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दूसरे राज्यों से पहुंचे 786 लोग, प्रशासन ने किया क्वारंटीन
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सुल्तानपुर। लॉकडाउन के बीच सोमवार को तीसरे दिन भी परदेसियों के पहुंचने का क्रम जारी रहा। 786 परदेसियों के विभिन्न जगहों से पहुंचने से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। प्रशासन ने गठित टीम से परदेसियों की स्क्रीनिंग कराने के बाद उन्हें क्वारंटीन कर दिया है।
साथ ही उनके भोजन आदि की भी व्यवस्था की है। इस बीच कुछ लापरवाह किस्म के लोग चुपके से अपने गांव भी पहुंच गए हैं। ग्राम पंचायतों में लगाए गए कर्मचारियों व ग्राम प्रधानों की मदद से प्रशासन ऐसे लोगों की सूचनाएं एकत्र कर रहा है। सोमवार को भी डीएम व एसपी ने विभिन्न जगहों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
प्रशासन के मुताबिक शनिवार से सोमवार की दोपहर तक गैर प्रांतों व जनपदों से परदेसियों के आने का क्रम लगातार जारी रहा। रविवार की दोपहर तक विभिन्न जगहों से जिले में 214 लोग पहुंचे थे। सोमवार को परदेसियों के पहुंचने की संख्या 786 हो गई।
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इसके पहले करीब साढ़े पांच हजार लोग विभिन्न जगहों से आ चुके हैं। रविवार की दोपहर से सोमवार की दोपहर तक 786 लोगों के और पहुंच जाने से प्रशासन की धडकनें बढ़ गई हैं। विभिन्न साधनों से व पैदल लोगों के लगातार पहुंचने की सूचना पर प्रशासन की ओर से गठित टीम की देखरेख में परदेसियों की स्क्रीनिंग कराई गई।
एडीएम वित्त उमाकांत त्रिपाठी ने बताया कि स्क्रीनिंग के बाद 170 परदेसियों को एहतियात के तौर पर रैन बसेरे में क्वारंटीन कर दिया है। 21 परदेसियों को गांव भेजते हुए उन्हेें घर पर ही क्वारंटीन करके नोटिस चस्पा कर दी गई है। 595 परदेसियों की स्क्रीनिंग के बाद पूर्ण स्वस्थ मिलने पर उन्हें बसों से घर पर भेज दिया गया है।
परदेसियों के पहुंचने की मिल रही सूचना पर जिलाधिकारी सी. इंदुमती व पुलिस अधीक्षक शिवहरी मीणा ने अधिकारियों के साथ बस स्टेशन, जिला अस्पताल समेत अन्य जगहों का निरीक्षण किया। डीएम ने परीक्षण व व्यवस्था में लगी टीम का उत्साहवर्धन किया।
बताया कि परदेसियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उन्हें क्वारंटीन किया जा रहा है। चुपके से गांव पहुंचे लोगों की सूचना प्रशासन ग्राम पंचायत कर्मियों व ग्राम प्रधानों के जरिए एकत्र कर रहा है। ग्राम प्रधानों को ऐसे लोगों की सूचना तुरंत देने व उन्हें क्वारंटीन करने को कहा गया है। प्रशासन के निर्देश का असर हुआ कि अधिकांश गांवों में ग्राम प्रधानों ने परदेसियों को अलग रखने की व्यवस्था पर अमल शुरू कर दिया है। साथ ही प्रशासन को लगातार सूचना दी जा रही है।
जिले में विदेश से आने वालों का क्रम भी जारी है। विभिन्न देशों से दो दिनों के भीतर जिले में 21 लोग पहुंचे हैं। एडीएम वित्त उमाकांत त्रिपाठी ने बताया कि अभी तक जिले में विदेश से कुल 240 लोग पहुंच चुके हैं। उनके स्वास्थ्य का चेकअप कराने के बाद उन्हें क्वारंटीन किया गया है। सभी के रहने व खान-पाने की व्यवस्था की गई है। चिकित्सीय टीम लगातार निगरानी कर रही है।
लॉकडाउन के चौथे दिन से ही विभिन्न साधनों व पैदल जिले में परदेसियों के पहुंचने की संख्या बढ़ गई है। विभिन्न जगहों से पलायन कर बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोगों से व्यवस्था पर असर पड़ा है। भीड़ में लोगों के पहुंचने से वायरस के संक्रमण को लेकर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। डीएम सी. इंदुमती ने बताया कि फिलहाल अभी तक जिला सुरक्षित बना है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
लॉकडाउन के छठवें दिन भी जिले में कर्फ्यू जैसा नजारा रहा। सोमवार को भी प्रमुख सडक़ों पर तकरीबन सन्नाटा पसरा रहा और दुकानें बंद रहीं। कमोबेश ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही हाल रहा। हालांकि मोहल्लों में लोग सुबह-शाम सतर्कता पर कम ध्यान दे रहे हैं।
कुछ युवा बेवजह सडक़ों पर फर्राटा भर रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लॉकडाउन में मेडिकल स्टोर व कुछ आवश्यक सामाग्री की चिह्नित दुकानें खुली रहीं। लोग इन पर खरीदारी करते रहे। खरीदारी के समय सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कुछ दुकानों पर लोग नहीं करते दिखे।
छठवें दिन भी डीएम सी. इंदुमती व एसपी शिवहरी मीणा, एडीएम वित्त उमाकांत त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन हर्षदेव पांडेय ने शहर का निरीक्षण कर लॉकडाउन का जायजा लिया। डीएम व एसपी ने संक्रमण का खतरा रोकने के लिए लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी है। साथ ही खरीदारी के वक्त आपस में कम से कम एक मीटर का फासला बनाए रखने की सलाह दी है। कहा कि आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी।
शहर में मेडिकल स्टोर व बसों पर सोशल डिस्टेंसिंग में लोगों की लापरवाही दिखी। दुकानों पर दवाओं की खरीद के लिए प्रशासन के निर्देश पर बनाए गए गोले को छोड़कर लोग एक दूसरे से सटकर दवाएं खरीदते रहे। पलायन कर जिले में पहुंचे लोग घर पहुंचने की जल्दबाजी में बस में बैठने के लिए एक साथ टूट पड़े। इसी तरह कुछ अन्य जगहों पर भी लोगों ने लापरवाही दिखाई।
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साथ ही उनके भोजन आदि की भी व्यवस्था की है। इस बीच कुछ लापरवाह किस्म के लोग चुपके से अपने गांव भी पहुंच गए हैं। ग्राम पंचायतों में लगाए गए कर्मचारियों व ग्राम प्रधानों की मदद से प्रशासन ऐसे लोगों की सूचनाएं एकत्र कर रहा है। सोमवार को भी डीएम व एसपी ने विभिन्न जगहों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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प्रशासन के मुताबिक शनिवार से सोमवार की दोपहर तक गैर प्रांतों व जनपदों से परदेसियों के आने का क्रम लगातार जारी रहा। रविवार की दोपहर तक विभिन्न जगहों से जिले में 214 लोग पहुंचे थे। सोमवार को परदेसियों के पहुंचने की संख्या 786 हो गई।
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इसके पहले करीब साढ़े पांच हजार लोग विभिन्न जगहों से आ चुके हैं। रविवार की दोपहर से सोमवार की दोपहर तक 786 लोगों के और पहुंच जाने से प्रशासन की धडकनें बढ़ गई हैं। विभिन्न साधनों से व पैदल लोगों के लगातार पहुंचने की सूचना पर प्रशासन की ओर से गठित टीम की देखरेख में परदेसियों की स्क्रीनिंग कराई गई।
एडीएम वित्त उमाकांत त्रिपाठी ने बताया कि स्क्रीनिंग के बाद 170 परदेसियों को एहतियात के तौर पर रैन बसेरे में क्वारंटीन कर दिया है। 21 परदेसियों को गांव भेजते हुए उन्हेें घर पर ही क्वारंटीन करके नोटिस चस्पा कर दी गई है। 595 परदेसियों की स्क्रीनिंग के बाद पूर्ण स्वस्थ मिलने पर उन्हें बसों से घर पर भेज दिया गया है।
परदेसियों के पहुंचने की मिल रही सूचना पर जिलाधिकारी सी. इंदुमती व पुलिस अधीक्षक शिवहरी मीणा ने अधिकारियों के साथ बस स्टेशन, जिला अस्पताल समेत अन्य जगहों का निरीक्षण किया। डीएम ने परीक्षण व व्यवस्था में लगी टीम का उत्साहवर्धन किया।
बताया कि परदेसियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उन्हें क्वारंटीन किया जा रहा है। चुपके से गांव पहुंचे लोगों की सूचना प्रशासन ग्राम पंचायत कर्मियों व ग्राम प्रधानों के जरिए एकत्र कर रहा है। ग्राम प्रधानों को ऐसे लोगों की सूचना तुरंत देने व उन्हें क्वारंटीन करने को कहा गया है। प्रशासन के निर्देश का असर हुआ कि अधिकांश गांवों में ग्राम प्रधानों ने परदेसियों को अलग रखने की व्यवस्था पर अमल शुरू कर दिया है। साथ ही प्रशासन को लगातार सूचना दी जा रही है।
जिले में विदेश से आने वालों का क्रम भी जारी है। विभिन्न देशों से दो दिनों के भीतर जिले में 21 लोग पहुंचे हैं। एडीएम वित्त उमाकांत त्रिपाठी ने बताया कि अभी तक जिले में विदेश से कुल 240 लोग पहुंच चुके हैं। उनके स्वास्थ्य का चेकअप कराने के बाद उन्हें क्वारंटीन किया गया है। सभी के रहने व खान-पाने की व्यवस्था की गई है। चिकित्सीय टीम लगातार निगरानी कर रही है।
लॉकडाउन के चौथे दिन से ही विभिन्न साधनों व पैदल जिले में परदेसियों के पहुंचने की संख्या बढ़ गई है। विभिन्न जगहों से पलायन कर बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोगों से व्यवस्था पर असर पड़ा है। भीड़ में लोगों के पहुंचने से वायरस के संक्रमण को लेकर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। डीएम सी. इंदुमती ने बताया कि फिलहाल अभी तक जिला सुरक्षित बना है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
लॉकडाउन के छठवें दिन भी जिले में कर्फ्यू जैसा नजारा रहा। सोमवार को भी प्रमुख सडक़ों पर तकरीबन सन्नाटा पसरा रहा और दुकानें बंद रहीं। कमोबेश ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही हाल रहा। हालांकि मोहल्लों में लोग सुबह-शाम सतर्कता पर कम ध्यान दे रहे हैं।
कुछ युवा बेवजह सडक़ों पर फर्राटा भर रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लॉकडाउन में मेडिकल स्टोर व कुछ आवश्यक सामाग्री की चिह्नित दुकानें खुली रहीं। लोग इन पर खरीदारी करते रहे। खरीदारी के समय सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कुछ दुकानों पर लोग नहीं करते दिखे।
छठवें दिन भी डीएम सी. इंदुमती व एसपी शिवहरी मीणा, एडीएम वित्त उमाकांत त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन हर्षदेव पांडेय ने शहर का निरीक्षण कर लॉकडाउन का जायजा लिया। डीएम व एसपी ने संक्रमण का खतरा रोकने के लिए लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी है। साथ ही खरीदारी के वक्त आपस में कम से कम एक मीटर का फासला बनाए रखने की सलाह दी है। कहा कि आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी।
शहर में मेडिकल स्टोर व बसों पर सोशल डिस्टेंसिंग में लोगों की लापरवाही दिखी। दुकानों पर दवाओं की खरीद के लिए प्रशासन के निर्देश पर बनाए गए गोले को छोड़कर लोग एक दूसरे से सटकर दवाएं खरीदते रहे। पलायन कर जिले में पहुंचे लोग घर पहुंचने की जल्दबाजी में बस में बैठने के लिए एक साथ टूट पड़े। इसी तरह कुछ अन्य जगहों पर भी लोगों ने लापरवाही दिखाई।