{"_id":"5d0924928ebc3e2ac34139c9","slug":"156088026012-sultanpur-news4","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में आज से शुरू होगा डिजिटल एक्सरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में आज से शुरू होगा डिजिटल एक्सरे
विज्ञापन
जिला अस्पताल में आज से डिजिटल एक्सरे की सौगात
सुल्तानपुर। जिला अस्पताल में अब डिजिटल एक्सरे होगा। जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे मशीन लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी के तीन कक्षों को तोड़वाकर नया रूप दिया है।
करीब 14 लाख रुपये कीमत की मशीन को स्टाल किया जा चुका है। बुधवार सुबह से मरीजों का डिजिटल एक्सरे शुरू हो जाएगा। प्रतिमाह करीब तीन हजार लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। अब तक मरीजों को डिजिटल एक्सरे कराने के लिए प्राइवेट में करीब साढ़े सात सौ रुपये खर्च करने पड़ते थे।
जिला अस्पताल में भी डिजिटल एक्सरे मशीन लगाने के लिए कागजी कार्रवाई चल रही थी। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल में ओपीडी के तीन कक्षों को तोड़वाकर डिजिटल एक्सरे मशीन लगाने के लिए नया रूम बनाया गया है।
विज्ञापन
इस कमरे में लगाने के लिए डिजिटल एक्सरे मशीन आ चुकी है। एक्सरे इमेज कैपचरिंग के लिए मशीन में विदेशी कंपनी का हाई रिजोल्यूशन कैमरा लगा है, जिससे जांच रिपोर्ट स्पष्ट आएगी।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीबी सिंह का कहना है कि डिजिटल एक्सरे मशीन के लिए कमरा तैयार करवाया गया है। पूरी कोशिश है कि बुधवार की सुबह से मरीजों का डिजिटल एक्सरे हो।
जिला अस्पताल में पुरानी मशीन से आठ से दो बजे तक औसतन करीब डेढ़ सौ मरीजों की जांच हो पाती थी। जिला अस्पताल के एक्सरे टेक्नीशियन सुरेंद्र यादव बताते हैं कि डिजिटल मशीन लगने के बाद इतने समय में दो सौ मरीजों की जांच संभव हो सकती है।
जांच रिपोर्ट को मरीज पेन ड्राइव या ई-मेल पर भी ले सकता है। डिजिटल जांच रिपोर्ट को मरीज कभी भी किसी विशेषज्ञ को ऑनलाइन भेज सकता है। साथ ही नई मशीन से कम रेडिएशन निकलेगा।
डिजिटल एक्सरे मशीन लगने के बाद गुर्दा रोगियों को इंट्रा वीनस पाइलोग्राफी (आईवीपी) जांच के लिए निजी पैथोलॉजी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
गुर्दा रोग विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल एक्सरे मशीन से होने वाली आईवीपी जांच स्पष्ट होती है। जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को अब बाहर से जांच के लिए मोटी रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी।
जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को डिजिटल एक्सरे जांच के लिए अब तक निजी पैथोलॉजी का रास्ता दिखाया जाता रहा है। मरीजों को डिजिटल एक्सरे कराने के एवज में साढ़े सात सौ रुपये खर्च करने पड़ते थे।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि डिजिटल एक्सरे मशीन लग चुकी है। मंगलवार को इसका परीक्षण किया गया है। बुधवार की सुबह से मरीजों का डिजिटल एक्सरे रेडियोलॉजिस्ट डॉ. शारदा रंजन करेंगे।
डिजिटल एक्सरे की जिम्मेदारी डॉ. शारदा रंजन, टेक्नीशियन सुरेंद्र यादव की है। प्रतिमाह तीन हजार लोगों को इसका निशुल्क फायदा मिलेगा।
विज्ञापन
सुल्तानपुर। जिला अस्पताल में अब डिजिटल एक्सरे होगा। जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे मशीन लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी के तीन कक्षों को तोड़वाकर नया रूप दिया है।
करीब 14 लाख रुपये कीमत की मशीन को स्टाल किया जा चुका है। बुधवार सुबह से मरीजों का डिजिटल एक्सरे शुरू हो जाएगा। प्रतिमाह करीब तीन हजार लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। अब तक मरीजों को डिजिटल एक्सरे कराने के लिए प्राइवेट में करीब साढ़े सात सौ रुपये खर्च करने पड़ते थे।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में भी डिजिटल एक्सरे मशीन लगाने के लिए कागजी कार्रवाई चल रही थी। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल में ओपीडी के तीन कक्षों को तोड़वाकर डिजिटल एक्सरे मशीन लगाने के लिए नया रूम बनाया गया है।
विज्ञापन
इस कमरे में लगाने के लिए डिजिटल एक्सरे मशीन आ चुकी है। एक्सरे इमेज कैपचरिंग के लिए मशीन में विदेशी कंपनी का हाई रिजोल्यूशन कैमरा लगा है, जिससे जांच रिपोर्ट स्पष्ट आएगी।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीबी सिंह का कहना है कि डिजिटल एक्सरे मशीन के लिए कमरा तैयार करवाया गया है। पूरी कोशिश है कि बुधवार की सुबह से मरीजों का डिजिटल एक्सरे हो।
जिला अस्पताल में पुरानी मशीन से आठ से दो बजे तक औसतन करीब डेढ़ सौ मरीजों की जांच हो पाती थी। जिला अस्पताल के एक्सरे टेक्नीशियन सुरेंद्र यादव बताते हैं कि डिजिटल मशीन लगने के बाद इतने समय में दो सौ मरीजों की जांच संभव हो सकती है।
जांच रिपोर्ट को मरीज पेन ड्राइव या ई-मेल पर भी ले सकता है। डिजिटल जांच रिपोर्ट को मरीज कभी भी किसी विशेषज्ञ को ऑनलाइन भेज सकता है। साथ ही नई मशीन से कम रेडिएशन निकलेगा।
डिजिटल एक्सरे मशीन लगने के बाद गुर्दा रोगियों को इंट्रा वीनस पाइलोग्राफी (आईवीपी) जांच के लिए निजी पैथोलॉजी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
गुर्दा रोग विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल एक्सरे मशीन से होने वाली आईवीपी जांच स्पष्ट होती है। जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को अब बाहर से जांच के लिए मोटी रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी।
जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को डिजिटल एक्सरे जांच के लिए अब तक निजी पैथोलॉजी का रास्ता दिखाया जाता रहा है। मरीजों को डिजिटल एक्सरे कराने के एवज में साढ़े सात सौ रुपये खर्च करने पड़ते थे।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि डिजिटल एक्सरे मशीन लग चुकी है। मंगलवार को इसका परीक्षण किया गया है। बुधवार की सुबह से मरीजों का डिजिटल एक्सरे रेडियोलॉजिस्ट डॉ. शारदा रंजन करेंगे।
डिजिटल एक्सरे की जिम्मेदारी डॉ. शारदा रंजन, टेक्नीशियन सुरेंद्र यादव की है। प्रतिमाह तीन हजार लोगों को इसका निशुल्क फायदा मिलेगा।