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Sonebhadra News: शादी से एक माह पहले उठी वीर बहादुर की अर्थी, मातम में बदलीं खुशियां
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घघरा बाजार के समीप रविवार के शाम सड़क दुर्घटना में दो सगे भाइयों की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है। परिजन रो-रोकर बेहाल हाल हैं। जिस युवक की शादी की तैयारियों में वह जुटे हुए थे, उसी की अर्थी पर मातम करते देख लोगों का कलेजा कांप उठा। सोमवार को गांव के कई घर में चूल्हा नहीं जले।
हादसे में जान गंवाने वाला नगवां गांव निवासी वीर बहादुर अपने माता-पिता का छोटा पुत्र था। उसकी शादी 17 मई को बभनी थाना क्षेत्र के मुनगाडीह गांव में होनी थी। वीर बहादुर अपने बड़े भाई जगदीश प्रसाद और चचेरे भाई रामकेश के साथ निमंत्रण देने के लिए घर से निकला था।
घघरा के पास सड़क दुर्घटना में जगदीश और वीर बहादुर की मौत हो गई। वहीं रामकेश का पैर टूट गया। वह गंभीर रूप से घायल हाल में जिला अस्पताल में उपचार करा रहा है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों शव घर पहुंचे तो चीख पुकार शुरू हो गई।
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वहीं मां अपने बेटों के शवों से लिपट कर रोते रही। किसी प्रकार से लोगों ने समझा बुझाकर मां को दूर किया। इसके बाद लोग दोनों भाइयों के शवों को लेकर दाह संस्कार करने के लिए श्मशानघाट पहुंचे। जब दोनों भाइयों की चिता बनी और दाह संस्कार होने लगा तो सभी की आंखें नम हो गईं।
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हादसे में जान गंवाने वाला नगवां गांव निवासी वीर बहादुर अपने माता-पिता का छोटा पुत्र था। उसकी शादी 17 मई को बभनी थाना क्षेत्र के मुनगाडीह गांव में होनी थी। वीर बहादुर अपने बड़े भाई जगदीश प्रसाद और चचेरे भाई रामकेश के साथ निमंत्रण देने के लिए घर से निकला था।
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घघरा के पास सड़क दुर्घटना में जगदीश और वीर बहादुर की मौत हो गई। वहीं रामकेश का पैर टूट गया। वह गंभीर रूप से घायल हाल में जिला अस्पताल में उपचार करा रहा है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों शव घर पहुंचे तो चीख पुकार शुरू हो गई।
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वहीं मां अपने बेटों के शवों से लिपट कर रोते रही। किसी प्रकार से लोगों ने समझा बुझाकर मां को दूर किया। इसके बाद लोग दोनों भाइयों के शवों को लेकर दाह संस्कार करने के लिए श्मशानघाट पहुंचे। जब दोनों भाइयों की चिता बनी और दाह संस्कार होने लगा तो सभी की आंखें नम हो गईं।