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दर्द से कराहती रहीं प्रसूताएं, मेज पर पैर रखकर सोती रही नर्स
Updated Fri, 22 Sep 2017 10:31 PM IST
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कराहती रहीं प्रसूताएं, मेज
पर पैर रखकर सोती रही नर्स
क्रासर
डीएम के चालक ने सीएमएस को किया फोन तो शुरू हुआ उपचार
फोटो संख्या-49,40
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। जिला महिला अस्पताल की हालत बेहद खराब है। यसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के बझना गांव निवासी प्रमोद तिवारी अपनी पत्नी सोनी को बृहस्पतिवार की शाम को जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया था। रात करीब 11:45 पर सोनी को तेज दर्द उठा तो प्रमोद इमरजेंसी कक्ष (प्रसव) में पहुंचा तो ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स दोनों पैर मेज पर रखकर सो रही थी। प्रमोद ने स्टाफ नर्स को जगाया तो वह बिफर पड़ी। देखते ही देखते अन्य लोग भी वहां पहुंच गए। काफी झंझट के बाद स्टाफ नर्स ने सोनी को देखा। करीब दो घंटे के बाद कोतवाली नगर क्षेत्र के एमजीएस चौराहा निवासी जिलाधिकारी हरेंद्र वीर सिंह के ड्राइवर राज कपूर की बहू सरस्वती के तेज दर्द उठा तो उसे लेकर उनका बेटा राजकुमार महिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में पहुंचा तो वहां पर ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने देखने से इंकार कर दिया। स्टाफ नर्स ने राजकुमार से कहा कि अब तक सरस्वती को कहां दिखा रहे थे। राजकुमार ने बताया कि प्राइवेट चिकित्सक को दिखा रहे थे, लेकिन रात ज्यादा हो गई है इसलिए पत्नी को यहां लाए हैं। स्टाफ नर्स ने कहा कि जाओ इसे वहीं दिखाओ। राजकुमार ने पिता को फोन करके पूरे प्रकरण से अवगत कराया। डीएम के चालक राजकपूर ने महिला सीएमएस डॉ. ऊर्मिला चौधरी को फोन करके मदद मांगी। डॉ. ऊर्मिला के आदेश पर रात्रि ड्यूटी पर तैनात डॉ. मानसी पहुंची और सरस्वती को एडमिट कर उपचार शुरू किया।
इनसेट
तीन स्टाफ नर्स व एक महिला चिकित्सक की थी ड्यूटी: सीएमएस
सुल्तानपुर। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. ऊर्मिला चौधरी ने बताया कि महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार की रात आठ बजे स्टाफ नर्स सरोज, मुन्नी और ऊषा वर्मा के साथ ही महिला चिकित्सक डॉ. मानसी की ड्यूटी थी। ऐसे में इमरजेंसी कक्ष में मात्र एक स्टाफ नर्स तैनात थी, इसकी जांच होगी।
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पर पैर रखकर सोती रही नर्स
क्रासर
डीएम के चालक ने सीएमएस को किया फोन तो शुरू हुआ उपचार
फोटो संख्या-49,40
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। जिला महिला अस्पताल की हालत बेहद खराब है। यसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के बझना गांव निवासी प्रमोद तिवारी अपनी पत्नी सोनी को बृहस्पतिवार की शाम को जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया था। रात करीब 11:45 पर सोनी को तेज दर्द उठा तो प्रमोद इमरजेंसी कक्ष (प्रसव) में पहुंचा तो ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स दोनों पैर मेज पर रखकर सो रही थी। प्रमोद ने स्टाफ नर्स को जगाया तो वह बिफर पड़ी। देखते ही देखते अन्य लोग भी वहां पहुंच गए। काफी झंझट के बाद स्टाफ नर्स ने सोनी को देखा। करीब दो घंटे के बाद कोतवाली नगर क्षेत्र के एमजीएस चौराहा निवासी जिलाधिकारी हरेंद्र वीर सिंह के ड्राइवर राज कपूर की बहू सरस्वती के तेज दर्द उठा तो उसे लेकर उनका बेटा राजकुमार महिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में पहुंचा तो वहां पर ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने देखने से इंकार कर दिया। स्टाफ नर्स ने राजकुमार से कहा कि अब तक सरस्वती को कहां दिखा रहे थे। राजकुमार ने बताया कि प्राइवेट चिकित्सक को दिखा रहे थे, लेकिन रात ज्यादा हो गई है इसलिए पत्नी को यहां लाए हैं। स्टाफ नर्स ने कहा कि जाओ इसे वहीं दिखाओ। राजकुमार ने पिता को फोन करके पूरे प्रकरण से अवगत कराया। डीएम के चालक राजकपूर ने महिला सीएमएस डॉ. ऊर्मिला चौधरी को फोन करके मदद मांगी। डॉ. ऊर्मिला के आदेश पर रात्रि ड्यूटी पर तैनात डॉ. मानसी पहुंची और सरस्वती को एडमिट कर उपचार शुरू किया।
इनसेट
तीन स्टाफ नर्स व एक महिला चिकित्सक की थी ड्यूटी: सीएमएस
सुल्तानपुर। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. ऊर्मिला चौधरी ने बताया कि महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार की रात आठ बजे स्टाफ नर्स सरोज, मुन्नी और ऊषा वर्मा के साथ ही महिला चिकित्सक डॉ. मानसी की ड्यूटी थी। ऐसे में इमरजेंसी कक्ष में मात्र एक स्टाफ नर्स तैनात थी, इसकी जांच होगी।
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