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10 सूडानी जमातियों को पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना की सजा
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सुल्तानपुर। कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव के लिए किए गए लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोपी 10 सूडानी जमातियों को सीजेएम हरीश कुमार ने दोषी मानते हुए पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं अदा करने पर जमातियों को 10-10 दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। मामला कोतवाली नगर से जुड़ा है।
टूरिस्ट वीजा पर भारत आए 10 सूडानी जमाती लॉकडाउन के दौरान दिल्ली की मरकज में शामिल हुए थे। इसके बाद वे दिल्ली से आकर सुल्तानपुर के खैराबाद मोहल्ले में स्थित इस्लामिया मदरसा में रुके थे। आरोप है कि वे इस दौरान चोरी छिपे मस्जिदों व घरों में जाकर धर्म का प्रचार कर रहे थे।
पिछले एक अप्रैल को कोतवाली नगर में एसआई दिनेश कुमार राय की तहरीर पर अल अंसारी अबू अलगासिम समेत 10 सूडानी जमातियों व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सूडानी जमातियों को क्वारंटीन करने के बाद पिछले 24 अप्रैल को जेल भेज दिया था।
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सूडानी जमातियों ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए कहा कि वे सूडान से भारत भ्रमण पर आए हुए थे। उन्हें भारत के कानून की जानकारी नहीं थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अजीजुर्रहमान व अनिल दुबे ने कहा कि भारत में रहने पर सूडानियों को निवास, भोजन आदि के लिए काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
वे भारत में रहकर मुकदमा लड़ पाने व पैरवी कर पाने में असमर्थ हैं। लिहाजा उन्हें कम से कम दंड से दंडित किया जाए। सीजेएम हरीश कुमार ने सभी 10 सूडानी जमातियों को पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया है।
सूडानी जमाती अल अंसारी अबू अलगासिम, अहमद इस्माइल, आदम उमर, हराज सुलीमान, गंटूर अब्दुल्ला, बावेकर उस्मान, इल्माही मोहम्मद, अबदल्ला बरसम, मो. आदम व मो. अब्दल के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। अधिवक्ता अनिल दुबे ने बताया कि कोर्ट ने इन सभी आरोपियों के केस का निस्तारण कर दिया है।
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टूरिस्ट वीजा पर भारत आए 10 सूडानी जमाती लॉकडाउन के दौरान दिल्ली की मरकज में शामिल हुए थे। इसके बाद वे दिल्ली से आकर सुल्तानपुर के खैराबाद मोहल्ले में स्थित इस्लामिया मदरसा में रुके थे। आरोप है कि वे इस दौरान चोरी छिपे मस्जिदों व घरों में जाकर धर्म का प्रचार कर रहे थे।
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पिछले एक अप्रैल को कोतवाली नगर में एसआई दिनेश कुमार राय की तहरीर पर अल अंसारी अबू अलगासिम समेत 10 सूडानी जमातियों व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सूडानी जमातियों को क्वारंटीन करने के बाद पिछले 24 अप्रैल को जेल भेज दिया था।
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सूडानी जमातियों ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए कहा कि वे सूडान से भारत भ्रमण पर आए हुए थे। उन्हें भारत के कानून की जानकारी नहीं थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अजीजुर्रहमान व अनिल दुबे ने कहा कि भारत में रहने पर सूडानियों को निवास, भोजन आदि के लिए काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
वे भारत में रहकर मुकदमा लड़ पाने व पैरवी कर पाने में असमर्थ हैं। लिहाजा उन्हें कम से कम दंड से दंडित किया जाए। सीजेएम हरीश कुमार ने सभी 10 सूडानी जमातियों को पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया है।
सूडानी जमाती अल अंसारी अबू अलगासिम, अहमद इस्माइल, आदम उमर, हराज सुलीमान, गंटूर अब्दुल्ला, बावेकर उस्मान, इल्माही मोहम्मद, अबदल्ला बरसम, मो. आदम व मो. अब्दल के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। अधिवक्ता अनिल दुबे ने बताया कि कोर्ट ने इन सभी आरोपियों के केस का निस्तारण कर दिया है।