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धान खरीद ठप, क्रय-केंद्रों से मायूस लौटे किसान
Sultanpur
Updated Tue, 11 Dec 2012 05:30 AM IST
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सुल्तानपुर/अमेठी। खाद्य विभाग इंस्पेक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार से सुल्तानपुर और अमेठी जिले में अनिश्चितकाल के लिए धान खरीद बंद कर दी गई। विपणन निरीक्षकों के धान खरीद से हटने से पीसीएफ, कर्मचारी कल्याण निगम, यूपीएसएस व स्टेट एग्रो एजेंसियों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। अचानक खरीद बंद होने से किसान सोमवार को क्रय-केंद्रों से मायूस होकर लौटे। गतिरोध के पीछे एफसीआई का सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) नहीं लेना व गत वर्ष का लंबित भुगतान को वजह बताया जा रहा है।
भारतीय खाद्य निगम के मिलरों से आने वाले कस्टम मिल्ड राइस को लेने से इनकार करने से जिले में धान खरीद प्रक्रिया ठप हो गई है। खाद्य विभाग इंस्पेक्टर एसोसिएशन ने सीएमआर चावल का एफसीआई गोदामों में भंडारण नहीं होने तक धान केंद्रों पर खरीद का बहिष्कार करने की घोषणा की है। विपणन निरीक्षकों के खरीद से पीछे हटने से अन्य सहयोगी धान खरीद एजेंसी पीसीएफ, कर्मचारी कल्याण निगम, यूपीएसएस व स्टेट एग्रो ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। एफसीआई अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार की तरफ से छंटनी प्रतिशत नहीं बढ़ने तक वे सीएमआर चावल का भंडारण नहीं करेंगे। खरीद बंद होने से निजी आढ़तियों की बन आई है। सोमवार को कई कई किसान क्रय-केंद्रों से मायूस होकर लौटना पड़ा। मुख्यालय के विपणन निरीक्षक डॉ. आरडी प्रसाद ने जिले में खरीद बंद होने की पुष्टि करते हुए कहा कि एसोसिएशन की अनुमति के बिना खरीद शुरू नहीं कराई जाएगी। डीएफएमओ रविशंकर ने भी जिले में खरीद बंद होने की बात कही। उधर, गौरीगंज में एफसीआई की मनमानी से आजिज विपणन निरीक्षकों ने संगठन सप्लाइज इंस्पेक्टर्स एसोसिएशन के निर्णय पर सोमवार से धान खरीद बंद कर दी। पूरे जिले में एक साथ धान खरीद बंद होने से किसानों में अफरातफरी देखी जा रही है। विपणन निरीक्षकों ने मांग पूरी होने पर दोबारा खरीद शुरू करने की बात कही है।
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भारतीय खाद्य निगम के मिलरों से आने वाले कस्टम मिल्ड राइस को लेने से इनकार करने से जिले में धान खरीद प्रक्रिया ठप हो गई है। खाद्य विभाग इंस्पेक्टर एसोसिएशन ने सीएमआर चावल का एफसीआई गोदामों में भंडारण नहीं होने तक धान केंद्रों पर खरीद का बहिष्कार करने की घोषणा की है। विपणन निरीक्षकों के खरीद से पीछे हटने से अन्य सहयोगी धान खरीद एजेंसी पीसीएफ, कर्मचारी कल्याण निगम, यूपीएसएस व स्टेट एग्रो ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। एफसीआई अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार की तरफ से छंटनी प्रतिशत नहीं बढ़ने तक वे सीएमआर चावल का भंडारण नहीं करेंगे। खरीद बंद होने से निजी आढ़तियों की बन आई है। सोमवार को कई कई किसान क्रय-केंद्रों से मायूस होकर लौटना पड़ा। मुख्यालय के विपणन निरीक्षक डॉ. आरडी प्रसाद ने जिले में खरीद बंद होने की पुष्टि करते हुए कहा कि एसोसिएशन की अनुमति के बिना खरीद शुरू नहीं कराई जाएगी। डीएफएमओ रविशंकर ने भी जिले में खरीद बंद होने की बात कही। उधर, गौरीगंज में एफसीआई की मनमानी से आजिज विपणन निरीक्षकों ने संगठन सप्लाइज इंस्पेक्टर्स एसोसिएशन के निर्णय पर सोमवार से धान खरीद बंद कर दी। पूरे जिले में एक साथ धान खरीद बंद होने से किसानों में अफरातफरी देखी जा रही है। विपणन निरीक्षकों ने मांग पूरी होने पर दोबारा खरीद शुरू करने की बात कही है।
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