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Sonebhadra News: जहां पढ़ाया जाता है सफाई का पाठ, वहीं गंदगी का अंबार
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कंपोजिट विद्यालय सिदहवांदाड़ में सफाई के अभाव में गंदगी से भरा शौचालय। संवाद
- फोटो : विद्यालय
अनपरा। सरकार स्वच्छता के प्रचार-प्रसार एवं सफाई पर पैसा खर्च कर रही है, लेकिन शिक्षा के मंदिर में ही गंदगी का अंबार लगा हुआ है। शौचालय गंदगी से पटे हुए हैं तो कहीं उनमें पानी नहीं है। इस कारण बच्चे बाहर खुले में जाने को विवश हैं।
म्योरपुर ब्लॉक के कुलडोमरी ग्राम पंचायत में कुल 45, रणहोर में छह और जोगेंद्रा में 6 प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। शासन की ओर से विद्यालयों में बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग यूरिनल और शौचालय का निर्माण कराया है।
विद्यालय की दीवारों पर भी लाखों खर्च कर स्वच्छता के कई स्लोगन लिखवाएं हैं। विद्यालय में भी स्वच्छता के कई कार्यक्रम चलाए जाते हैं। बच्चों को स्वच्छता से रहने की आदते सिखाने के साथ बच्चों को खुले में शौच करने के नुकसान के बारे में बताते हुए घर के लोगों को भी जागरूक करने की बात कही जाती है, लेकिन इन विद्यालयों के शौचालयों में ही गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
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कहीं दरवाजे टूटे हुए हैं तो कहीं शीट क्षतिग्रस्त है। पानी की टोटी भी नहीं है। बच्चों ने बताया कि प्रतिदिन इस्तेमाल होने वाले शौचालयों की मुश्किल से महीने में एक बार सफाई होती है।
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म्योरपुर ब्लॉक के कुलडोमरी ग्राम पंचायत में कुल 45, रणहोर में छह और जोगेंद्रा में 6 प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। शासन की ओर से विद्यालयों में बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग यूरिनल और शौचालय का निर्माण कराया है।
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विद्यालय की दीवारों पर भी लाखों खर्च कर स्वच्छता के कई स्लोगन लिखवाएं हैं। विद्यालय में भी स्वच्छता के कई कार्यक्रम चलाए जाते हैं। बच्चों को स्वच्छता से रहने की आदते सिखाने के साथ बच्चों को खुले में शौच करने के नुकसान के बारे में बताते हुए घर के लोगों को भी जागरूक करने की बात कही जाती है, लेकिन इन विद्यालयों के शौचालयों में ही गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
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कहीं दरवाजे टूटे हुए हैं तो कहीं शीट क्षतिग्रस्त है। पानी की टोटी भी नहीं है। बच्चों ने बताया कि प्रतिदिन इस्तेमाल होने वाले शौचालयों की मुश्किल से महीने में एक बार सफाई होती है।