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बिना ड्यूटी शिक्षिका के खाते में गए एक लाख 47 हजार रुपये
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सुल्तानपुर। परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत एक शिक्षिका के खाते में बिना ड्यूटी के तीन माह का वेतन आ गया है। शिक्षिका अन्यत्र चयन होने की वजह से धारणाधिकार अवकाश पर है। मामले का खुलासा होने पर विभाग रिकवरी करने की तैयारी में है।
भदैंया विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सराय अचल में शालिनी श्रीवास्तव बतौर सहायक अध्यापिका कार्यरत थीं। उनका चयन सितंबर 2018 में मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में जीव विज्ञान प्रवक्ता के पद पर हो गया था।
नौकरी जॉइन करने के लिए शालिनी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एक वर्ष का धारणाधिकार अवकाश लिया था। इसके तहत एक वर्ष तक मूल विभाग में उनकी नौकरी सुरक्षित रहेगी। एक वर्ष बाद पद स्वत: रिक्त हो जाएगा।
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धारणाधिकार अवकाश पर होने के बाद भी शालिनी के विद्यालय से उसका तीन माह का वेतन भदैंया खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय की गलती की वजह से खाते में पहुंच गया है। अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर 2018 का कुल वेतन एक लाख 47 हजार 298 रुपये बिना ड्यूटी किए ही शालिनी के अकाउंट में पहुंच गए हैं।
मामले का खुलासा होने पर भदैंया खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय चुप्पी साधे है। बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह ने बिना ड्यूटी के वेतन लेने के मामले में रिकवरी कराने का निर्देश दिया है।
बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि शालिनी श्रीवास्तव को बिना ड्यूटी वेतन दिए जाने के मामले में भदैंया खंड शिक्षाधिकारी अश्विनी सिंह से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही शिक्षिका शालिनी श्रीवास्तव को वेतन के रूप में मिली एक लाख 47 हजार 298 रुपये की धनराशि जमा कराने का निर्देश दिया गया है।
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भदैंया विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सराय अचल में शालिनी श्रीवास्तव बतौर सहायक अध्यापिका कार्यरत थीं। उनका चयन सितंबर 2018 में मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में जीव विज्ञान प्रवक्ता के पद पर हो गया था।
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नौकरी जॉइन करने के लिए शालिनी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एक वर्ष का धारणाधिकार अवकाश लिया था। इसके तहत एक वर्ष तक मूल विभाग में उनकी नौकरी सुरक्षित रहेगी। एक वर्ष बाद पद स्वत: रिक्त हो जाएगा।
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धारणाधिकार अवकाश पर होने के बाद भी शालिनी के विद्यालय से उसका तीन माह का वेतन भदैंया खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय की गलती की वजह से खाते में पहुंच गया है। अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर 2018 का कुल वेतन एक लाख 47 हजार 298 रुपये बिना ड्यूटी किए ही शालिनी के अकाउंट में पहुंच गए हैं।
मामले का खुलासा होने पर भदैंया खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय चुप्पी साधे है। बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह ने बिना ड्यूटी के वेतन लेने के मामले में रिकवरी कराने का निर्देश दिया है।
बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि शालिनी श्रीवास्तव को बिना ड्यूटी वेतन दिए जाने के मामले में भदैंया खंड शिक्षाधिकारी अश्विनी सिंह से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही शिक्षिका शालिनी श्रीवास्तव को वेतन के रूप में मिली एक लाख 47 हजार 298 रुपये की धनराशि जमा कराने का निर्देश दिया गया है।