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रिफिलिंग के लिए वापस नहीं आए 60 फीसदी उज्ज्वला कनेक्शन
Amarujala Bureau
Updated Sat, 24 Jun 2017 11:17 PM IST
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gas connection
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उज्ज्वला योजना के तहत घरेलू गैस का कनेक्शन पाने वाले गरीब परिवारों में तकरीबन 60 फीसदी कनेक्शनधारक दोबारा गैस भराने के लिए एजेंसी पर नहीं आए हैं। आर्थिक तंगी के कारण के उज्ज्वला कनेक्शन धारकों ने फिर चूल्हे पर लकड़ी से खाना बनाना शुरू कर दिया है।
हालांकि कई गरीब परिवारों के लिए उज्ज्वला योजना कारगर साबित हो रही है। 40 फीसदी लोग नियमित रिफिल करा रहे हैं। केंद्र सरकार की प्रमुख वरीयता में शामिल उज्ज्वला योजना में जिले में करीब एक लाख 16 हजार गरीब परिवारों को घरेलू गैस का कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसमें अभी तक करीब 63 हजार कनेक्शन दिए गए हैं। उज्ज्वला योजना में कनेक्शन देने के लिए वर्ष 2011 में कराई गई आर्थिक गणना को आधार बनाया गया है।बीपीएल सूची में दर्ज गरीब परिवारों को उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन देने की योजना बनी है। पूर्ति विभाग की मानें तो जिले में 23 गैस एजेंसी है।
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इनमें भारत पेट्रोलियम की पांच गैस एजेंसी, हिंदुस्तान पेट्रोलियम की आठ गैस एजेंसी और इंडेन की 10 गैस एजेंसी संचालित हो रही है। उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन देने के नाम पर अवैध वसूली करने की शिकायतें कई बार सामने आ चुकी हैं। फिर भी वसूली करने वाले गैस एजेंसी संचालकों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
सुल्तानपुर गैस सर्विस के संचालक जियाउल हसनैन उर्फ गुड्डू ने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत दो तरीके से गरीब परिवारों को गैस का कनेक्शन दिया जाता है। बीपीएल सूची में दर्ज परिवार अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक और निवास के प्रूफ के साथ आवेदन पत्र संबंधित एजेंसी पर जमा करता है।
एजेंसी से बीपीएल सूची को चेक करने के बाद कनेक्शन देने के लिए आवेदक को बुलाया जाता है। कनेक्शनधारक को चूल्हे का 990 रुपये और गैस की रिफिल का मूल्य देना पड़ता है। इसके साथ रेग्यूलेटर, पाइप निशुल्क दी जाती है। उन्होंने बताया कि कनेक्शन के समय ली जाने वाली सिक्योरिटी राशि 1600 रुपये केंद्र सरकार की ओर से वहन की जाती है।
इस श्रेणी में कनेक्शन लेने वाले गरीब परिवार को सब्सिडी राशि उनके खाते में तुरंत भेजना शुरू कर दिया जाता है जबकि यदि कोई गरीब परिवार उज्ज्वला योजना में लोन पर गैस कनेक्शन लेता है और कनेक्शन लेते समय कोई धनराशि नहीं देता है तो उसे कनेक्शन देने के बाद सब्सिडी नहीं दी जाती है। ऐसे कनेक्शन धारक को तब तक सब्सिडी नहीं मिलेगी जब तक कि चूल्हा व गैस का दाम पूरा नहीं हो जाता है।
उज्ज्वला योजना के नोडल अधिकारी अमनप्रीत ने बताया कि इस योजना के तहत रसोई गैस भरवाने, उसके सही उपयोग करने से संबंधित शिकायतों के लिए मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। कोई भी उपभोक्ता शिकायत पत्र भेजकर या उनके मोबाइल नंबर 9478594806 पर फोन करके कर सकता है। शिकायत का तत्काल निस्तारण किया जाएगा।
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हालांकि कई गरीब परिवारों के लिए उज्ज्वला योजना कारगर साबित हो रही है। 40 फीसदी लोग नियमित रिफिल करा रहे हैं। केंद्र सरकार की प्रमुख वरीयता में शामिल उज्ज्वला योजना में जिले में करीब एक लाख 16 हजार गरीब परिवारों को घरेलू गैस का कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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इसमें अभी तक करीब 63 हजार कनेक्शन दिए गए हैं। उज्ज्वला योजना में कनेक्शन देने के लिए वर्ष 2011 में कराई गई आर्थिक गणना को आधार बनाया गया है।बीपीएल सूची में दर्ज गरीब परिवारों को उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन देने की योजना बनी है। पूर्ति विभाग की मानें तो जिले में 23 गैस एजेंसी है।
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इनमें भारत पेट्रोलियम की पांच गैस एजेंसी, हिंदुस्तान पेट्रोलियम की आठ गैस एजेंसी और इंडेन की 10 गैस एजेंसी संचालित हो रही है। उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन देने के नाम पर अवैध वसूली करने की शिकायतें कई बार सामने आ चुकी हैं। फिर भी वसूली करने वाले गैस एजेंसी संचालकों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
सुल्तानपुर गैस सर्विस के संचालक जियाउल हसनैन उर्फ गुड्डू ने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत दो तरीके से गरीब परिवारों को गैस का कनेक्शन दिया जाता है। बीपीएल सूची में दर्ज परिवार अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक और निवास के प्रूफ के साथ आवेदन पत्र संबंधित एजेंसी पर जमा करता है।
एजेंसी से बीपीएल सूची को चेक करने के बाद कनेक्शन देने के लिए आवेदक को बुलाया जाता है। कनेक्शनधारक को चूल्हे का 990 रुपये और गैस की रिफिल का मूल्य देना पड़ता है। इसके साथ रेग्यूलेटर, पाइप निशुल्क दी जाती है। उन्होंने बताया कि कनेक्शन के समय ली जाने वाली सिक्योरिटी राशि 1600 रुपये केंद्र सरकार की ओर से वहन की जाती है।
इस श्रेणी में कनेक्शन लेने वाले गरीब परिवार को सब्सिडी राशि उनके खाते में तुरंत भेजना शुरू कर दिया जाता है जबकि यदि कोई गरीब परिवार उज्ज्वला योजना में लोन पर गैस कनेक्शन लेता है और कनेक्शन लेते समय कोई धनराशि नहीं देता है तो उसे कनेक्शन देने के बाद सब्सिडी नहीं दी जाती है। ऐसे कनेक्शन धारक को तब तक सब्सिडी नहीं मिलेगी जब तक कि चूल्हा व गैस का दाम पूरा नहीं हो जाता है।
उज्ज्वला योजना के नोडल अधिकारी अमनप्रीत ने बताया कि इस योजना के तहत रसोई गैस भरवाने, उसके सही उपयोग करने से संबंधित शिकायतों के लिए मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। कोई भी उपभोक्ता शिकायत पत्र भेजकर या उनके मोबाइल नंबर 9478594806 पर फोन करके कर सकता है। शिकायत का तत्काल निस्तारण किया जाएगा।