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नहर कटने से 100 बीघे फसल डूबी
Amar ujala Bureau
Updated Sat, 20 Aug 2016 11:53 PM IST
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सिंचाई खंड से संचालित रामगंज रजबहे से निकली नहर में पानी ज्यादा छोड़े जाने से शनिवार की सुबह शुकुल उमरी गांव के पास कटान हो गई। कटान से एक मकान व 100 बीघे से अधिक खेत जलमग्न हो गए।
खेतों में लगी धान की पौध पानी में डूब गई। किसानों की सूचना के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों की टीम मौके पर नहीं पहुंची। अधिकारियों की लापरवाही से किसानों में रोष व्याप्त है।
सिंचाई खंड-2 की ओर से रामगंज रजबहे का संचालन किया जा रहा है। भदैंया, लंभुआ व चांदा क्षेत्र में इसी नहर व माइनर से सिंचाई का कार्य किया जा रहा है। पिछले दो दिनों ने चांदा क्षेत्र से गुजरी नहर का जलस्तर बढ़ रहा था।
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किसानों ने इसकी जानकारी सिंचाई खंड-2 के अवर अभियंता को दी थी। पर कुछ हुआ नहीं। शनिवार सुबह प्रतापपुर कमैचा विकास खंड के शुकुलउमरी गांव के पास नहर में कटान हो गई।
सिंचाई खंड-2 के अधिशासी अभियंता रवींद्र कुमार सिंह ने बताया कि पानी की अधिकता की वजह से कटान हो गई। कटान को बांधने के लिए जेसीबी भेजी गई है। देर शाम तक कटान को बांध दिया जाएगा।
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खेतों में लगी धान की पौध पानी में डूब गई। किसानों की सूचना के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों की टीम मौके पर नहीं पहुंची। अधिकारियों की लापरवाही से किसानों में रोष व्याप्त है।
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सिंचाई खंड-2 की ओर से रामगंज रजबहे का संचालन किया जा रहा है। भदैंया, लंभुआ व चांदा क्षेत्र में इसी नहर व माइनर से सिंचाई का कार्य किया जा रहा है। पिछले दो दिनों ने चांदा क्षेत्र से गुजरी नहर का जलस्तर बढ़ रहा था।
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किसानों ने इसकी जानकारी सिंचाई खंड-2 के अवर अभियंता को दी थी। पर कुछ हुआ नहीं। शनिवार सुबह प्रतापपुर कमैचा विकास खंड के शुकुलउमरी गांव के पास नहर में कटान हो गई।
सिंचाई खंड-2 के अधिशासी अभियंता रवींद्र कुमार सिंह ने बताया कि पानी की अधिकता की वजह से कटान हो गई। कटान को बांधने के लिए जेसीबी भेजी गई है। देर शाम तक कटान को बांध दिया जाएगा।