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Sultanpur News: सुमंगला योजना में 49 हजार बेटियों को मिली नई उड़ान
Tue, 07 Apr 2026 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 07 Apr 2026 11:19 PM IST
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सुल्तानपुर। जिले में बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकारी योजनाएं धरातल पर असर दिखा रही हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में अब तक 49,148 बेटियां पंजीकृत हो चुकी हैं। इन्हें चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके बेहतर भविष्य की मजबूत नींव रखी जा रही है।
योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के साथ ही बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है। इसके तहत तीन लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों की अधिकतम दो बेटियों को लाभ दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत कुल 25 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में छह अलग-अलग चरणों में भेजी जाती है, ताकि जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक हर अहम पड़ाव पर बेटियों को संबल मिल सके।
जिला प्रोबेशन अधिकारी वीपी वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 6,200 नई बेटियों का पंजीकरण किया गया है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिवर्ष लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन भी कराया जा रहा है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन मिल रहा है, बल्कि स्कूल-कॉलेज तक उनकी पहुंच भी सुगम हुई है। इससे समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो रही है।
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किस्तों में मिलता है सहारा
जन्म पर 5,000 रुपये
एक वर्ष पूरा होने व टीकाकरण पर 2,000 रुपये
कक्षा 1 में प्रवेश पर 3,000 रुपये
कक्षा 6 में प्रवेश पर 3,000 रुपये
कक्षा 9 में प्रवेश पर 5,000 रुपये
इंटर के बाद स्नातक/कोर्स में प्रवेश पर 7,000 रुपये
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योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के साथ ही बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है। इसके तहत तीन लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों की अधिकतम दो बेटियों को लाभ दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत कुल 25 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में छह अलग-अलग चरणों में भेजी जाती है, ताकि जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक हर अहम पड़ाव पर बेटियों को संबल मिल सके।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी वीपी वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 6,200 नई बेटियों का पंजीकरण किया गया है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिवर्ष लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन भी कराया जा रहा है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन मिल रहा है, बल्कि स्कूल-कॉलेज तक उनकी पहुंच भी सुगम हुई है। इससे समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो रही है।
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किस्तों में मिलता है सहारा
जन्म पर 5,000 रुपये
एक वर्ष पूरा होने व टीकाकरण पर 2,000 रुपये
कक्षा 1 में प्रवेश पर 3,000 रुपये
कक्षा 6 में प्रवेश पर 3,000 रुपये
कक्षा 9 में प्रवेश पर 5,000 रुपये
इंटर के बाद स्नातक/कोर्स में प्रवेश पर 7,000 रुपये