{"_id":"5cd46ecabdec220754346517","slug":"81557425866-sultanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूबे में जंगलराज का नमूना त्रिसुंडी की घटना : प्रियंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूबे में जंगलराज का नमूना त्रिसुंडी की घटना : प्रियंका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में जंगलराज का नमूना त्रिसुंडी की घटना : प्रियंका
अमेठी। पीपरपुर थाना क्षेत्र के त्रिसुंडी गांव में मतदान के दिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पिटाई और फिर पीड़ित पक्ष के पुलिसिया उत्पीड़न के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बृहस्पतिवार को अचानक त्रिसुंडी पहुंचीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुलिस-प्रशासन को आड़ेे हाथों लिया।
प्रियंका ने पीड़ित कांग्रेस कार्यकर्ता को न्याय नहीं मिलने पर चुनाव के बाद संघर्ष का ऐलान किया। कांग्रेस महासचिव ने इस घटना को सूबे में जंगलराज का नमूना बताते हुए अमेठी समेत पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का आरोप लगाया।
अमेठी विधानसभा क्षेत्र के त्रिसुंडी बूथ पर छह मई को मतदान समाप्त होने के बाद गांव के ही कुछ भाजपा समर्थकों ने पूर्व ग्राम प्रधान बलराम यादव के भतीजे निरंजन व मान सिंह को पीट दिया था। बलराम की मानें तो इन्हीं लोगों ने देर शाम उनके घर पर हमला कर फिर मारपीट की।
विज्ञापन
सात मई को इन लोगों ने मुखबिरी के आरोप में एक अन्य युवक को पीटा तो बलराम पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए। बलराम पक्ष के लोगों ने सात मई की दोपहर में रामगंज बाजार में मारपीट करने वालों में से एक की पिटाई कर दी।
इस घटना में पिटने वाले की तहरीर पर पुलिस ने बलराम पक्ष के चार लोगों के खिलाफ लूट का केस दर्ज कर लिया। आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद दबिश देने पहुंची रामगंज चौकी पुलिस ने बलराम के घर में तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं पुलिस ने बलराम के एक भतीजे को भी हिरासत में ले लिया।
आठ मई को पुलिस ने बलराम के भाई तारकेश्वर की पत्नी सुदामा (शिक्षामित्र) को स्कूल से लौटते वक्त हिरासत में ले लिया। भाजपाइयों की दबंगई व पुलिस प्रताड़ना से आजिज बलराम परिवारीजनों के साथ गौरीगंज पहुंचे और राहुल गांधी के प्रतिनिधि चंद्रकांत को आपबीती सुनाई।
इसी मामले को लेकर बृहस्पतिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा दोपहर साढ़े तीन बजे अचानक त्रिसुंडी गांव पहुंच गईं। प्रियंका को अपने बीच पाकर बलराम के घर की महिलाएं भावुक हो गईं।
प्रियंका ने पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद मौके पर मौजूद पीपरपुर एसएचओ श्यामसुंदर को सत्ता के दबाव से बाहर आकर निष्पक्ष कार्रवाई करने को कहा। प्रियंका ने कहा कि पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिला तो वे 19 मई को चुनाव समाप्त होने के बाद अमेठी आकर पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक संघर्ष करेंगी।
प्रियंका को अपने बीच पाकर ग्रामीणों का दर्द छलक पड़ा। गांव के लोगों ने प्रियंका से कहा कि वे लोग वोट डालने बूथ पर गए तो पहले उन्हें वोट डालने से रोका गया। इसके चलते गांव के करीब 40 लोग वोट नहीं डाल सके। कुछ युवकों ने वोट डाल दिया तो शाम को उन्हें पीटा गया।
उन्होंने प्रियंका से कहा कि भाजपा समर्थकों के आतंक से बच्चे दो दिन से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों की बातें सुनने के बाद प्रियंका ने कहा कि आप लोग डरें नहीं। पहले मेरे पिता, मां और भाई आपके साथ थे, अब मैं भी आपके साथ हूं।
प्रियंका ने अपने साथ रहे धीरज श्रीवास्तव से कहा कि ग्रामीणों को वोट डालने से रोकने और मारपीट कर भयभीत करने की शिकायत वे चुनाव आयोग से करें। साथ ही पूरे मामले को स्वयं देखें तथा ये सुनिश्चित करें कि पीड़ितों को न्याय मिले और दोबारा उनका उत्पीड़न नहीं हो।
वहीं, अमेठी के क्षेत्राधिकारी पीयूषकांत राय ने कहा कि जो लोग अपने साथ चुनाव के दिन वोट डालने से रोकने व मारपीट की बात कर रहे हैं उन्होंनेे ऐसी कोई शिकायत पुलिस से नहीं की। एसएचओ को गांव जाकर पूरे मामले की जांच करने, ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने व तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा गया है।
विज्ञापन
अमेठी। पीपरपुर थाना क्षेत्र के त्रिसुंडी गांव में मतदान के दिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पिटाई और फिर पीड़ित पक्ष के पुलिसिया उत्पीड़न के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बृहस्पतिवार को अचानक त्रिसुंडी पहुंचीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुलिस-प्रशासन को आड़ेे हाथों लिया।
प्रियंका ने पीड़ित कांग्रेस कार्यकर्ता को न्याय नहीं मिलने पर चुनाव के बाद संघर्ष का ऐलान किया। कांग्रेस महासचिव ने इस घटना को सूबे में जंगलराज का नमूना बताते हुए अमेठी समेत पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का आरोप लगाया।
विज्ञापन
अमेठी विधानसभा क्षेत्र के त्रिसुंडी बूथ पर छह मई को मतदान समाप्त होने के बाद गांव के ही कुछ भाजपा समर्थकों ने पूर्व ग्राम प्रधान बलराम यादव के भतीजे निरंजन व मान सिंह को पीट दिया था। बलराम की मानें तो इन्हीं लोगों ने देर शाम उनके घर पर हमला कर फिर मारपीट की।
विज्ञापन
सात मई को इन लोगों ने मुखबिरी के आरोप में एक अन्य युवक को पीटा तो बलराम पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए। बलराम पक्ष के लोगों ने सात मई की दोपहर में रामगंज बाजार में मारपीट करने वालों में से एक की पिटाई कर दी।
इस घटना में पिटने वाले की तहरीर पर पुलिस ने बलराम पक्ष के चार लोगों के खिलाफ लूट का केस दर्ज कर लिया। आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद दबिश देने पहुंची रामगंज चौकी पुलिस ने बलराम के घर में तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं पुलिस ने बलराम के एक भतीजे को भी हिरासत में ले लिया।
आठ मई को पुलिस ने बलराम के भाई तारकेश्वर की पत्नी सुदामा (शिक्षामित्र) को स्कूल से लौटते वक्त हिरासत में ले लिया। भाजपाइयों की दबंगई व पुलिस प्रताड़ना से आजिज बलराम परिवारीजनों के साथ गौरीगंज पहुंचे और राहुल गांधी के प्रतिनिधि चंद्रकांत को आपबीती सुनाई।
इसी मामले को लेकर बृहस्पतिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा दोपहर साढ़े तीन बजे अचानक त्रिसुंडी गांव पहुंच गईं। प्रियंका को अपने बीच पाकर बलराम के घर की महिलाएं भावुक हो गईं।
प्रियंका ने पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद मौके पर मौजूद पीपरपुर एसएचओ श्यामसुंदर को सत्ता के दबाव से बाहर आकर निष्पक्ष कार्रवाई करने को कहा। प्रियंका ने कहा कि पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिला तो वे 19 मई को चुनाव समाप्त होने के बाद अमेठी आकर पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक संघर्ष करेंगी।
प्रियंका को अपने बीच पाकर ग्रामीणों का दर्द छलक पड़ा। गांव के लोगों ने प्रियंका से कहा कि वे लोग वोट डालने बूथ पर गए तो पहले उन्हें वोट डालने से रोका गया। इसके चलते गांव के करीब 40 लोग वोट नहीं डाल सके। कुछ युवकों ने वोट डाल दिया तो शाम को उन्हें पीटा गया।
उन्होंने प्रियंका से कहा कि भाजपा समर्थकों के आतंक से बच्चे दो दिन से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों की बातें सुनने के बाद प्रियंका ने कहा कि आप लोग डरें नहीं। पहले मेरे पिता, मां और भाई आपके साथ थे, अब मैं भी आपके साथ हूं।
प्रियंका ने अपने साथ रहे धीरज श्रीवास्तव से कहा कि ग्रामीणों को वोट डालने से रोकने और मारपीट कर भयभीत करने की शिकायत वे चुनाव आयोग से करें। साथ ही पूरे मामले को स्वयं देखें तथा ये सुनिश्चित करें कि पीड़ितों को न्याय मिले और दोबारा उनका उत्पीड़न नहीं हो।
वहीं, अमेठी के क्षेत्राधिकारी पीयूषकांत राय ने कहा कि जो लोग अपने साथ चुनाव के दिन वोट डालने से रोकने व मारपीट की बात कर रहे हैं उन्होंनेे ऐसी कोई शिकायत पुलिस से नहीं की। एसएचओ को गांव जाकर पूरे मामले की जांच करने, ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने व तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा गया है।