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अल्ट्रासाउंड सेंटर व नर्सिंग होमों की होगी जांच
Updated Tue, 13 Jun 2017 03:19 AM IST
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अल्ट्रासाउंड सेंटर और
नर्सिंग होम की होगी जांच
क्रासर
अवैध मिलने पर संस्थान सील कर दर्ज होगा केस
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। जिले में तीन अल्ट्रासाउंड सेंटरों के अवैध रूप से संचालित होने का मामला पकड़ में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर व नर्सिंग होम की जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच में संचालन से जुड़े अभिलेख दुरुस्त नहीं होने अथवा निर्धारित मानक पूरा नहीं करने वाले सेंटरों व नर्सिेंग होम को सील कर उनके संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो दिन पूर्व कराई गई जांच में तीन अल्ट्रासाउंड सेंटर अवैध रूप से संचालित मिले थे। तीनों सेंटरों को तत्काल सील कर उनके संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। तीन सेंटरों का मामला पकड़ में आने के बाद सीएमओ ने जिले में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर व नर्सिंग होम की वैधता की जांच कराने का निर्णय लिया है। निरीक्षण अभियान को पारदर्शी व प्रभावी बनाने के लिए सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने डीएम के आदेश से स्वास्थ्य व प्रशासन की संयुक्त टीम गठित कराई है। गठित टीम को तहसीलवार इन संस्थानों की चेकिंग करने को कहा गया है। सीएमओ ने बताया कि अब तक जिले में संचालित कुल 22 अल्ट्रासाउंड सेंटरों में आठ की जांच की जा चुकी है। कहा कि इन संस्थानों पर कार्यरत चिकित्सकों का भारतीय चिकित्सा परिषद लखनऊ तथा सीएमओ कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य है।
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नर्सिंग होम की होगी जांच
क्रासर
अवैध मिलने पर संस्थान सील कर दर्ज होगा केस
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। जिले में तीन अल्ट्रासाउंड सेंटरों के अवैध रूप से संचालित होने का मामला पकड़ में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर व नर्सिंग होम की जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच में संचालन से जुड़े अभिलेख दुरुस्त नहीं होने अथवा निर्धारित मानक पूरा नहीं करने वाले सेंटरों व नर्सिेंग होम को सील कर उनके संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो दिन पूर्व कराई गई जांच में तीन अल्ट्रासाउंड सेंटर अवैध रूप से संचालित मिले थे। तीनों सेंटरों को तत्काल सील कर उनके संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। तीन सेंटरों का मामला पकड़ में आने के बाद सीएमओ ने जिले में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर व नर्सिंग होम की वैधता की जांच कराने का निर्णय लिया है। निरीक्षण अभियान को पारदर्शी व प्रभावी बनाने के लिए सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने डीएम के आदेश से स्वास्थ्य व प्रशासन की संयुक्त टीम गठित कराई है। गठित टीम को तहसीलवार इन संस्थानों की चेकिंग करने को कहा गया है। सीएमओ ने बताया कि अब तक जिले में संचालित कुल 22 अल्ट्रासाउंड सेंटरों में आठ की जांच की जा चुकी है। कहा कि इन संस्थानों पर कार्यरत चिकित्सकों का भारतीय चिकित्सा परिषद लखनऊ तथा सीएमओ कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य है।
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