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Sultanpur News: सालभर में एक किलकारी न सुन सका 100 शैया अस्पताल

Sun, 05 May 2024 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Sun, 05 May 2024 12:17 AM IST
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100 bed hospital could not hear a single scream in a year
सेमरीबाजार (सुल्तानपुर)। जयसिंहपुर तहसील के पिछड़े इलाके बिरसिंहपुर में 27 करोड़ रुपये से 100 शैया का अस्पताल बना। लोगों को उम्मीद थी कि अब छोटी-छोटी बीमारियों के लिए जिला मुख्यालय नहीं भागना पड़ेगा, किंतु एक साल में यहां एक प्रसव तक नहीं हो सका। सीएमओ से लेकर अपर निदेशक स्वास्थ्य ने लाख हाथ-पैर मारे, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। अब फिर महिला चिकित्सक की नियुक्ति हुई है। दावा है कि एक सप्ताह में प्रसव सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।
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30 मई 2023 को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस अस्पताल का लोकार्पण किया था। तब से यहां प्रसव सेवा शुरू नहीं हो पाई, जबकि लेबर रूम में बेबी इन्क्यूबेटर, बेबी वार्मर, फीटल हर्ट माॅनिटर, आईयू सीडी किट, डिलीवरी सेट, ऑक्सीजन कसंटेटर समेत लाखों रुपये के सभी उपकरण मौजूद हैं। अस्पताल में 15 स्टाफ नर्स हैं, जिसमें से तीन को प्रसव कराने का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। इसके बावजूद प्रसव की सेवाएं शुरू नहीं हो पाईं। इस बीच सीएमओ ने तो कई बार प्रयास किए, आदेश निर्देश जारी किए। अपर निदेशक स्वास्थ्य भी बार-बार यहां आकर स्टाफ पर दबाव बनाते रहे, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली।
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सीएमएस हमेशा महिला चिकित्सक न होने का बहाना बनाते रहे, जबकि महज प्रसव के लिए ही तीन स्टाफ नर्स को विशेष प्रशिक्षण भी दिलवाया गया है। पूर्व में जिन स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई थी, उन्होंने यहां ज्वाइन नहीं किया। सीएमओ डॉ. ओमप्रकाश चौधरी कहते हैं कि अब एक नई गायनोलॉजिस्ट की नियुक्ति हो गई है। सीएमएस डाॅ. राजकमल चौरसिया कहते हैं कि अभी उन्होंने ज्वाइन नहीं किया है। ज्वाइन करने पर एक सप्ताह में प्रसव की सेवाएं शुरू करा दी जाएंगी।
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विवादों में ही रहा है यह अस्पताल
100 शैया अस्पताल विवादों में ही रहा है। यहां चिकित्सकों के समय पर न बैठने की शिकायतें आम हैं। कई चिकित्सक तो आते ही नहीं हैं। यहां तैनात एक चिकित्सक ने बाकायदा यह आरोप लगाते हुए वीडियो भी वायरल कर दिया था। इसकी वजह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में अधिकारों को लेकर आपसी टकराव बताया जाता है।
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