{"_id":"59625e824f1c1bf8468b4695","slug":"61499618946-sultanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घटतौली करने के मामले में मेसर्स रिफ्यूल सेंटर के विरुद्ध केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घटतौली करने के मामले में मेसर्स रिफ्यूल सेंटर के विरुद्ध केस दर्ज
Updated Sun, 09 Jul 2017 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घटतौली में मेसर्स रिफ्यूल
सेंटर के विरुद्ध केस दर्ज
क्रासर-
कोतवाली क्षेत्र के ककवा रोड स्थित पेट्रोल पंप का मामला
बंद नोजल होने पर भी केस दर्ज कराने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
अमेठी। कोतवाली क्षेत्र के ककवा रोड़ बरियापुर स्थित पेट्रोल पंप की जांच के दौरान एक पेट्रोल नोजल से घटतौली पाए जाने के मामले में पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। पेट्रोल पंप मालिक का आरोप है कि कंपनी की ओर से सील बंद नोजल होने के बाद भी केस दर्ज कराया गया है।
शासन के निर्देश पर पेट्रोल पंपों के विरुद्ध चेकिंग अभियान चलाया गया था। बीती 20 मई को कोतवाली क्षेत्र के ककवा रोड बरियापुर स्थित मेसर्स रिफ्यूल सेंटर पेट्रोल पंप की गठित टीम द्वारा जांच की गयी। जांच के दौरान पेट्रोल मशीन के एक पेट्रोल नोजल से पांच लीटर में 30 मिलीलीटर तेल कम पाया गया। जांच रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर पूर्ति निरीक्षक दिनेश कुमार की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने शनिवार देर शाम मेसर्स रिफ्यूल सेंटर के विरुद्ध 3/7 ईसी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
इनसेट
‘टीम ने गलत तरीके से तोड़ी सील’
पेट्रोल पंप संचालक मोहम्मद लईक हवारी ने बताया कि कंपनी से जब मशीन आई थी तब उसकी रीडिंग 1570 थी। कंपनी के अधिकारियों द्वारा चेकिंग के दौरान 44 लीटर तेल निकाला गया। मशीन में खराबी पाए जाने पर कंपनी की ओर से 14 मई को नोजल बंद कर सील कर दिया गया था। आरोप लगाया कि टीम ने कंपनी द्वारा सील की गयी मशीन की नोजल की सील को तोड़कर गलत किया। कहा कि 15 मई को सील नोजल की रिपोर्ट जिला पूर्ति अधिकारी को उपलब्ध करा दी गयी थी। कहा कि इसके खिलाफ वे न्यायालय की शरण लेंगे।
विज्ञापन
इनसेट
समय पर अभिलेख नहीं कराए गए उपलब्ध
डीएसओ अखिलेश श्रीवास्तव से इस संबंध में पूछने पर उन्होंने बताया कि समय पर कंपनी द्वारा सील अभिलेख व रिपोर्ट नहीं उपलब्ध कराई गयी। जांच के दौरान जो भी पाया गया उस पर कार्रवाई की गयी है। जिला पूर्ति कार्यालय में 15 मई को अभिलेख/रिपोर्ट उपलब्ध कराने के संबंध में डीएसओ ने कहा कि वह फर्जी है हमारे किसी स्टाफ का हस्ताक्षर नहीं है।
विज्ञापन
सेंटर के विरुद्ध केस दर्ज
क्रासर-
कोतवाली क्षेत्र के ककवा रोड स्थित पेट्रोल पंप का मामला
बंद नोजल होने पर भी केस दर्ज कराने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
अमेठी। कोतवाली क्षेत्र के ककवा रोड़ बरियापुर स्थित पेट्रोल पंप की जांच के दौरान एक पेट्रोल नोजल से घटतौली पाए जाने के मामले में पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। पेट्रोल पंप मालिक का आरोप है कि कंपनी की ओर से सील बंद नोजल होने के बाद भी केस दर्ज कराया गया है।
शासन के निर्देश पर पेट्रोल पंपों के विरुद्ध चेकिंग अभियान चलाया गया था। बीती 20 मई को कोतवाली क्षेत्र के ककवा रोड बरियापुर स्थित मेसर्स रिफ्यूल सेंटर पेट्रोल पंप की गठित टीम द्वारा जांच की गयी। जांच के दौरान पेट्रोल मशीन के एक पेट्रोल नोजल से पांच लीटर में 30 मिलीलीटर तेल कम पाया गया। जांच रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर पूर्ति निरीक्षक दिनेश कुमार की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने शनिवार देर शाम मेसर्स रिफ्यूल सेंटर के विरुद्ध 3/7 ईसी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
इनसेट
‘टीम ने गलत तरीके से तोड़ी सील’
पेट्रोल पंप संचालक मोहम्मद लईक हवारी ने बताया कि कंपनी से जब मशीन आई थी तब उसकी रीडिंग 1570 थी। कंपनी के अधिकारियों द्वारा चेकिंग के दौरान 44 लीटर तेल निकाला गया। मशीन में खराबी पाए जाने पर कंपनी की ओर से 14 मई को नोजल बंद कर सील कर दिया गया था। आरोप लगाया कि टीम ने कंपनी द्वारा सील की गयी मशीन की नोजल की सील को तोड़कर गलत किया। कहा कि 15 मई को सील नोजल की रिपोर्ट जिला पूर्ति अधिकारी को उपलब्ध करा दी गयी थी। कहा कि इसके खिलाफ वे न्यायालय की शरण लेंगे।
विज्ञापन
इनसेट
समय पर अभिलेख नहीं कराए गए उपलब्ध
डीएसओ अखिलेश श्रीवास्तव से इस संबंध में पूछने पर उन्होंने बताया कि समय पर कंपनी द्वारा सील अभिलेख व रिपोर्ट नहीं उपलब्ध कराई गयी। जांच के दौरान जो भी पाया गया उस पर कार्रवाई की गयी है। जिला पूर्ति कार्यालय में 15 मई को अभिलेख/रिपोर्ट उपलब्ध कराने के संबंध में डीएसओ ने कहा कि वह फर्जी है हमारे किसी स्टाफ का हस्ताक्षर नहीं है।