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भविष्य ज्योति सम्मान समारोह
Updated Fri, 20 Jul 2018 12:33 AM IST
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मेधा को मिला सम्मान तो हौसलों को मिली उड़ान
सुल्तानपुर। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले जिले के 51 मेधावियों को अमर उजाला की ओर से बृहस्पतिवार को भविष्य ज्योति सम्मान से नवाजा गया। सम्मान पाकर मेधावियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
शहर से सटे महुअरिया स्थित शेम्फोर्ड स्कूल में बृहस्पतिवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित भविष्य ज्योति सम्मान कार्यक्रम में जिले के यूपी बोर्ड, सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 51 मेधावियों को जिलाधिकारी विवेक व एएसपी सूर्यकांत त्रिपाठी ने सम्मानित किया। इंटरमीडिएट के सीबीएसई बोर्ड के पांच और यूपी बोर्ड के 14 मेधावियों को सम्मान दिया गया।
हाईस्कूल के सीबीएसई के 12, यूपी बोर्ड के 15 व आईसीएसई के पांच मेधावियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे 46 मेधावियों और पांच की अनुपस्थिति में उनके अभिभावकों को सम्मान दिया गया। सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए डीएम विवेक ने कहा कि प्रतिभा जन्मजात होती है। सभी परिश्रमी बच्चे सम्मान के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि अहंकार या घमंड ज्ञान के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है।
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बच्चों को सबसे बड़ा ज्ञानी होने का भ्रम नहीं करना चाहिए। इस भ्रम से उनकी प्रगति का अवसान शुरू हो जाता है। डीएम ने कहा कि मनुष्य एवं पशु में बाइलॉजिकल कोई अंतर नहीं है। पशु या देवता पूरे होते हैं, जबकि मनुष्य पूरा नहीं होता है। मनुष्य हमेशा एक संभावना है। उन्होंने कहा कि बच्चे कभी अहंकार में न आएं और वे सफलता को दिमाग पर न चढ़ने दें। वे जितना विनम्र होंगे, उतना ही ज्यादा सीखेंगे।
असफलता को देखने का नजरिया सही होना चाहिए। रास्ता असफलता है और मंजिल का नाम सफलता है। लोग तमाम असफलताओं से लड़कर मंजिल पर पहुंचते हैं। जब तक मैदान में डटे हैं तब तक सफलता व असफलता एक सिक्के के दो पहलू हैं। हर मंजिल एक रास्ता है। दृढ़ निश्चय व ईमानदारी से बच्चों को पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने महात्मा गांधी से ग्रामीणों की मुलाकात का एक प्रसंग सुनाया। बताया कि महात्मा गांधी ने ग्रामीणों से कहा था कि गांव की सेवा ही देश की सेवा है।
अपर पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत त्रिपाठी ने कहा कि मेडल पाने वालों के लिए प्रेरणा का कार्य सम्मान है। जो लोग मेडल से वंचित हैं, उनके लिए भी इस तरह का कार्यक्रम प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा है तो सफलता निश्चित तौर पर मिलेगी। परिश्रम वह सुनहरी चाबी है जहां लगाएंगे, काम करेगी। इससे पहले जिलाधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
असफलता देती नसीहत
सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित करने के लिए शेम्फोर्ड स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. अजय त्रिपाठी ने अमर उजाला की सराहना की। कहा कि इस तरह के आयोजन से मेधावियों का हौसला बढ़ेगा। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका अक्शा अदीब ने किया। कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक गिरीश कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी कौस्तुभ कुमार सिंह, एसडीएम सदर जगदंबा प्रसाद सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।
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सुल्तानपुर। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले जिले के 51 मेधावियों को अमर उजाला की ओर से बृहस्पतिवार को भविष्य ज्योति सम्मान से नवाजा गया। सम्मान पाकर मेधावियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
शहर से सटे महुअरिया स्थित शेम्फोर्ड स्कूल में बृहस्पतिवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित भविष्य ज्योति सम्मान कार्यक्रम में जिले के यूपी बोर्ड, सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 51 मेधावियों को जिलाधिकारी विवेक व एएसपी सूर्यकांत त्रिपाठी ने सम्मानित किया। इंटरमीडिएट के सीबीएसई बोर्ड के पांच और यूपी बोर्ड के 14 मेधावियों को सम्मान दिया गया।
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हाईस्कूल के सीबीएसई के 12, यूपी बोर्ड के 15 व आईसीएसई के पांच मेधावियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे 46 मेधावियों और पांच की अनुपस्थिति में उनके अभिभावकों को सम्मान दिया गया। सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए डीएम विवेक ने कहा कि प्रतिभा जन्मजात होती है। सभी परिश्रमी बच्चे सम्मान के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि अहंकार या घमंड ज्ञान के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है।
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बच्चों को सबसे बड़ा ज्ञानी होने का भ्रम नहीं करना चाहिए। इस भ्रम से उनकी प्रगति का अवसान शुरू हो जाता है। डीएम ने कहा कि मनुष्य एवं पशु में बाइलॉजिकल कोई अंतर नहीं है। पशु या देवता पूरे होते हैं, जबकि मनुष्य पूरा नहीं होता है। मनुष्य हमेशा एक संभावना है। उन्होंने कहा कि बच्चे कभी अहंकार में न आएं और वे सफलता को दिमाग पर न चढ़ने दें। वे जितना विनम्र होंगे, उतना ही ज्यादा सीखेंगे।
असफलता को देखने का नजरिया सही होना चाहिए। रास्ता असफलता है और मंजिल का नाम सफलता है। लोग तमाम असफलताओं से लड़कर मंजिल पर पहुंचते हैं। जब तक मैदान में डटे हैं तब तक सफलता व असफलता एक सिक्के के दो पहलू हैं। हर मंजिल एक रास्ता है। दृढ़ निश्चय व ईमानदारी से बच्चों को पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने महात्मा गांधी से ग्रामीणों की मुलाकात का एक प्रसंग सुनाया। बताया कि महात्मा गांधी ने ग्रामीणों से कहा था कि गांव की सेवा ही देश की सेवा है।
अपर पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत त्रिपाठी ने कहा कि मेडल पाने वालों के लिए प्रेरणा का कार्य सम्मान है। जो लोग मेडल से वंचित हैं, उनके लिए भी इस तरह का कार्यक्रम प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा है तो सफलता निश्चित तौर पर मिलेगी। परिश्रम वह सुनहरी चाबी है जहां लगाएंगे, काम करेगी। इससे पहले जिलाधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
असफलता देती नसीहत
सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित करने के लिए शेम्फोर्ड स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. अजय त्रिपाठी ने अमर उजाला की सराहना की। कहा कि इस तरह के आयोजन से मेधावियों का हौसला बढ़ेगा। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका अक्शा अदीब ने किया। कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक गिरीश कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी कौस्तुभ कुमार सिंह, एसडीएम सदर जगदंबा प्रसाद सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।