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41,724 बच्चे जल्द पहन सकेंगे ड्रेस व स्वेटर
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सुल्तानपुर। परिषदीय, राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों के कक्षा एक से आठ तक के 41,724 बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिए ड्रेस, स्वेटर, स्कूल बैग और जूता-मोजा की धनराशि जल्द ही पहुंचेगी। अब ये बच्चे भी ड्रेस, स्वेटर पबन सकेंगे। तीसरे चरण में ज्यादातर वे अभिभावक शामिल हैं, जिनके एक से अधिक पाल्य छात्र हैं। इन बच्चों के अभिभावकों की संख्या 24,403 है।
परिषदीय प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय, सहायता प्राप्त प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय, इंटर कॉलेज व अन्य राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को दो जोड़ी ड्रेस, स्वेटर, स्कूल बैग और जूता-मोजा खरीदने के लिए सरकार की ओर से 1100-1100 रुपये डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए अभिभावकों के खातों में भेजे जा रहे हैं।
दो चरणों में 1,42,104 अभिभावकों के खाते में धनराशि पहुंच चुकी है। पहले चरण में 1,27,410 और दूसरे चरण में 14,694 अभिभावकों के खाते में धन पहुंचा है। तीसरे चरण में 41,724 विद्यार्थियों के अभिभावकों का चयन किया गया है। इन अभिभावकों के खातों में धनराशि भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए पांच बैच बनाए गये हैं।
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जिला समन्वयक एमआईएस धर्मेश गुप्ता ने बताया कि तीसरे चरण में ज्यादातर ऐसे अभिभावकों का चयन किया गया है, जिनके एक से अधिक पाल्य विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। कुल 24,403 अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिए ड्रेस, स्वेटर, स्कूल बैग और जूता-मोजा खरीदने के लिए धनराशि भेजी जा रही है।
जिला समन्वयक एमआईएस धर्मेश गुप्ता ने बताया कि अब सिर्फ नॉन सीडेड खाते ही बचे हुए हैं। ऐसे खाते जो निष्क्रिय हैं या फिर आधार से लिंक नहीं है, उनमें डीबीटी के जरिए धनराशि नहीं भेजी जा पा रही है। वहीं संदिग्ध मिले खातों को भी डीबीटी की प्रक्रिया से अलग कर दिया गया है।
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परिषदीय प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय, सहायता प्राप्त प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय, इंटर कॉलेज व अन्य राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को दो जोड़ी ड्रेस, स्वेटर, स्कूल बैग और जूता-मोजा खरीदने के लिए सरकार की ओर से 1100-1100 रुपये डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए अभिभावकों के खातों में भेजे जा रहे हैं।
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दो चरणों में 1,42,104 अभिभावकों के खाते में धनराशि पहुंच चुकी है। पहले चरण में 1,27,410 और दूसरे चरण में 14,694 अभिभावकों के खाते में धन पहुंचा है। तीसरे चरण में 41,724 विद्यार्थियों के अभिभावकों का चयन किया गया है। इन अभिभावकों के खातों में धनराशि भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए पांच बैच बनाए गये हैं।
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जिला समन्वयक एमआईएस धर्मेश गुप्ता ने बताया कि तीसरे चरण में ज्यादातर ऐसे अभिभावकों का चयन किया गया है, जिनके एक से अधिक पाल्य विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। कुल 24,403 अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिए ड्रेस, स्वेटर, स्कूल बैग और जूता-मोजा खरीदने के लिए धनराशि भेजी जा रही है।
जिला समन्वयक एमआईएस धर्मेश गुप्ता ने बताया कि अब सिर्फ नॉन सीडेड खाते ही बचे हुए हैं। ऐसे खाते जो निष्क्रिय हैं या फिर आधार से लिंक नहीं है, उनमें डीबीटी के जरिए धनराशि नहीं भेजी जा पा रही है। वहीं संदिग्ध मिले खातों को भी डीबीटी की प्रक्रिया से अलग कर दिया गया है।