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मरम्मत राशि खर्च नहीं करने पर होगी कार्रवाई
Updated Thu, 24 Aug 2017 10:31 PM IST
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मरम्मत राशि खर्च नहीं
करने पर होगी कार्रवाई
क्रासर
सीएमओ ने सभी केंद्र अधीक्षकों को भेजा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। स्वास्थ्य महकमे ने बीते कई वर्षों से अस्पतालों के मेंटेनेंस के लिए आने वाली धनराशि की दूसरी किस्त लैप्स होने से सबक लिया है। डीएम के आदेश पर सीएमओ ने सभी सीएचसी/पीएचसी अधीक्षकों को पत्र भेजकर प्रथम किस्त के रूप में आवंटित धनराशि का सदुपयोग करने का अल्टीमेटम दिया है। पत्र में कहा गया है कि धन मिलने के बावजूद अस्पतालों में मेंटेनेंस नहीं कराने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का मेंटेनेंस दुरुस्त रह सके इसके लिए शासन की ओर से प्रत्येक वर्ष भारी भरकम धनराशि आवंटित (प्रति सीएचसी पांच लाख व प्रति पीएचसी 1.70 लाख) की जाती है। स्वास्थ्य महकमा आवंटित धनराशि को दो किस्तों में बांटकर सीएचसी/पीएचसी को उपलब्ध कराता है। अस्पतालों को दूसरी किस्त तब मिलती है जब वे पहली किस्त का उपभोग प्रमाण पत्र व मांग पत्र विभाग को दें। शासन की ओर से मेंटेनेंस के लिए धनराशि मिलने के बावजूद आलम यह है कि जहां जिले के अधिकांश अस्पताल देखरेख के अभाव में जर्जर होते जा रहे हैं वहीं शासन से मिलने वाले धन की दूसरी किस्त के रूप में सीएमओ कार्यालय के पास बची रहने वाली धनराशि बीते कई वर्षों से लैप्स होती जा रही है। यह मामला बीते दिनों डीएम की समीक्षा के दौरान उजागर हुआ। मामला पकड़ आने के बाद सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को सभी केंद्र अधीक्षकों को पत्र भेजकर मौजूदा वित्तीय वर्ष में आवंटित मेंटेनेंस धनराशि की पहली किस्त का तत्काल उपभोग करने का आदेश दिया है।
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करने पर होगी कार्रवाई
क्रासर
सीएमओ ने सभी केंद्र अधीक्षकों को भेजा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। स्वास्थ्य महकमे ने बीते कई वर्षों से अस्पतालों के मेंटेनेंस के लिए आने वाली धनराशि की दूसरी किस्त लैप्स होने से सबक लिया है। डीएम के आदेश पर सीएमओ ने सभी सीएचसी/पीएचसी अधीक्षकों को पत्र भेजकर प्रथम किस्त के रूप में आवंटित धनराशि का सदुपयोग करने का अल्टीमेटम दिया है। पत्र में कहा गया है कि धन मिलने के बावजूद अस्पतालों में मेंटेनेंस नहीं कराने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का मेंटेनेंस दुरुस्त रह सके इसके लिए शासन की ओर से प्रत्येक वर्ष भारी भरकम धनराशि आवंटित (प्रति सीएचसी पांच लाख व प्रति पीएचसी 1.70 लाख) की जाती है। स्वास्थ्य महकमा आवंटित धनराशि को दो किस्तों में बांटकर सीएचसी/पीएचसी को उपलब्ध कराता है। अस्पतालों को दूसरी किस्त तब मिलती है जब वे पहली किस्त का उपभोग प्रमाण पत्र व मांग पत्र विभाग को दें। शासन की ओर से मेंटेनेंस के लिए धनराशि मिलने के बावजूद आलम यह है कि जहां जिले के अधिकांश अस्पताल देखरेख के अभाव में जर्जर होते जा रहे हैं वहीं शासन से मिलने वाले धन की दूसरी किस्त के रूप में सीएमओ कार्यालय के पास बची रहने वाली धनराशि बीते कई वर्षों से लैप्स होती जा रही है। यह मामला बीते दिनों डीएम की समीक्षा के दौरान उजागर हुआ। मामला पकड़ आने के बाद सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को सभी केंद्र अधीक्षकों को पत्र भेजकर मौजूदा वित्तीय वर्ष में आवंटित मेंटेनेंस धनराशि की पहली किस्त का तत्काल उपभोग करने का आदेश दिया है।
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