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वारंटी मां-बेटी को पुलिस ने जमकर पीटा
Updated Mon, 24 Jul 2017 11:31 PM IST
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गौरीगंज। महुआ बोझ गांव में वारंटियों को पकड़ने के लिए पहुंची कमरौली पुलिस ने न सिर्फ वारंटी मां-बेटी की जमकर पिटाई की बल्कि उनके साथ अभद्रता भी की।
न्यायालय से जमानत पर छूटने के बाद सोमवार को एसपी से मिलने पहुंचीं मां-बेटी ने मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए महिलाओं से अभद्रता व उन्हें पीटने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई।
एसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। कमरौली थाने के महुआ बोझ गांव की रहने वाली जुबैदा खातून, पुत्र मो. खालिद व मो. अहमद व पुत्री सलमा के खिलाफ किसी मामले में सिविल कोर्ट सुल्तानपुर से बीते दिनों गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था।
जुबैदा खातून की मानें तो इसी मामले में पुलिस 21 जुलाई की रात 11:30 बजे उनके घर पहुंची। पुलिस के दरवाजा खटखटाने के बाद जब तक वे उठतीं, पुलिस वाले दरवाजा तोड़ अंदर घुस आए और गालीगलौज करने के साथ पिटाई शुरू कर दी।
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पुत्री सलमा ने उन्हें बचाने की कोशिश की तो पुलिस वालों ने उसे लोहे की रॉड से जमकर पीटा। पुलिस वाले उन्हें घसीटते हुए घर से बाहर लाकर वाहन में बैठा लिया और थाने ले गए। थाने में भी उनका मोबाइल छीनने के साथ मां-बेटी की पिटाई की गई।
सोमवार को एसपी पूनम के पास पहुंची मां-बेटी ने बताया कि वारंट के मामले में जमानत होने के बाद जब वे 23 जुलाई को थाने पहुंचीं और अपना मोबाइल देने व मेडिकल कराने की मांग की तो दीवान ने उनके साथ गाली-गलौज की।
कमरौली थानाध्यक्ष अरविंद तिवारी ने कहा कि उन्होंने रात में दबिश दी थी लेकिन जुबैदा ने दरवाजा नहीं खोला। 22 जून को सुबह सात बजे महिला सिपाहियों के साथ दोबारा दबिश दी गई।
जुबैदा व उनकी पुत्री को थाने लाकर उनका चालान न्यायालय भेजा गया। जुबैदा और उनकी पुत्री के साथ कोई मारपीट व अभद्रता नहीं की गई।
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न्यायालय से जमानत पर छूटने के बाद सोमवार को एसपी से मिलने पहुंचीं मां-बेटी ने मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए महिलाओं से अभद्रता व उन्हें पीटने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई।
एसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। कमरौली थाने के महुआ बोझ गांव की रहने वाली जुबैदा खातून, पुत्र मो. खालिद व मो. अहमद व पुत्री सलमा के खिलाफ किसी मामले में सिविल कोर्ट सुल्तानपुर से बीते दिनों गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था।
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जुबैदा खातून की मानें तो इसी मामले में पुलिस 21 जुलाई की रात 11:30 बजे उनके घर पहुंची। पुलिस के दरवाजा खटखटाने के बाद जब तक वे उठतीं, पुलिस वाले दरवाजा तोड़ अंदर घुस आए और गालीगलौज करने के साथ पिटाई शुरू कर दी।
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पुत्री सलमा ने उन्हें बचाने की कोशिश की तो पुलिस वालों ने उसे लोहे की रॉड से जमकर पीटा। पुलिस वाले उन्हें घसीटते हुए घर से बाहर लाकर वाहन में बैठा लिया और थाने ले गए। थाने में भी उनका मोबाइल छीनने के साथ मां-बेटी की पिटाई की गई।
सोमवार को एसपी पूनम के पास पहुंची मां-बेटी ने बताया कि वारंट के मामले में जमानत होने के बाद जब वे 23 जुलाई को थाने पहुंचीं और अपना मोबाइल देने व मेडिकल कराने की मांग की तो दीवान ने उनके साथ गाली-गलौज की।
कमरौली थानाध्यक्ष अरविंद तिवारी ने कहा कि उन्होंने रात में दबिश दी थी लेकिन जुबैदा ने दरवाजा नहीं खोला। 22 जून को सुबह सात बजे महिला सिपाहियों के साथ दोबारा दबिश दी गई।
जुबैदा व उनकी पुत्री को थाने लाकर उनका चालान न्यायालय भेजा गया। जुबैदा और उनकी पुत्री के साथ कोई मारपीट व अभद्रता नहीं की गई।