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खाद के लिए दिखाना होगा आईडी प्रूफ
Sultanpur
Updated Sun, 28 Sep 2014 05:30 AM IST
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गौरीगंज। जिले में यूरिया खाद की कालाबाजारी पर प्रतिबंध लगाने और उसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने सोमवार देर शाम संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में डीएम ने किसानों को खतौनी व आईडी प्रूफ दिखाने के बाद ही प्रति किसान दो बोरी यूरिया और एक बोरी डीएपी देने का निर्देश दिया है। डीएम ने समस्त एसडीएम और बीडीओ को समन्वय स्थापित कर क्षेत्र की समस्त उर्वरक दुकानों पर लेखपाल व ग्राम पंचायत अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित कर उनकी मौजूदगी में खाद का वितरण सुनिश्चित कराने का भी आदेश दिया है।
जिले में खाद की हो रही कालाबाजारी पर अंकुश लगाने और उसकी कमी को दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने सख्त रुख अख्तियार किया है। डीएम ने कृषि विभाग, सहकारिता, इफ्को और पीसीएफ के अधिकारियों के साथ बैठक कर कई दिशा निर्देश जारी किए हैं। डीएम ने कहा है कि किसानों को खाद देने से पहले उर्वरक विक्रेता किसानों से उनकी खसरा खतौनी व मान्य आईडी प्रूफ लें। डीएम ने एक किसान को मात्र दो बोरी यूरिया और एक बोरी डीएपी देने का आदेश दिया है। दुकानदार की ओर से किसानों को रसीद देने का भी निर्देश दिया गया है। यह भी कहा है कि दुकानदार की ओर से यूरिया, डीएपी, एनपीके, सुपर फास्फेट के साथ किसानों को दबाव पूर्वक जिंक सल्फेट, सल्फर या किसी अन्य प्रकार का कार्बनिक उत्पाद व एंजाइम लेने के लिए बाध्य न किया जाए। ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया है। डीएम ने सभी एसडीएम और बीडीओ को आपस में समन्वय स्थापित कर क्षेत्र की समस्त दुकानों पर लेखपाल व ग्राम पंचायत अधिकारी को नोडल अधिकारी की देखरेख में ही खाद का वितरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।
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जिले में खाद की हो रही कालाबाजारी पर अंकुश लगाने और उसकी कमी को दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने सख्त रुख अख्तियार किया है। डीएम ने कृषि विभाग, सहकारिता, इफ्को और पीसीएफ के अधिकारियों के साथ बैठक कर कई दिशा निर्देश जारी किए हैं। डीएम ने कहा है कि किसानों को खाद देने से पहले उर्वरक विक्रेता किसानों से उनकी खसरा खतौनी व मान्य आईडी प्रूफ लें। डीएम ने एक किसान को मात्र दो बोरी यूरिया और एक बोरी डीएपी देने का आदेश दिया है। दुकानदार की ओर से किसानों को रसीद देने का भी निर्देश दिया गया है। यह भी कहा है कि दुकानदार की ओर से यूरिया, डीएपी, एनपीके, सुपर फास्फेट के साथ किसानों को दबाव पूर्वक जिंक सल्फेट, सल्फर या किसी अन्य प्रकार का कार्बनिक उत्पाद व एंजाइम लेने के लिए बाध्य न किया जाए। ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया है। डीएम ने सभी एसडीएम और बीडीओ को आपस में समन्वय स्थापित कर क्षेत्र की समस्त दुकानों पर लेखपाल व ग्राम पंचायत अधिकारी को नोडल अधिकारी की देखरेख में ही खाद का वितरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।
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