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लंभुआ ग्राम सभा के आठ सदस्यों ने दिया सामूहिक इस्तीफा
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लंभुआ। लंभुआ ग्रामसभा के लोगों की ओर से ग्राम प्रधान पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत की गई थी। शिकायत की जांच में दोषी पाए जाने पर ग्राम प्रधान को निलंबित कर दिया गया था। विकास कार्य सुचारु रूप से चले, इसके लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन हुआ था। गठित समिति पर गबन का आरोप लगाते हुए अन्य आठ सदस्यों ने एडीओ पंचायत को सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंप दिया है।
लंभुआ ग्रामसभा में व्याप्त वित्तीय अनियमितता के आरोप के कारण ग्राम प्रधान रहीं पूनम अग्रहरि निलंबित हो चुकी हैं। इसके चलते ग्रामसभा में विकास कार्य व वित्तीय लेनदेन के लिए एक समिति का गठन हुआ है। समिति में लालजी, साधना सोनी व जयशंकर को शामिल किया गया है।
सदस्यों का आरोप है कि विकास व वित्तीय लेनदेन के लिए गठित समिति के सदस्यों ने ग्रामसभा की धनराशि गलत ढंग से निकाल कर बंदरबांट कर ली है। ग्राम सभा में जो कार्य पहले हो चुका है, उसका भी टेंडर 15 अगस्त को प्रकाशित कराया गया। समिति के तीनों सदस्यों को ग्रामसभा में हुए कार्यों पर ग्राम प्रधान के रूप में दर्शाया गया है। वित्तीय अनियमितता के चलते आठ सदस्यों ने सामूहिक रूप से शपथ पत्र के साथ अपना इस्तीफा एडीओ पंचायत को सौंप दिया।
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सभी ने आरोप लगाया है कि तीन सदस्यीय समिति की ओर से कराए गए किसी भी कार्य की जिम्मेदारी उन लोगों की नहीं है। मामले की जानकारी के लिए खंड विकास अधिकारी के सीयूजी नंबर पर फोन करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
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लंभुआ ग्रामसभा में व्याप्त वित्तीय अनियमितता के आरोप के कारण ग्राम प्रधान रहीं पूनम अग्रहरि निलंबित हो चुकी हैं। इसके चलते ग्रामसभा में विकास कार्य व वित्तीय लेनदेन के लिए एक समिति का गठन हुआ है। समिति में लालजी, साधना सोनी व जयशंकर को शामिल किया गया है।
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सदस्यों का आरोप है कि विकास व वित्तीय लेनदेन के लिए गठित समिति के सदस्यों ने ग्रामसभा की धनराशि गलत ढंग से निकाल कर बंदरबांट कर ली है। ग्राम सभा में जो कार्य पहले हो चुका है, उसका भी टेंडर 15 अगस्त को प्रकाशित कराया गया। समिति के तीनों सदस्यों को ग्रामसभा में हुए कार्यों पर ग्राम प्रधान के रूप में दर्शाया गया है। वित्तीय अनियमितता के चलते आठ सदस्यों ने सामूहिक रूप से शपथ पत्र के साथ अपना इस्तीफा एडीओ पंचायत को सौंप दिया।
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सभी ने आरोप लगाया है कि तीन सदस्यीय समिति की ओर से कराए गए किसी भी कार्य की जिम्मेदारी उन लोगों की नहीं है। मामले की जानकारी के लिए खंड विकास अधिकारी के सीयूजी नंबर पर फोन करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका।