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एक्शन
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:49 PM IST
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डीपीआरओ ने मनमानी तरीके
से बांट दिया 17 करोड़ रुपया
क्रासर
डीएम ने कार्रवाई के लिए शासन को लिखा पत्र
केंद्र सरकार के परफार्मेंस ग्रांट का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। केंद्र की मोदी एवं सूबे की योगी सरकार में भ्रष्टाचारी अधिकारी व कर्मचारी अपने कार्यों से बाज नहीं आ रहे हैं। योगी सरकार के शासन में जिले के पंचायतराज विभाग में 17 करोड़ 38 लाख रुपये का मनमानी ढंग से वितरण करने का मामला उजागर हुआ है। केंद्र सरकार ने स्वयं का राजस्व स्रोत बढ़ाने वाली तथा दो वर्ष तक अपडेट ऑडिट कराने वाली ग्राम पंचायतों को और अच्छा कार्य करने के लिए परफॉर्मेंस ग्रांट देने की पहल की तो पंचायतराज विभाग की बल्ले-बल्ले हो गई। पंचायतराज विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने 14 विकास खंडों के 805 ग्राम पंचायतों में सिर्फ चार विकास खंडों की 104 ग्राम पंचायतों को कमाऊ (स्वयं के साधनों से राजस्व आय बढ़ाने वाली) व दो वर्ष का ऑडिट अपडेट कराना फर्जी ढंग से दिखाकर योजना का मानक पूरा दिखा दिया। योजना का मानक पूरा दिखाकर रिपोर्ट निदेशालय भेज दी। रिपोर्ट पर शासन से सीधे 104 ग्राम पंचायतों को 17 करोड़ 38 लाख,28 हजार 338 रुपये भेज दी। अन्य ग्राम पंचायतों को जब इसकी जानकारी हुई तो उनके होश उड़ गए। पूर्व प्रधान रमेश शर्मा एवं ऊषा देवी व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश पांडेय की इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की तो डीएम के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी ने तीन अधिकारियों की कमेटी बनाकर इसकी जांच कराई। जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी का पर्दाफाश हुआ है। जांच में ऑडिट रिपोर्ट व स्वयं के साधनों से राजस्व आय बढ़ाने वाली ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट फर्जी पाई गई है। कुछ रिपोर्ट पर एडीओ पंचायतों के हस्ताक्षर ही नहीं हैं। जांच में यह भी पाया गया है कि सिर्फ छह विकास खंडों से ही रिपोर्ट मांगी गई थी। इसमें लंभुआ व भदैंया विकास खंड की ग्राम पंचायतों की आय शून्य दिखाकर उसे खारिज कर दिया गया। सिर्फ कुड़वार, दूबेपुर, जयसिंहपुर व कादीपुर की 104 ग्राम पंचायतों की ऑडिट अपडेट व स्वयं के साधन से आय दिखाकर उन्हें परफॉर्मेंस ग्रांट दिला दी गई। सूत्रों की मानें तो यह धनराशि पंचायतराज विभाग ने इन पंचायतों से सांठगांठ करके दिलाई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्य विकास अधिकारी राम यज्ञ मिश्र ने जिला पंचायतराज अधिकारी अरविंद कुमार के खिलाफ साक्ष्यों समेत आरोप पत्र डीएम को भेजा है।
इनसेट
डीपीआरओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए भेजी रिपोर्ट
जिलाधिकारी हरेंद्रवीर सिंह ने बताया कि सीडीओ की ओर से जांच रिपोर्ट समेत आरोप पत्र मिला है। ग्राम पंचायतों को परफॉर्मेंस ग्रांट दिलाने में डीपीआरओ ने गड़बड़ी की है। डीपीआरओ अरविंद कुमार के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति समेत रिपोर्ट भेजी गई है।
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से बांट दिया 17 करोड़ रुपया
क्रासर
डीएम ने कार्रवाई के लिए शासन को लिखा पत्र
केंद्र सरकार के परफार्मेंस ग्रांट का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। केंद्र की मोदी एवं सूबे की योगी सरकार में भ्रष्टाचारी अधिकारी व कर्मचारी अपने कार्यों से बाज नहीं आ रहे हैं। योगी सरकार के शासन में जिले के पंचायतराज विभाग में 17 करोड़ 38 लाख रुपये का मनमानी ढंग से वितरण करने का मामला उजागर हुआ है। केंद्र सरकार ने स्वयं का राजस्व स्रोत बढ़ाने वाली तथा दो वर्ष तक अपडेट ऑडिट कराने वाली ग्राम पंचायतों को और अच्छा कार्य करने के लिए परफॉर्मेंस ग्रांट देने की पहल की तो पंचायतराज विभाग की बल्ले-बल्ले हो गई। पंचायतराज विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने 14 विकास खंडों के 805 ग्राम पंचायतों में सिर्फ चार विकास खंडों की 104 ग्राम पंचायतों को कमाऊ (स्वयं के साधनों से राजस्व आय बढ़ाने वाली) व दो वर्ष का ऑडिट अपडेट कराना फर्जी ढंग से दिखाकर योजना का मानक पूरा दिखा दिया। योजना का मानक पूरा दिखाकर रिपोर्ट निदेशालय भेज दी। रिपोर्ट पर शासन से सीधे 104 ग्राम पंचायतों को 17 करोड़ 38 लाख,28 हजार 338 रुपये भेज दी। अन्य ग्राम पंचायतों को जब इसकी जानकारी हुई तो उनके होश उड़ गए। पूर्व प्रधान रमेश शर्मा एवं ऊषा देवी व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश पांडेय की इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की तो डीएम के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी ने तीन अधिकारियों की कमेटी बनाकर इसकी जांच कराई। जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी का पर्दाफाश हुआ है। जांच में ऑडिट रिपोर्ट व स्वयं के साधनों से राजस्व आय बढ़ाने वाली ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट फर्जी पाई गई है। कुछ रिपोर्ट पर एडीओ पंचायतों के हस्ताक्षर ही नहीं हैं। जांच में यह भी पाया गया है कि सिर्फ छह विकास खंडों से ही रिपोर्ट मांगी गई थी। इसमें लंभुआ व भदैंया विकास खंड की ग्राम पंचायतों की आय शून्य दिखाकर उसे खारिज कर दिया गया। सिर्फ कुड़वार, दूबेपुर, जयसिंहपुर व कादीपुर की 104 ग्राम पंचायतों की ऑडिट अपडेट व स्वयं के साधन से आय दिखाकर उन्हें परफॉर्मेंस ग्रांट दिला दी गई। सूत्रों की मानें तो यह धनराशि पंचायतराज विभाग ने इन पंचायतों से सांठगांठ करके दिलाई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्य विकास अधिकारी राम यज्ञ मिश्र ने जिला पंचायतराज अधिकारी अरविंद कुमार के खिलाफ साक्ष्यों समेत आरोप पत्र डीएम को भेजा है।
इनसेट
डीपीआरओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए भेजी रिपोर्ट
जिलाधिकारी हरेंद्रवीर सिंह ने बताया कि सीडीओ की ओर से जांच रिपोर्ट समेत आरोप पत्र मिला है। ग्राम पंचायतों को परफॉर्मेंस ग्रांट दिलाने में डीपीआरओ ने गड़बड़ी की है। डीपीआरओ अरविंद कुमार के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति समेत रिपोर्ट भेजी गई है।
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