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गिरफ्तारी न होने से भड़के कर्मचारी
Updated Tue, 30 Jan 2018 11:16 PM IST
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अस्पताल कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार, परेशान हुए मरीज
सुल्तानपुर। चार दिन पूर्व जिला अस्पताल में दो फार्मासिस्टों की पिटाई के मामले ने मंगलवार सुबह तूल पकड़ लिया। जिला अस्पताल के सभी कर्मचारियों ने ओपीडी में ताला लगाकर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक कार्य बहिष्कार व प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे मरीजों व तीमारदारों को काफी परेशानी हुई। चार घंटे तक लोग चिकित्सकों के इंतजार में भटकते रहे। सूचना के बाद पहुंचे सीओ सिटी और सीएमएस के समझाने पर मामला शांत हुआ।
कोतवाली नगर क्षेत्र में रानीगंज की रहने वाली पूनम यादव (25) पुत्री धर्मराज यादव को 26 जनवरी को परिवारीजन लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। इमरजेंसी कक्ष में तैनात चिकित्सक डॉ. पीएन यादव मौजूद नहीं थे। पूनम के इलाज में विलंब होने पर तीमारदारों ने फार्मासिस्ट संतोष बरनवाल और लक्ष्मण स्वरूप की पिटाई कर दी। पुलिस ने पीड़ित फार्मासिस्ट की तहरीर पर केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू की लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। इससे मंगलवार को अस्पताल के कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा।
राज्य कर्मचारी कल्याण समिति चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बैनर तले कर्मचारियों ने अस्पताल की सभी ओपीडी बंद कर धरना शुरू कर दिया। इससे जिला अस्पताल की चिकित्सीय सेवा चरमरा गई। दूर-दराज से चिकित्सकों को दिखाने पहुंचे मरीजों को फर्श पर लेटने को विवश होना पड़ा।
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कार्य बहिष्कार की सूचना पाते ही सीओ सिटी श्याम देव, नगर कोतवाल अजय कुमार सिंह भी पहुंच गए। सीओ सिटी ने बताया कि मारपीट में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस बीच सीएमएस डॉ. योगेंद्र यति ने लोगों को हो रही परेशानी का हवाला देते हुए कर्मचारियों से कार्य पर वापस लौटने का आग्रह किया। करीब चार घंटे बाद कर्मचारी कार्य पर लौट गए।
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सुल्तानपुर। चार दिन पूर्व जिला अस्पताल में दो फार्मासिस्टों की पिटाई के मामले ने मंगलवार सुबह तूल पकड़ लिया। जिला अस्पताल के सभी कर्मचारियों ने ओपीडी में ताला लगाकर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक कार्य बहिष्कार व प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे मरीजों व तीमारदारों को काफी परेशानी हुई। चार घंटे तक लोग चिकित्सकों के इंतजार में भटकते रहे। सूचना के बाद पहुंचे सीओ सिटी और सीएमएस के समझाने पर मामला शांत हुआ।
कोतवाली नगर क्षेत्र में रानीगंज की रहने वाली पूनम यादव (25) पुत्री धर्मराज यादव को 26 जनवरी को परिवारीजन लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। इमरजेंसी कक्ष में तैनात चिकित्सक डॉ. पीएन यादव मौजूद नहीं थे। पूनम के इलाज में विलंब होने पर तीमारदारों ने फार्मासिस्ट संतोष बरनवाल और लक्ष्मण स्वरूप की पिटाई कर दी। पुलिस ने पीड़ित फार्मासिस्ट की तहरीर पर केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू की लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। इससे मंगलवार को अस्पताल के कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा।
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राज्य कर्मचारी कल्याण समिति चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बैनर तले कर्मचारियों ने अस्पताल की सभी ओपीडी बंद कर धरना शुरू कर दिया। इससे जिला अस्पताल की चिकित्सीय सेवा चरमरा गई। दूर-दराज से चिकित्सकों को दिखाने पहुंचे मरीजों को फर्श पर लेटने को विवश होना पड़ा।
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कार्य बहिष्कार की सूचना पाते ही सीओ सिटी श्याम देव, नगर कोतवाल अजय कुमार सिंह भी पहुंच गए। सीओ सिटी ने बताया कि मारपीट में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस बीच सीएमएस डॉ. योगेंद्र यति ने लोगों को हो रही परेशानी का हवाला देते हुए कर्मचारियों से कार्य पर वापस लौटने का आग्रह किया। करीब चार घंटे बाद कर्मचारी कार्य पर लौट गए।