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Sultanpur News: ढाई महीने में सुनाए 2976 फैसले, अब होगी रैंडम चेकिंग

Tue, 19 Dec 2023 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Tue, 19 Dec 2023 11:57 PM IST
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2976 decisions given in two and a half months, now random checking will be done
बल्दीराय(सुल्तानपुर)। मजिस्ट्रेट न्यायालयों में मुकदमे लंबे समय तक लंबित न रहें। समय से न्याय मिल जाए। 16 सितंबर को मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान यह बात कहते हुए लंबित केसों को लेकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद तहसील मजिस्ट्रेटाें ने महज ढाई महीने में करीब तीन हजार फैसले सुनाए। इससे वादकारी परेशान हैं। अब शासन ने इन फैसलों की रैंडम चेकिंग कराने का निर्णय लिया है।
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मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद तहसील बल्दीराय में एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार की अदालतों में बीते तीन माह में 2976 मुकदमे निस्तारित कर दिए गए। अब तहसील का चक्कर काट रहे वादकारियों का कहना है कि उनके हितों की अनदेखी की गई। गुणदोष के आधार पर सुनवाई न करके बिना उभय पक्षों को सुने एक पक्षीय मुकदमों को खारिज कर दिए गया। वहीं पुनर्स्थापन (वाजदायरा) प्रार्थना पत्र के कारण अधिवक्ताओं के यहां वादकारियों की लाइन लगने लगी है। अब शासन ने प्रत्येक कोर्ट के चार फैसलों की रैंडम चेकिंग का फैसला लिया है। इस बारे में तहसीलदार घनश्याम भारतीय ने बताया कि शासन स्तर पर समिति बनाई गई है। वह जिले स्तर पर गुणवत्तापरक निस्तारित मुकदमों की जांच करेगी। उसके बाद अग्रिम कार्रवाई होगी।
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परेशान अधिवक्ताओं ने सुनाई व्यथा

डोभियारा गांव निवासी कर्म नारायण तिवारी ने बताया कि हमने एसडीएम की अदालत में बंटवारे का वाद कर्म नारायण बनाम शिव सहाय योजित किया था। मेरे मौजूद रहने के बावजूद मेरा पक्ष सुने बिना ही केस खारिज कर दिया गया। ऐंजर निवासी बिंध्या तिवारी की भी यही पीड़ा है। वे कहते हैं कि एसडीएम की अदालत में बंटवारे का वाद योजित किया था। मेरी मौजूदगी के बावजूद बिना पक्ष सुने केस खारिज कर दिया गया। आरडीह गांव निवासी रबिभान शुक्ला ने एसडीएम की अदालत में वाद योजित किया था कि रास्ता की जमीन का विनिमय हो जाय। किंतु वे कहते हैं कि उन्हें सुने बिना ही केस खारिज कर दिया गया। इसी तरह राम अचल बनाम अमरावती बढ़नपुर,नरगिस बनाम अलीम कनेहटी,राजेश कुमार बनाम पंडोही हलियापुर, रमाकांत बनाम जगत यादव ऐंजर, राम अचल बनाम ग्राम पंचायत सतहरी आदि के वादी भी न्याय न मिलने का रोना रो रहे हैं।
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अधिवक्ताओं के संगठन भी नाराज



बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सितंबर अक्तूबर व नवंबर में तीनों अदालतों में पहले की अपेक्षा काफी संख्या में बिना गुण दोष के सुनवाई किए केस निस्तारित किए गए। नए सिरे से वादकारियों से पुनर्स्थापन प्रार्थना पत्र लिए गए हैं, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।




न्यू बार एसोसिएशन अध्यक्ष बृजेश कुमार यादव ने बताया कि इन तीन महीनों में पहले की अपेक्षा काफी मुकदमों को निस्तारित किया गया है। अब ऐसे अनेक मामलों में बड़ी संख्या में वादकारी वाजदायर कर रहे हैं।





अभी लंबित हैं 1162 केस

तहसील में अभी भी एसडीएम कोर्ट पर 650, तहसीलदार कोर्ट में 350 व नायब तहसीलदार की कोर्ट में 162 केस लंबित हैं। कुल 1162 केस विचाराधीन हैं।
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