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नहरों की पटरियां कटने से 500 बीघा फसल जलमग्न
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सुल्तानपुर। रबी के सीजन में एक बार फिर नहर के पानी ने तबाही मचाई है। बृहस्पतिवार रात तीन अगल-अलग स्थानों पर नहर व माइनर की पटरी कट गई।
देर रात भपटा गांव के पास नहर की पटरी कटने से करीब 400 बीघा फसल जलमग्न हो गई, वहीं अभियाकलां व सिप्तापुर में माइनर की पटरी कटने से 100 बीघा फसल चौपट हो गई। कटान से गेहूं, चना, सरसों, मटर समेत अन्य फसलें पानी में डूबी हैं।
शुक्रवार को पहुंचे सिंचाई खंड के अधिकारियों ने हेड से पानी बंद करवाकर कटान स्थल को बांधने का काम शुरू किया। देर शाम तक कटान स्थल को बांधने का कार्य जारी रहा।
भदैंया विकास खंड क्षेत्र में सिंचाई खंड के अंतर्गत संचालित रामगंज रजबहा (नहर) में बृहस्पतिवार की देर रात भपटा गांव के पास अचानक कटान हो गई। पटरी में कटान से नहर का पानी आस-पास के खेतों में भरने लगा।
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रात में कटान की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने सिंचाई खंड के अधिकारियों को प्रकरण की जानकारी देते हुए कटान को बांधने का प्रयास शुरू कर दिया। पानी का बहाव तेज होने की वजह से कटान का दायरा बढ़ने लगा।
रात भर पानी बहने से नहर की पटरी की कटान का दायरा बढ़कर करीब छह फुट तक पहुंच गया। पानी से आस-पास के भपटा, चैनपुर, रामपुर, मझिलेगांव, सेमरी गांव के करीब चार किमी के दायरे में स्थित लगभग 400 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई। खेतों में बोई गई गेहूं, चना, सरसों, मटर समेत अन्य फसलें पानी में डूब गईं।
वहीं, रामगंज रजबहा से जुड़ी भदैंया माइनर की पटरी में अभियाकलां व सिप्तापुर गांव के पास भी रात में अचानक कटान हो गई। माइनर की पटरी में कटान होने से आस-पास के खेतों में पानी जाने लगा। पूरी रात पानी का बहाव खेतों की ओर रहा। सुबह तक करीब 100 बीघा से अधिक फसल पानी में डूब गए।
शुक्रवार की सुबह सिंचाई खंड के अभियंता व अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। सबसे पहले ब्रांच हेड से पानी बंद करवाया गया। इसके बाद कटान स्थल को बांधने का काम शुरू किया गया। देर शाम तक नहर की पटरी को बांधने का काम चलता रहा। नहर के पानी से फसलों का नुकसान होने से किसानों में रोष है।
भदैंया विकास खंड क्षेत्र में नहर का पानी पहुंचते ही तीन अलग-अलग स्थानों पर हुई कटान ने सिंचाई खंड की सिल्ट सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। बुधवार की रात लाखीपुर माइनर में पूरे बाघराय गांव के पास कटान हो गई थी।
वहीं, बृहस्पतिवार की रात रामगंज रजबहे में भपटा गांव के पास कटान हो गई। इसके साथ की भदैंया माइनर की पटरी में अभियाकलां गांव के पास भी कटान हो गई। दो दिनों के भीतर करीब सात सौ बीघा खेत जलमग्न हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सिल्ट सफाई का कार्य सही ढंग से नहीं कराया गया।
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देर रात भपटा गांव के पास नहर की पटरी कटने से करीब 400 बीघा फसल जलमग्न हो गई, वहीं अभियाकलां व सिप्तापुर में माइनर की पटरी कटने से 100 बीघा फसल चौपट हो गई। कटान से गेहूं, चना, सरसों, मटर समेत अन्य फसलें पानी में डूबी हैं।
शुक्रवार को पहुंचे सिंचाई खंड के अधिकारियों ने हेड से पानी बंद करवाकर कटान स्थल को बांधने का काम शुरू किया। देर शाम तक कटान स्थल को बांधने का कार्य जारी रहा।
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भदैंया विकास खंड क्षेत्र में सिंचाई खंड के अंतर्गत संचालित रामगंज रजबहा (नहर) में बृहस्पतिवार की देर रात भपटा गांव के पास अचानक कटान हो गई। पटरी में कटान से नहर का पानी आस-पास के खेतों में भरने लगा।
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रात में कटान की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने सिंचाई खंड के अधिकारियों को प्रकरण की जानकारी देते हुए कटान को बांधने का प्रयास शुरू कर दिया। पानी का बहाव तेज होने की वजह से कटान का दायरा बढ़ने लगा।
रात भर पानी बहने से नहर की पटरी की कटान का दायरा बढ़कर करीब छह फुट तक पहुंच गया। पानी से आस-पास के भपटा, चैनपुर, रामपुर, मझिलेगांव, सेमरी गांव के करीब चार किमी के दायरे में स्थित लगभग 400 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई। खेतों में बोई गई गेहूं, चना, सरसों, मटर समेत अन्य फसलें पानी में डूब गईं।
वहीं, रामगंज रजबहा से जुड़ी भदैंया माइनर की पटरी में अभियाकलां व सिप्तापुर गांव के पास भी रात में अचानक कटान हो गई। माइनर की पटरी में कटान होने से आस-पास के खेतों में पानी जाने लगा। पूरी रात पानी का बहाव खेतों की ओर रहा। सुबह तक करीब 100 बीघा से अधिक फसल पानी में डूब गए।
शुक्रवार की सुबह सिंचाई खंड के अभियंता व अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। सबसे पहले ब्रांच हेड से पानी बंद करवाया गया। इसके बाद कटान स्थल को बांधने का काम शुरू किया गया। देर शाम तक नहर की पटरी को बांधने का काम चलता रहा। नहर के पानी से फसलों का नुकसान होने से किसानों में रोष है।
भदैंया विकास खंड क्षेत्र में नहर का पानी पहुंचते ही तीन अलग-अलग स्थानों पर हुई कटान ने सिंचाई खंड की सिल्ट सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। बुधवार की रात लाखीपुर माइनर में पूरे बाघराय गांव के पास कटान हो गई थी।
वहीं, बृहस्पतिवार की रात रामगंज रजबहे में भपटा गांव के पास कटान हो गई। इसके साथ की भदैंया माइनर की पटरी में अभियाकलां गांव के पास भी कटान हो गई। दो दिनों के भीतर करीब सात सौ बीघा खेत जलमग्न हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सिल्ट सफाई का कार्य सही ढंग से नहीं कराया गया।