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Sultanpur News: बूढ़ेबाबा को पर्यटन स्थल बनाने की उम्मीदों को झटका
Tue, 15 Aug 2023 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 15 Aug 2023 12:44 AM IST
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बल्दीराय में निमार्णाधीन बूढ़े बाबा का गेट।
बल्दीराय (सुल्तानपुर)। तहसील क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे कुवांसी बड़ाडांड़ के पास स्थित सैकड़ों साल पुराने जिस वट वृक्ष की पूजा अर्चना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो साल पहले वन महोत्सव के दौरान की थी। उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग ने घोषणा तो कर दी। लेकिन यह काम आज तक नहीं हो पाया। इसके सौंदर्यीकरण के लिए 27 लाख रुपये भी जारी कर दिए थे, लेकिन विवाद के चलते कार्यदायी संस्था काम अधूरा छोड़कर भाग गई।
क्षेत्र के कुंवासी बड़ाडांड़ के पास ग्रामीणों के मुताबिक लगभग 400 साल पुराना बरगद का पेड़ है। जहां क्षेत्रीय लोग पूजा अर्चना करते हैं, मन्नते मांगते हैं। यह स्थल महानंदावीर बूढ़े बाबा के नाम से प्रसिद्ध है। दो साल पहले चार जुलाई 2021 को एक्सप्रेस-वे के किनारे स्थित इस वटवृक्ष की पूजा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। इसी के बगल खाली जमीन में कोरोना काल में काल कवलित होने वालों की याद में पौधरोपण भी किया था। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र, डीएम रवीश गुप्ता, तत्कालीन एसडीएम राजेश सिंह, वंदना पांडेय, महेंद्र श्रीवास्तव आदि भी यहां पूजा कर चुके हैं। साल में दो बार नवरात्र में अष्टमी के दिन यहां मेला भी लगता है।
शासन के निर्देश पर इसे पर्यटन स्थल बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने 27 लाख रुपये जारी कर दिए थे। कार्यदायी संस्था ने मुख्य गेट बनाया, आधी चहारदीवारी भी बनी, कुछ दूर परिसर में इंटरलॉकिंग भी लगाई गई लेकिन चहारदीवारी का निर्माण पूरा न होने से सारी शोभा बेकार दिख रही है। सौंदर्यीकरण में आशुतोष सिंह, राजेन्द्र सिंह आदि के खेत आ रहे हैं जो निर्माण कार्य में बाधक है। कास्तकारों ने प्रशासन से उस जमीन की अच्छी कीमत या उतनी ही मालियत की अन्यत्र जमीन मांगी थी। लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई। ये मामला कई महीनों से चल रहा है लेकिन आज तक इसका निराकरण नही होने से निर्माण अधूरा पड़ा है। इस बारे में उपजिलाधिकारी बल्दीराय विदुषी सिंह ने बताया कि प्रकरण मेरे संज्ञान में नही है। जानकारी लेकर भूमि संबंधी समस्या का हल निकाला जाएगा।
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क्षेत्र के कुंवासी बड़ाडांड़ के पास ग्रामीणों के मुताबिक लगभग 400 साल पुराना बरगद का पेड़ है। जहां क्षेत्रीय लोग पूजा अर्चना करते हैं, मन्नते मांगते हैं। यह स्थल महानंदावीर बूढ़े बाबा के नाम से प्रसिद्ध है। दो साल पहले चार जुलाई 2021 को एक्सप्रेस-वे के किनारे स्थित इस वटवृक्ष की पूजा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। इसी के बगल खाली जमीन में कोरोना काल में काल कवलित होने वालों की याद में पौधरोपण भी किया था। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र, डीएम रवीश गुप्ता, तत्कालीन एसडीएम राजेश सिंह, वंदना पांडेय, महेंद्र श्रीवास्तव आदि भी यहां पूजा कर चुके हैं। साल में दो बार नवरात्र में अष्टमी के दिन यहां मेला भी लगता है।
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शासन के निर्देश पर इसे पर्यटन स्थल बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने 27 लाख रुपये जारी कर दिए थे। कार्यदायी संस्था ने मुख्य गेट बनाया, आधी चहारदीवारी भी बनी, कुछ दूर परिसर में इंटरलॉकिंग भी लगाई गई लेकिन चहारदीवारी का निर्माण पूरा न होने से सारी शोभा बेकार दिख रही है। सौंदर्यीकरण में आशुतोष सिंह, राजेन्द्र सिंह आदि के खेत आ रहे हैं जो निर्माण कार्य में बाधक है। कास्तकारों ने प्रशासन से उस जमीन की अच्छी कीमत या उतनी ही मालियत की अन्यत्र जमीन मांगी थी। लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई। ये मामला कई महीनों से चल रहा है लेकिन आज तक इसका निराकरण नही होने से निर्माण अधूरा पड़ा है। इस बारे में उपजिलाधिकारी बल्दीराय विदुषी सिंह ने बताया कि प्रकरण मेरे संज्ञान में नही है। जानकारी लेकर भूमि संबंधी समस्या का हल निकाला जाएगा।
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