बेबस पुलिस, सीओ से मारपीट देखते रहे एसओ
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मेरठ में हुए बवाल मामले में पुलिस असहाय दिखी। अफसरों के सामने ही पथराव, फायरिंग, आगजनी और लूटपाट हुई। खुलेआम हाथों में असलहे लिए नकाबपोश युवकों ने पत्थर और गोलियां बरसाईं। बेबस पुलिस अपनी जान बचाने की जद्दोजहद करती दिखी।
शनिवार दोपहर करीब एक बजे जहां बवाल की शुरूआत हुई, वह गुदड़ी बाजार और तीरगरान का बॉर्डर है। गुदड़ी बाजार की तरफ से जब पथराव हुआ, तो उस समय मौके पर केवल इंस्पेक्टर कोतवाली और एसएसआई ही थे। तीरगरान बवाल के बाद करीब एक घंटा स्थिति नियंत्रण में रही।
एसएसपी ओंकार सिंह तीरगरान मोड़ से लेकर गुदड़ी बाजार तक माइक से लोगों से शांति की अपील करते हुए निकले। इसके कुछ देर बाद ही अचानक गुदड़ी बाजार की तरफ से आई भीड़ ने एक तरह से योजनाबद्ध तरीके से हमला बोल दिया।
पांच थानों के एसओ बने डरपोक
मेरठ जिले के पांच थानों के एसओ अपने अधिकारी से मारपीट होते देखते रहे, लेकिन डर के मारे उन्हें सांप सूंघ गया था। सीओ अकेले ही करीब 50 बवालियों से जूझते रहे।
अराजक तत्वों को रोकने के लिए सीओ ब्रह्मपुरी विजय प्रताप यादव पांच थानेदारों के साथ तीरगरान स्थित जैन मंदिर के पास खडे़ थे। तभी अराजक तत्वों का एक गुट वहां पहुंचा और सीओ से हाथापाई कर दी। उनके गनर ने विरोध किया तो उसे धक्का दे दिया। एसओ ब्रह्मपुरी परशुराम, एसओ लिसाड़ीगेट रवेंद्र यादव, एसओ नौचंदी विनोद कुमार सिंह, इंस्पेक्टर सिविल लाइन अजय अग्रवाल और इंस्पेक्टर सदर बाजार गजेंद्र पाल यादव मुंह देखते रहे।
सीओ ने अकेले ही बहादुरी से अराजक तत्वों का मुकाबला करके लाठी फटकारी, तब जाकर वे भागे। बाद में मंदिर के सामने खड़े कुछ लोगों ने सीओ से माफी मांगी और मदद की गुहार लगाई। गुस्साई पुलिस ने उनकी मदद करने से इंकार कर दिया और लौट गई। बाद में सीओ ब्रह्मपुरी विजय प्रताप यादव ने बताया कि पुलिस पर हमला करने वालों की पहचान की जाएगी, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसओ नहीं चला पाए गोली
पथराव और फायरिंग के दौरान शहर के एक एसओ जवाबी फायरिंग में फेल साबित हुए। जिस समय एक युवक की जांघ में गोली लगी तो पब्लिक ने इस एसओ से सरकारी रिवाल्वर से फायरिंग करने को कहा।
बुरी तरह बौखलाए एसओ जान बचाने के लिए एक गली में घुस गए और गोली नहीं चला पाए। इस पर लोगों ने एक दरोगा से यह कहकर रिवाल्वर छीनने की कोशिश की, कि तुम से नहीं हो रहा है तो लाओ हम ही मुकाबला करते हैं।
इस दौरान अराजक तत्वों ने एक सीओ से भी पिस्टल झपट ली थी। हालांकि कुछ ही देर में पिस्टल बरामद हो गई।
चेहरे पर नकाब, हाथों में पत्थर
चेहरे पर नकाब बांधे और हाथों में ईंट पत्थर, असलहे लिए इन अराजक तत्वों ने करीब 20 मिनट तक पुलिस को सांस नहीं लेने दी। बजाजा बाजार की तरफ खड़ी पुलिस और पब्लिक इस हमले का सामना नहीं कर पाई। अराजक तत्वों ने एक दुकान में लूटपाट कर आग लगा दी। दो और दुकान लूट ली गईं।
गुदड़ी बाजार के पास खड़ी एक बाइक फूंक दी। ताबड़तोड़ फायरिंग में तीन युवक बुरी तरह घायल हो गए। हालात यहां तक पहुंच गए कि भीड़ ने घरों में घुसने की कोशिश की। शनि मंदिर के आसपास के घरों में चीखपुकार मच गई। महिलाओं और बच्चों को कमरों में बंद कर दिया गया।
देर से जागी पुलिस और पब्लिक ने जब जवाबी हमला किया तो अराजक तत्वों के पैर उखड़ गए।
भाजपाइयों और पुलिसकर्मियों में हाथापाई
बवाल के बाद भाजपाइयों की पुलिस से जमकर नोकझोंक हुई। शहर के भाजपाइयों के साथ ही मुजफ्फरनगर से प्रत्याशी संजीव बालियान ने अफसरों को खूब खरी-खोटी सुनाई और पक्षपात का आरोप लगाया। एसएसपी से भी विरोध जताया।
बजाजा बाजार में भाजपाई और व्यापारियों ने खुद को असुरक्षित बताते हुए हंगामा कर दिया। हंगामा बढ़ने पर एसपी सिटी ने कहा कि माहौल खराब करने आए हो क्या? इतना कहते ही एसपी सिटी को घेर लिया गया। उनसे धक्का-मुक्की भी की गई। आरोप लगाया कि एसपी ने भाजपा नेता वीनस शर्मा को बाद में भुगतने की धमकी दी है।
करीब आधा घंटे तक तीखी झड़प हुई। हालात बेकाबू होते देख एसपी सिटी को पुलिसकर्मियों से साथ लौटना पड़ा। उसके बाद सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, विनीत शारदा, संजीव बालियान, अजित चौधरी, अमित राणा आदि आ पहुंचे। सर्राफा बाजार में संजीव बालियान की एसपी सिटी से बहस हो हुई। बालियान ने कहा कि मुजफ्फरनगर जैसी गलती मेरठ में नहीं होने देंगे। घायलों की तहरीर पर पुलिस मुकदमा दर्ज करे और आरोपियों को गिरफ्तार करे।
सैकड़ों बवालियों पर मुकदमे दर्ज
आईजी जोन आलोक शर्मा ने बताया कि इस बवाल में पुलिस ने अपनी तरफ से थाना कोतवाली और देहली गेट में सैकड़ों लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए हैं। ये मुकदमे बलवा, पुलिस पर हमला, सरकारी कर्मचारियों से लूटपाट, पब्लिक प्रॉपर्टी में तोड़फोड़, फायरिंग, लूटपाट, आगजनी की धाराओं और 7 सीएल एक्ट में दर्ज कराए जा रहे हैं।
इस पूरे बवाल की पुलिस की तरफ से भी वीडियोग्राफी कराई गई है। जिन लोगों का नुकसान हुआ है, उनकी तरफ से और मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। वीडियो फुटेज और फोटो के आधार बवालियों की पहचान की जाएगी।
शनिवार आधी रात तक हमारे पास दूसरे जिलों से फोर्स पहुंच जाएगा। अराजक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिनाख्त के बाद इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जाएगी।
पूरे शहर में कड़ी चौकसी
बवाल के बाद तनाव को देखते हुए पुराने शहर को सेक्टरों में बांट दिया गया है। शहर में मेरठ के अलावा आगरा और बरेली जोन से भी पुलिस फोर्स, पीएसी और आरएएफ कॉल कर ली गई। रात तक मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और हापुड़ से पुलिस फोर्स पहुंच चुकी थी। कोतवाली के अलावा अतिसंवेदनशील ब्रह्मपुरी, देहली गेट और लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्रों में भी सीओ और थानेदारों को तैनात किया गया है।
सभी सीओ और थानेदारों की आठ-आठ घंटे के हिसाब से शिफ्ट वार ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा भूमिया का पुल, हापुड़ अड्डा, जाटव गेट, घंटाघर, जली कोठी, बुढ़ाना गेट, एल ब्लॉक, शास्त्रीनगर आदि इलाकों को सेक्टरों में बांटकर जगह-जगह पिकेट और गश्त के इंतजाम किए गए हैं। एसएसपी ओंकार सिंह के अनुसार शहर के मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में निरंतर गश्त और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।