{"_id":"57bc8f574f1c1b8e63d509e7","slug":"warrants-against-the-leaders-and-secretaries","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानों और सचिवों के खिलाफ वारंट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानों और सचिवों के खिलाफ वारंट
ब्यूररो,अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Tue, 23 Aug 2016 11:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्व शिक्षा अभियान से जुड़े कार्य का वक्त से नहीं पूरा करने पर देवसर के एसडीएम ने मंगलवार सख्त कदम उठाते हुए 24 सरपंचों (प्रधान) समेत इतने ही सचिवों के खिलाफ वारंट जारी कर दिया। एसडीएम की कार्रवाई से संबंधितों में खलबली मच गई है।
देवसर तहसील क्षेत्र के पंचायतों को सर्व शिक्षा अभियान से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके तहत सरपंचों व सचिवों को समन्वय स्थापित कर शासन के निर्देश के मुताबिक कार्यों को पूरा करना था। कई पंचायतों ने इस शतप्रतिशत तो कुछ ने आधा अधूरा पूरा किया लेकिन 24 पंचायतों की सरपंच व सचिवों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके बाद एसडीएम ने संबंधितों को अल्टीमेटम दिया। इसके बाद भी नतीजा सिफर रहा।
इसी बात से नाराज एसडीएम विकास सिंह ने मंगलवार को ग्राम पंचायत आमों, बकहुल, बंधा, बोडी, बूढ़ाडांड, ढोंगा, डोडकी, झखरावल, करदा, खड़ौरा, मजौना, मझिगवां, गोड़बहरा, बंजारी, घरसेड़ी, घोघरा, हरदी, कठदहा, कोनी, पापल, पोंडी, समूद, सरई, सर्रा टोला के सरपंच व सचिवों के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया। इसके जद में सरपंच सविता देवी, सचिव राममनोहर पाठक समेत रामलल्लू सिंह, जर्नादन दुबे, लालजी सिंह, सुखेंद्र सिंह, धनी राम बैगा, विजय बहादुर बैगा, रामकली बैगा, छोटेलाल चतुर्वेदी सहित कई अन्य लोग आए हैं।
विज्ञापन
पौने दो करोड़ के गबन का है मामला
एसडीएम कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्कूलों को स्वीकृत करीब पौने दो करोड़ की राशि बिना काम के आहरित कर ली गई। मामला उजागर होने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर जांच हुई तो आरोप सही साबित हुए। इसके बाद तत्कालीन सरपंच, सचिवों के खिलाफ वारंट जारी किया गया।
विज्ञापन
देवसर तहसील क्षेत्र के पंचायतों को सर्व शिक्षा अभियान से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके तहत सरपंचों व सचिवों को समन्वय स्थापित कर शासन के निर्देश के मुताबिक कार्यों को पूरा करना था। कई पंचायतों ने इस शतप्रतिशत तो कुछ ने आधा अधूरा पूरा किया लेकिन 24 पंचायतों की सरपंच व सचिवों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके बाद एसडीएम ने संबंधितों को अल्टीमेटम दिया। इसके बाद भी नतीजा सिफर रहा।
विज्ञापन
इसी बात से नाराज एसडीएम विकास सिंह ने मंगलवार को ग्राम पंचायत आमों, बकहुल, बंधा, बोडी, बूढ़ाडांड, ढोंगा, डोडकी, झखरावल, करदा, खड़ौरा, मजौना, मझिगवां, गोड़बहरा, बंजारी, घरसेड़ी, घोघरा, हरदी, कठदहा, कोनी, पापल, पोंडी, समूद, सरई, सर्रा टोला के सरपंच व सचिवों के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया। इसके जद में सरपंच सविता देवी, सचिव राममनोहर पाठक समेत रामलल्लू सिंह, जर्नादन दुबे, लालजी सिंह, सुखेंद्र सिंह, धनी राम बैगा, विजय बहादुर बैगा, रामकली बैगा, छोटेलाल चतुर्वेदी सहित कई अन्य लोग आए हैं।
विज्ञापन
पौने दो करोड़ के गबन का है मामला
एसडीएम कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्कूलों को स्वीकृत करीब पौने दो करोड़ की राशि बिना काम के आहरित कर ली गई। मामला उजागर होने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर जांच हुई तो आरोप सही साबित हुए। इसके बाद तत्कालीन सरपंच, सचिवों के खिलाफ वारंट जारी किया गया।