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Sonebhadra News: जिला अस्पताल में जलजमाव, मरीजों-तीमारदारों को परेशानी

Thu, 05 Sep 2024 11:19 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 05 Sep 2024 11:19 PM IST
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Water logging in district hospital, problems for patients and attendants
सोनभद्र। कायाकल्प, नालियाें की सफाई सहित अन्य कार्यों पर हर साल लाखों खर्च होने के बावजूद जिला अस्पताल में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इससे बारिश के मौसम में आए दिन जिला अस्पताल में जलजमाव की स्थिति बन जाती है। करीब 22 लाख की आबादी वाले सोनभद्र जिले को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर से जिला अस्पताल को मेडिकल काॅलेज के अधीन कर दिया गया। तब लोगों को उम्मीद थी कि व्यवस्थाओं में सुधार होगा। मगर, कुछ मामलों को छोड़ दें तो जिला अस्पताल में बदइंतजामी है। कायाकल्प के नाम पर हर साल लाखों खर्च होने के बावजूद भी जिला अस्पताल में जल निकासी की उचित व्यवस्था नही हो पा रही है। आए दिन जिला अस्पताल में जलभराव बना रहता है। कुछ ऐसी ही स्थिति बृहस्पतिवार को भी रही। दोपहर साढ़े 12 बजे तेज बारिश होते ही जिला अस्पताल में पानी जमा हो गया। इससे मरीजों को जांच, उपचार में परेशानी हुई। मुख्य इमारत में स्ट्रेचर व ह्वील चेयर से मरीजों को लाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों व उनके तीमारदारों को दिक्कत हुई। महिला और पुरुष वार्ड में एक फीट से अधिक पानी भर गया। कई मरीज जो बाहर जांच को गए थे, वे घंटों उधर ही रहे। वार्ड में शिफ्ट होने वाले मरीजों को भी परेशानी हुई। नर्सिंग स्टाफ कक्ष में भी पानी भर गया। इससे नर्साें को बाहर खड़े होकर ड्यूटी करनी पड़ी। जनरल वार्ड सेे सीटी स्कैन कराने मरीज को ले जाने वाले तीमारदारों को रसोई के पास जमा पानी से होकर गुजरना पड़ा। दूसरे तल पर बने एक वार्ड में दीवार पुरानी होने से पानी वार्ड में भर गया। इससे मरीज परेशान रहे।
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ओपीडी छोड़कर उठे चिकित्सक
जिला अस्पताल में वार्ड से इतर अस्पताल के बीच छोडे़ गए स्थानों के साथ ही कई अन्य क्षेत्र भी जलमग्न रहे। इसके साथ ही अस्पताल की ओपीडी के भूतल में पानी भर गया। मरीजों के लिए बने बैठक हाॅल में करीब छह इंच तक पानी जमा हो गया। चिकित्सकों के कक्ष में पानी भरे होने के कारण कई चिकित्सक एक बजे ही ओपीडी से उठ गए। मरीज भी परेशान रहे। नालियां जाम होने से पानी उल्टा अंदर भरने लगता है। जबकि सफाई के नाम पर हर साल पैसे निकाले जाते हैं। प्रभारी सीएमएस डाॅ. एसएस पांडेय का कहना है कि सड़क से पानी बहकर अस्पताल में आ जाता है। पानी की निकासी का इंतजाम किया जा रहा है। भविष्य में इस तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए ठोस इंतजाम किए जाएंगे।
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