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धंधरौल व नगवां बांध से 87 नहरों में छोड़ा जाएगा पानी
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रबी फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को परेशानी नहीं होगी। 25 दिसंबर से नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। जिला प्रशासन की तरफ से नहरों के संचालन की कागजी कार्रवाई पूरी हो गई है। इस बार नहरें तय रोस्टर से एक सप्ताह पहले संचालित की जाएंगी। धंधरौल व नगवां बांध से कुल 87 नहरों एवं माइनरों के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।
कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, खरीफ सीजन में अच्छी बारिश होने की वजह से इस वर्ष समय से धान की रोपाई पहले हो गई थी। इस नाते धान की कटाई और रबी फसल की बोआई भी 80 से 90 प्रतिशत किसान नवंबर माह तक कर चुके हैं। शेष किसान दिसंबर में बोआई कर रहे हैं। वहीं सिंचाई विभाग की तरफ से नहरों में पानी छोड़े जाने का रोस्टर एक जनवरी से है। ऐसे में नवंबर में रबी फसल की बोआई कर चुके किसानों को लंबा समय इंतजार न करना पड़े इसको देखते नहरों का संचालन 25 दिसंबर से करने का आग्रह जिला कृषि अधिकारी ने जिलाधिकारी से किया। बताया कि फसल की पहली सिंचाई 21 से 25 दिन के अंदर कर देनी चाहिए। इसके बाद जितने दिन सिंचाई पिछड़ती है, वैसे ही उपज प्रभावित होने की आशंका रहती है। इस पर जिलाधिकारी टीके शिबू ने नहरों के संचालन की अनुमति दे दी।
सिंचाई विभाग की तरफ से एक जनवरी से नहरों के संचालन का प्रस्ताव दिया गया था। जिसे अस्वीकार करते हुए 25 दिसंबर से नहरों में पानी छोड़े जाने का आग्रह किया गया। इसके लिए डीएम से स्वीकृति मिल गई है। -डॉ. हरिकृष्ण मिश्र, जिला कृषि अधिकारी-सोनभद्र।
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इस बार जिलाधिकारी व विभागीय उच्चाधिकारियों का जैसा निर्देश होगा, उसी हिसाब से धंधरौल व नगवां बांध से नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। -राजीव सिंह, सहायक अभियंता- एमसीडी-मिर्जापुर।
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कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, खरीफ सीजन में अच्छी बारिश होने की वजह से इस वर्ष समय से धान की रोपाई पहले हो गई थी। इस नाते धान की कटाई और रबी फसल की बोआई भी 80 से 90 प्रतिशत किसान नवंबर माह तक कर चुके हैं। शेष किसान दिसंबर में बोआई कर रहे हैं। वहीं सिंचाई विभाग की तरफ से नहरों में पानी छोड़े जाने का रोस्टर एक जनवरी से है। ऐसे में नवंबर में रबी फसल की बोआई कर चुके किसानों को लंबा समय इंतजार न करना पड़े इसको देखते नहरों का संचालन 25 दिसंबर से करने का आग्रह जिला कृषि अधिकारी ने जिलाधिकारी से किया। बताया कि फसल की पहली सिंचाई 21 से 25 दिन के अंदर कर देनी चाहिए। इसके बाद जितने दिन सिंचाई पिछड़ती है, वैसे ही उपज प्रभावित होने की आशंका रहती है। इस पर जिलाधिकारी टीके शिबू ने नहरों के संचालन की अनुमति दे दी।
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सिंचाई विभाग की तरफ से एक जनवरी से नहरों के संचालन का प्रस्ताव दिया गया था। जिसे अस्वीकार करते हुए 25 दिसंबर से नहरों में पानी छोड़े जाने का आग्रह किया गया। इसके लिए डीएम से स्वीकृति मिल गई है। -डॉ. हरिकृष्ण मिश्र, जिला कृषि अधिकारी-सोनभद्र।
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इस बार जिलाधिकारी व विभागीय उच्चाधिकारियों का जैसा निर्देश होगा, उसी हिसाब से धंधरौल व नगवां बांध से नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। -राजीव सिंह, सहायक अभियंता- एमसीडी-मिर्जापुर।