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दो कंपनियों के प्रबंधकों के खिलाफ वारंट जारी
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Fri, 29 Apr 2016 10:49 PM IST
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मारकुंडी घाटी के पास चेतक कंपनी की ओर से सेंचुरी एरिया में टोल टैक्स भवन निर्माण और अनपरा-रेणुकूट मार्ग से सटे लभरीगाढ़ा में माइक्रो ओरिएंट आब्रेसिस केमिकल लिमिटेड द्वारा खतरनाक रासायनिक पदार्थ बहाने को एनजीटी ने गंभीरता से लिया है। नोटिस के बाद भी जवाब न देने पर दोनों कंपनियों के प्रबंधकों के खिलाफ वारंट जारी कर दिया। संबंधित थानाध्यक्षों को वारंट तामील कराने का आदेश दिया गया है। सुनवाई की अगली तिथि 31 मई तय की गई है।
राबर्ट्सगंज निवासी यशवंत चौधरी ने प्रदूषण और सेंचुरी एरिया में टोल टैक्स भवन निर्माण को लेकर एनजीटी में याचिका दाखिल कर रखी है। राबर्ट्सगंज एसडीएम की ओर से टोल टैक्स भवन ढहाने का आदेश भी जारी हो चुका है, लेकिन इस पर अमल नहीं हो पाया है। इसी तरह माइक्रो ओरिएंट कंपनी को भी खतरनाक रासायनिक पदार्थों का बहाव रोकने का आदेश जारी किया गया है, लेकिन मामला जस का तस है। इसको देखते हुए एनजीटी ने दोनों कंपनियों से जवाब तलब किया था, लेकिन 27 अप्रैल तक कोई जवाब नहीं पहुंचा।
तब मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एमएस नांबियार और बीएस सजवान की पीठ ने दोनों कंपनियों के प्रबंधक के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए संबंधित एसओ को तामील करने का आदेश दिया। आदेश तामील कराने के वक्त संबंधित को दस हजार का मुचलका भी भरना पड़ेगा। याची के अधिवक्ता अभिषेक ने इसकी पुष्टि की।
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राबर्ट्सगंज निवासी यशवंत चौधरी ने प्रदूषण और सेंचुरी एरिया में टोल टैक्स भवन निर्माण को लेकर एनजीटी में याचिका दाखिल कर रखी है। राबर्ट्सगंज एसडीएम की ओर से टोल टैक्स भवन ढहाने का आदेश भी जारी हो चुका है, लेकिन इस पर अमल नहीं हो पाया है। इसी तरह माइक्रो ओरिएंट कंपनी को भी खतरनाक रासायनिक पदार्थों का बहाव रोकने का आदेश जारी किया गया है, लेकिन मामला जस का तस है। इसको देखते हुए एनजीटी ने दोनों कंपनियों से जवाब तलब किया था, लेकिन 27 अप्रैल तक कोई जवाब नहीं पहुंचा।
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तब मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एमएस नांबियार और बीएस सजवान की पीठ ने दोनों कंपनियों के प्रबंधक के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए संबंधित एसओ को तामील करने का आदेश दिया। आदेश तामील कराने के वक्त संबंधित को दस हजार का मुचलका भी भरना पड़ेगा। याची के अधिवक्ता अभिषेक ने इसकी पुष्टि की।
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