 10वीं में वेब डिजाइनिंग और पब्लिशिंग, 11वीं में पाइथन प्रोग्रामिंग और समस्या समाधान व 12वीं में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और उसके प्रयोग की पढ़ाई कराई जाएगी। समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक अखिलेश पांडेय ने बताया कि हर माड्यूल 120 घंटे का होगा, जिसमें 48 घंटे थ्योरी और 72 घंटे प्रैक्टिकल के लिए होंगे। विद्यार्थी जब चारों माड्यूल पूरे कर लेंगे तो उन्हें ओ लेवल का प्रमाणपत्र मिलेगा। इस तरह जब वे 12वीं पास करेंगे, तब तक किसी एक आधुनिक तकनीक में दक्ष हो जाएंगे। प्रशिक्षण से छात्रों में डिजिटल और आईटी कौशल का विकास होगा।
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जिले में कुल 341 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें 25 राजकीय हाईस्कूल व इंटर काॅलेज और 58 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। पहले चरण में राजकीय इंटर कॉलेजों में कंप्यूटर व प्रौद्योगिकी की क्लास चलाने की तैयारी है।
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कक्षा नौ से 12 तक जो माड्यूल पढ़ाए जाने की योजना है, उनमें कक्षा नौ में आईटी टूल्स और नेटवर्क बेसिक्स, 10वीं में वेब डिजाइनिंग और पब्लिशिंग, 11वीं में पाइथन प्रोग्रामिंग और समस्या समाधान व 12वीं में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और उसके प्रयोग की पढ़ाई कराई जाएगी। समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक अखिलेश पांडेय ने बताया कि हर माड्यूल 120 घंटे का होगा, जिसमें 48 घंटे थ्योरी और 72 घंटे प्रैक्टिकल के लिए होंगे। विद्यार्थी जब चारों माड्यूल पूरे कर लेंगे तो उन्हें ओ लेवल का प्रमाणपत्र मिलेगा। इस तरह जब वे 12वीं पास करेंगे, तब तक किसी एक आधुनिक तकनीक में दक्ष हो जाएंगे। प्रशिक्षण से छात्रों में डिजिटल और आईटी कौशल का विकास होगा।
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