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हड़ताल पर कार्रवाई
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:16 PM IST
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चार लेखपाल निलंबित, 77 को बर्खास्त करने की तैयारी
सुल्तानपुर। एस्मा के तहत हड़ताल निषिद्घ किए जाने की नोटिस के बावजूद काम पर नहीं लौटे कादीपुर के चार लेखपालों को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। अन्य तहसीलों में लेखपालों के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रशासन की चेतावनी के बाद भी कार्य पर नहीं लौटने पर प्रोबेशन वाले 77 लेखपालों को बर्खास्त व अन्य को निलंबित करने की तैैयारी है।
एस्मा के तहत लेखपालों के धरना-प्रदर्शन को शासन द्वारा गैर कानूनी घोषित किए जाने के बाद भी आंदोलन नहीं थमने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को उपजिलाधिकारी कादीपुर जयकरन ने चार स्थायी लेेखपालों को निलंबित कर दिया। निलंबित किए गए लेखपालों में तहसील संघ के अध्यक्ष सेतुराम, मंत्री कमला प्रसाद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम सहाय व ऑडिटर पुनीत कुमार शामिल हैं।
इसके साथ ही अन्य तहसीलों में भी लेखपालों के खिलाफ निलंबन व बर्खास्तगी की कार्रवाई की तैयारी चल रही है। इसमें जिले में कार्यरत 77 प्रोबेशन वाले लेखपालों को बर्खास्त करने एवं अन्य 359 स्थायी लेखपालों को निलंबित करने की तैयारी चल रही है। पहले पदाधिकारियों को निलंबित करने की प्रक्रिया चल रही है। कहा जा रहा है कि पदाधिकारियों को निलंबित करके प्रशासन इनके आंदोलन पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रहा है। मुख्य राजस्व अधिकारी महेंद्र ने लेखपालों को कार्य पर लौटने की चेतावनी दी है। कहा कि कार्य पर वापस नहीं लौटने पर कार्रवाई की जाएगी।
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उधर लेखपाल धरने पर अड़े
प्रशासन की ओर से चेेतावनी दिए जाने और निलंबन की कार्रवाई शुरू होने के बाद भी लेखपालों का धरना प्रदर्शन सोमवार को तिकोनिया पार्क में जारी रहा। लेखपालों ने प्रशासन की कार्रवाई को दमनात्मक बताया है। कहा कि इसके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। धरने को लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष राधेश्याम, राजेश श्रीवास्तव समेत अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया। इस मौके पर सभी तहसीलों के लेखपाल मौजूद रहे।
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सुल्तानपुर। एस्मा के तहत हड़ताल निषिद्घ किए जाने की नोटिस के बावजूद काम पर नहीं लौटे कादीपुर के चार लेखपालों को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। अन्य तहसीलों में लेखपालों के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रशासन की चेतावनी के बाद भी कार्य पर नहीं लौटने पर प्रोबेशन वाले 77 लेखपालों को बर्खास्त व अन्य को निलंबित करने की तैैयारी है।
एस्मा के तहत लेखपालों के धरना-प्रदर्शन को शासन द्वारा गैर कानूनी घोषित किए जाने के बाद भी आंदोलन नहीं थमने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को उपजिलाधिकारी कादीपुर जयकरन ने चार स्थायी लेेखपालों को निलंबित कर दिया। निलंबित किए गए लेखपालों में तहसील संघ के अध्यक्ष सेतुराम, मंत्री कमला प्रसाद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम सहाय व ऑडिटर पुनीत कुमार शामिल हैं।
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इसके साथ ही अन्य तहसीलों में भी लेखपालों के खिलाफ निलंबन व बर्खास्तगी की कार्रवाई की तैयारी चल रही है। इसमें जिले में कार्यरत 77 प्रोबेशन वाले लेखपालों को बर्खास्त करने एवं अन्य 359 स्थायी लेखपालों को निलंबित करने की तैयारी चल रही है। पहले पदाधिकारियों को निलंबित करने की प्रक्रिया चल रही है। कहा जा रहा है कि पदाधिकारियों को निलंबित करके प्रशासन इनके आंदोलन पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रहा है। मुख्य राजस्व अधिकारी महेंद्र ने लेखपालों को कार्य पर लौटने की चेतावनी दी है। कहा कि कार्य पर वापस नहीं लौटने पर कार्रवाई की जाएगी।
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उधर लेखपाल धरने पर अड़े
प्रशासन की ओर से चेेतावनी दिए जाने और निलंबन की कार्रवाई शुरू होने के बाद भी लेखपालों का धरना प्रदर्शन सोमवार को तिकोनिया पार्क में जारी रहा। लेखपालों ने प्रशासन की कार्रवाई को दमनात्मक बताया है। कहा कि इसके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। धरने को लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष राधेश्याम, राजेश श्रीवास्तव समेत अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया। इस मौके पर सभी तहसीलों के लेखपाल मौजूद रहे।