{"_id":"59c673554f1c1b32688b617a","slug":"1000-people-facing-power-crisis","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढाई महीने से अंधेरे में रह रही 1000 की आबादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढाई महीने से अंधेरे में रह रही 1000 की आबादी
Amarujala Bureau
Updated Sat, 23 Sep 2017 08:14 PM IST
विज्ञापन
लोगों को परेशानी
- फोटो : अमर उजाला
क्षेत्र के बौढ़ियाबालमऊ गांव में लगा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर ज्यादा लोड की वजह से आए दिन फुंक जाता है। पिछले ढाई महीने से गांव की करीब 1000 आबादी रात के अंधेरे में रहने को मजबूर है। उपभोक्ताओं ने पावर कॉर्पोरेशन से ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग की है।
विज्ञापन
सरस्वती नगर विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के बौढ़ियाबालमऊ गांव को आपूर्ति की जाती है। इस गांव की करीब एक हजार आबादी को आपूर्ति सप्लाई के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगवाया है। दो माह पहले ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफार्मर फुंक गया था। इसकी सूचना ग्रामीणों ने पावर कॉर्पोरेशन के अफसरों को देते हुए ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग थी। इसी ट्रांसफार्मर से गांव के रामसूरत तिवारी, अमर बहादुर सिंह, सुधाकर मिश्र, राम शिरोमणि मिश्र, रामप्यारे यादव, अवधू यादव के निजी सबमर्सिबल पंप के अलावा कई लोगों के लाइट कनेक्शन हैं। करीब 15 दिन पहले ग्रामीण दो हजार रुपये खर्च कर निजी वाहन से वर्कशॉप जाकर ट्रांसफार्मर ले आए।
विज्ञापन
सप्लाई चालू होते ही ट्रांसफार्मर फुंक गया। उपभोक्ताओं की बार-बार शिकायत के बाद भी ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने में पावर कॉर्पोरेशन हीलाहवाली कर रहा है। सूबे की सरकार ने सुचारु विद्युत व्यवस्था के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर बदलने के लिए 48 घंटे की समय सीमा निर्धारित कर रखी है। इसके बाद भी गांवों की हालत में कुछ विशेष परिवर्तन नहीं दिख रहा है। इस संबंतध में एई सुल्तानपुर अनूप चंद्र ने बताया कि मामला संज्ञान में हैं। दो दिन के भीतर गांव में 25 केवीए के स्थान पर 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगवा दिया जाएगा।
विज्ञापन