UP News: जहां पैदा होती है बिजली, उससे सटा गांव ही अंधेरे में, ग्रामीण बोले- मरने से पहले पूरा हो सपना
अनपरा, चोपन और सिंगरौली के बीच में बसा जोगेंद्रा गांव आज भी अंधेरे में है। ग्राम पंचायत की सीमा से 11 हजार वोल्ट का तार गुजरा हुआ है, मगर गांव को बिजली नहीं मिल पा रही।
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दीप तले अंधेरा की कहावत यूपी के सोनभद्र जिले के भाठ क्षेत्र के लिए सटीक साबित हो रही है। क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा आज भी अंधेरे में है। लोग बार-बार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन बिजली पहुंचाकर उनकी जिंदगी में रोशनी लाने की सुध किसी को नहीं है। आजादी के बाद ऊर्जांचल में रिहंद बांध, कोल परियोजनाएं, फिर ताप विद्युत गृह की नींव रखी गई।
बार-बार क्षेत्र के लोगों को विस्थापित किया गया। कुछ लोगों को शहर से दूर भाठ क्षेत्रों में बसा दिया गया। इन्हें बिजली, पानी सहित हर सुविधा परियोजनाओं को पहुंचानी थी, लेकिन यह कागजों तक ही रह गया। अनपरा, चोपन और सिंगरौली के बीच में बसा जोगेंद्रा गांव आज भी अंधेरे में है। सूरज ढलते ही यहां अंधेरा छा जाता है।
आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला
ग्रामीणों के मुताबिक कई बार बिजली की मांग की गई, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला, जबकि औद्यौगिक परियोजनाओं को चलाने वाले मजदूर यहीं से जाते हैं। कहा कि मौत से पहले बिजली का सपना किसी भी तरह से पूरा हो जाए। जोगेंद्रा गांव के पंचायत सहायक श्रीकांत वैश्य का कहना है कि सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए ग्राम सचिवालय मे कंप्यूटर प्रिंटर एवं अन्य सुविधा दी है, ताकि लोगों के ऑनलाइन आवेदन हो सके।
ग्राम पंचायत की सीमा से गुजरा 11 हजार वोल्ट का तार
ग्राम पंचायत का काम भी ऑनलाइन अपडेट हो सके। ग्राम पंचायत की सीमा से 11 हजार वोल्ट का तार गुजरा हुआ है, मगर गांव को बिजली नहीं मिल पा रही। हम लोगों ने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से गांव के लिए ट्रांसफार्मर की लिखित रूप से मांग की, मगर अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्राम समाधान दिवस की शिकायत भी लंबित पड़ी है।
अगर गांव में बिजली आती है तो सिंचाई, पढ़ाई सहित अन्य सुविधाएं भी सुधरेंगी। सूरज, पंकज आदि ने कहा कि कहने को तो हम लोग ऊर्जा नगरी के निवासी हैं, लेकिन हम लोग आज भी आजादी के पहले की जिंदगी जी रहे हैं।
अधिशासी अभियंता पिपरी सुजीत गुप्ता ने कहा कि जोगेंद्रा गांव में बिजली न पहुंचने का मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। सौभाग्य योजना के तीसरे चरण में कुछ गांव चयनित किए गए हैं। उस योजना में गांव शामिल होगा तो बिजली की व्यवस्था कराई जाएगी वरना सुगम संयोजन योजना के तहत बिजली की व्यवस्था कराई जाएगी।