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238 कलस्टर में बांटी गईं 979 ग्राम पंचायतें
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सुल्तानपुर। ग्राम पंचायतों में तैनात सेक्रेटरियों को बगल-बगल का गांव देकर विकास की गति बढ़ाने की जिले में कवायद शुरू हो गई है। कार्य को अंजाम देने के लिए जिले की 979 ग्राम पंचायतों को 238 कलस्टर बनाए गए हैं। कलस्टरों को अब 177 सेक्रेटरियों में बांटने की तैयारी चल रही है।
पंचायतराज व विकास विभाग को मिलाकर जिले में 177 सेक्रेटरी ही कार्यरत हैं। अभी तक जिले में सेक्रेटरियों को अव्यवस्थित ग्राम पंचायतों की तैनाती दी गई थी। इसके तहत उन्हें दूर-दूर की ग्राम पंचायतें दी गई थीं।
चार्ज मिलने वाली ग्राम पंचायतें दूर होने की वजह से सेक्रेटरी रोजाना अपनी सभी ग्राम पंचायतों में नहीं पहुंच पा रहे थे। इसे देखते हुए जिला पंचायतराज अधिकारी आरके भारती ने ग्राम पंचायतों का कलस्टर बनाने की पहल की है।
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डीएम व सीडीओ के अनुमोदन के बाद डीपीआरओ ने जिले की 979 ग्राम पंचायतों का 238 कलस्टर तैयार किया है। एक कलस्टर को ग्राम पंचायत की आबादी के हिसाब से तैयार किया गया है। इसमें कुछ को छोड़कर अधिकांश कलस्टर में चार से पांच ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
कलस्टर में शामिल ग्राम पंचायतें एक दूसरे से जुड़ी हैं। सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ ने खंड विकास अधिकारियों से कलस्टर में तैनाती के लिए सेक्रेटरियों की प्रस्तावित सूची मांगी थी। कई बार निर्देश के बाद पंचायतराज कार्यालय में ब्लॉकों से सूची पहुंच गई है।
अब जिले की 979 ग्राम पंचायतों को 177 सेक्रेटरियों में कलस्टर वार बांटने की तैयारी चल रही है। सेक्रेटरियों की कमी को देखते हुए कुछ सेक्रेटरियों को दो-दो कलस्टर मिलने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल कलस्टर वार तैनाती को लेकर कुछ सेक्रेटरियों में छटपटाहट शुरू हो गई है।
कलस्टर में शामिल की गईं ग्राम पंचायतें एक दूसरे से जुड़ी हैं। नजदीक की ग्राम पंचायतें होने से सेक्रेटरी रोजाना अपने चार्ज वाली सभी ग्राम पंचायतों में पहुंचकर विकास कार्यों की गति दे सकेंगे, इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी। -आरके भारती, जिला पंचायतराज अधिकारी।
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पंचायतराज व विकास विभाग को मिलाकर जिले में 177 सेक्रेटरी ही कार्यरत हैं। अभी तक जिले में सेक्रेटरियों को अव्यवस्थित ग्राम पंचायतों की तैनाती दी गई थी। इसके तहत उन्हें दूर-दूर की ग्राम पंचायतें दी गई थीं।
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चार्ज मिलने वाली ग्राम पंचायतें दूर होने की वजह से सेक्रेटरी रोजाना अपनी सभी ग्राम पंचायतों में नहीं पहुंच पा रहे थे। इसे देखते हुए जिला पंचायतराज अधिकारी आरके भारती ने ग्राम पंचायतों का कलस्टर बनाने की पहल की है।
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डीएम व सीडीओ के अनुमोदन के बाद डीपीआरओ ने जिले की 979 ग्राम पंचायतों का 238 कलस्टर तैयार किया है। एक कलस्टर को ग्राम पंचायत की आबादी के हिसाब से तैयार किया गया है। इसमें कुछ को छोड़कर अधिकांश कलस्टर में चार से पांच ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
कलस्टर में शामिल ग्राम पंचायतें एक दूसरे से जुड़ी हैं। सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ ने खंड विकास अधिकारियों से कलस्टर में तैनाती के लिए सेक्रेटरियों की प्रस्तावित सूची मांगी थी। कई बार निर्देश के बाद पंचायतराज कार्यालय में ब्लॉकों से सूची पहुंच गई है।
अब जिले की 979 ग्राम पंचायतों को 177 सेक्रेटरियों में कलस्टर वार बांटने की तैयारी चल रही है। सेक्रेटरियों की कमी को देखते हुए कुछ सेक्रेटरियों को दो-दो कलस्टर मिलने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल कलस्टर वार तैनाती को लेकर कुछ सेक्रेटरियों में छटपटाहट शुरू हो गई है।
कलस्टर में शामिल की गईं ग्राम पंचायतें एक दूसरे से जुड़ी हैं। नजदीक की ग्राम पंचायतें होने से सेक्रेटरी रोजाना अपने चार्ज वाली सभी ग्राम पंचायतों में पहुंचकर विकास कार्यों की गति दे सकेंगे, इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी। -आरके भारती, जिला पंचायतराज अधिकारी।