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पिता-पुत्र समेत तीन हत्यारों को उम्रकैद
Updated Wed, 20 Sep 2017 10:48 PM IST
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पिता-पुत्र समेत तीन
हत्यारों को उम्रकैद
क्रासर-
10 वर्ष पूर्व नदी में डुबोकर की थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। 10 वर्ष पूर्व गोमती नदी में डुबोकर हुई हत्या के मामले में बुधवार को एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह ने पिता-पुत्र समेत तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व प्रत्येक को 20-20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। मामला बल्दीराय थाने के ग्राम रामपुर थुआ मौजा हेमनापुर से जुड़ा है।
गांव निवासी देवनरायन निषाद के बड़े भाई लक्ष्मी नरायन निषाद का गांव के ही ननकऊ निषाद से पट्टीदारी की रंजिश चल रही थी। 31 अक्तूबर 2008 को अभियुक्तों ने लक्ष्मी नरायन की नदी में डुबोकर हत्या कर दी थी। मृतक के भाई देव नरायन की तहरीर पर पुलिस ने ननकऊ निषाद, उसके पुत्र संतोष कुमार और भांजे दूधनाथ निषाद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से घटना को साबित करने के लिए एडीजीसी क्रिमिनल रमेशचंद्र मिश्र व अधिवक्ता अजीजुर्रहमान ने सात गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बुधवार को कोर्ट ने अभियुक्त ननकऊ निषाद, उसके पुत्र संतोष निषाद और भांजे दूधनाथ निषाद को दोषी मानते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जुर्माना से आधी धनराशि मृतक की पत्नी को देने का आदेश दिया है।
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विवेचक पर कार्रवाई के लिए एसपी के पास जजमेंट भेजने का आदेश
हत्या जैसे गंभीर अपराध की विवेचना करने में बल्दीराय थाने की पुलिस ने जमकर लापरवाही की थी। वादी के अधिवक्ता अजीजुर्रहमान बताते है कि चार्जशीट दाखिल करने वाले बल्दीराय के तत्कालीन एसओ अटल बिहारी ने मामले को मिनिमाइज करते हुए हत्या के अपराध को आत्महत्या के उकसाने के अभियोग में बदल डाला था। कोर्ट ने विवेचना में मनमानी एवं अनियमितता पर विवेचक के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने विवेचक पर कार्रवाई के लिए जजमेंट की प्रति एसपी के पास भेजने का आदेश दिया है।
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