{"_id":"5d013ae9bdec22071c2e1a26","slug":"15603616967-sultanpur-news82","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा दशहरा पर धोपाप में उमड़ा आस्था का सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा दशहरा पर धोपाप में उमड़ा आस्था का सैलाब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगा दशहरा पर धोपाप में उमड़ा आस्था का सैलाब
सुल्तानपुर। गंगा दशहरा के मौके पर बुधवार को आदि गंगा गोमती के धोपाप समेत अन्य पवित्र घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
जून की उमस भरी गर्मी और अधूरी तैयारियों से उपजी बदइंतजामी के बावजूद धोपाप घाट पर हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ आदि गंगा गोमती में डुबकी लगाई।
भोर से ही श्रद्धालुओं ने गोमती में स्नान के बाद अन्नदान व पूजन का सिलसिला शुरू किया, जो देर शाम तक चला। स्नान के बाद धाम के ऐतिहासिक श्रीराम-जानकी मंदिर में श्रद्धालुओं ने मत्था टेका और परिवार के सुख समृद्धि की कामना की।
जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में शुमार ऐतिहासिक धाम धोपाप में बुधवार को गंगा दशहरा के मौके पर श्रद्धालुओं की आस्था प्रशासनिक बदइंतजामी पर भारी पड़ी।
मेला स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों का ही उचित प्रबंध नहीं किया गया था। जून माह की उमस भरी गर्मी में श्रद्धालु पसीने से तरबतर हो गए थे। बावजूद इसके बुधवार को हर तरफ से श्रद्धालुओं का रेला धोपाप की तरफ जाता दिखा।
बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष मंगलवार की रात ही धोपाप पहुंच गए थे। लंभुआ, चांदा, दियरा व कादीपुर के रास्ते हजारों की संख्या में श्रद्धालु धोपाप पहुंचे और गोमती नदी में आस्था की डुबकी लगाई।
विज्ञापन
बुधवार को भोर तीन बजे से धोपाप के आदि गंगा गोमती में स्नान शुरू हो गया, जो पूरे दिन चलता रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने टीले पर मौजूद श्रीराम-जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना की।
गोमती नदी का पूजन करने के लिए भी लोगों का तांता लगा रहा। आसपास के गांवों के अलावा जौनपुर, प्रतापगढ़, आजमगढ़, वाराणसी, फैजाबाद, गाजीपुर, अंबेडकरनगर, अमेठी, रायबरेली समेत कई जिलों से भी श्रद्धालु स्नान के लिए धोपाप घाट पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने पूजा के साथ ही अन्नदान की परंपरा का भी निर्वहन किया। गोमती तट पर मौजूद पंडों ने गोदान भी कराया। मेला क्षेत्र में मौजूद दुकानों से महिलाओं व बच्चों ने जमकर खरीदारी की।
मेले में खिलौने, प्रसाद, साज-सज्जा के साथ ही खाने-पीने के सामानों की दुकानों पर भारी भीड़ लगी रही। वहीं, गंगा दशहरा पर्व पर शहर के सीताकुंड घाट समेत गोमती नदी के अन्य घाटों पर भी श्रद्धालुओं ने स्नान दान किया।
विज्ञापन
सुल्तानपुर। गंगा दशहरा के मौके पर बुधवार को आदि गंगा गोमती के धोपाप समेत अन्य पवित्र घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
जून की उमस भरी गर्मी और अधूरी तैयारियों से उपजी बदइंतजामी के बावजूद धोपाप घाट पर हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ आदि गंगा गोमती में डुबकी लगाई।
भोर से ही श्रद्धालुओं ने गोमती में स्नान के बाद अन्नदान व पूजन का सिलसिला शुरू किया, जो देर शाम तक चला। स्नान के बाद धाम के ऐतिहासिक श्रीराम-जानकी मंदिर में श्रद्धालुओं ने मत्था टेका और परिवार के सुख समृद्धि की कामना की।
जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में शुमार ऐतिहासिक धाम धोपाप में बुधवार को गंगा दशहरा के मौके पर श्रद्धालुओं की आस्था प्रशासनिक बदइंतजामी पर भारी पड़ी।
मेला स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों का ही उचित प्रबंध नहीं किया गया था। जून माह की उमस भरी गर्मी में श्रद्धालु पसीने से तरबतर हो गए थे। बावजूद इसके बुधवार को हर तरफ से श्रद्धालुओं का रेला धोपाप की तरफ जाता दिखा।
विज्ञापन
बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष मंगलवार की रात ही धोपाप पहुंच गए थे। लंभुआ, चांदा, दियरा व कादीपुर के रास्ते हजारों की संख्या में श्रद्धालु धोपाप पहुंचे और गोमती नदी में आस्था की डुबकी लगाई।
विज्ञापन
बुधवार को भोर तीन बजे से धोपाप के आदि गंगा गोमती में स्नान शुरू हो गया, जो पूरे दिन चलता रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने टीले पर मौजूद श्रीराम-जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना की।
गोमती नदी का पूजन करने के लिए भी लोगों का तांता लगा रहा। आसपास के गांवों के अलावा जौनपुर, प्रतापगढ़, आजमगढ़, वाराणसी, फैजाबाद, गाजीपुर, अंबेडकरनगर, अमेठी, रायबरेली समेत कई जिलों से भी श्रद्धालु स्नान के लिए धोपाप घाट पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने पूजा के साथ ही अन्नदान की परंपरा का भी निर्वहन किया। गोमती तट पर मौजूद पंडों ने गोदान भी कराया। मेला क्षेत्र में मौजूद दुकानों से महिलाओं व बच्चों ने जमकर खरीदारी की।
मेले में खिलौने, प्रसाद, साज-सज्जा के साथ ही खाने-पीने के सामानों की दुकानों पर भारी भीड़ लगी रही। वहीं, गंगा दशहरा पर्व पर शहर के सीताकुंड घाट समेत गोमती नदी के अन्य घाटों पर भी श्रद्धालुओं ने स्नान दान किया।