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रिहंद हाइड्रो की इकाइयों के अपग्रेडेशन का कार्य तेजी पर
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प्रदेश को सर्वाधिक सस्ती बिजली मुहैया कराने वाले रिहंद जलाशय के मुहाने पर स्थापित रिहंद हाइड्रो के अपग्रेडेशन का कार्य तेजी पर है। इसके तहत इकाइयों में स्थापना काल से ही लगे जनरेटिंग ट्रांसफार्मर को बदलकर उसकी क्षमता भी बढ़ाई जा रही है।
रिहंद डैम के मुहाने पर स्थापित रिहंद हाइड्रो के 50 मेगावाट क्षमता की छह इकाइयों से 300 मेगावाट विद्युत का उत्पादन किया जाता है। अब भी रिहंद हाइड्रो से जहां उप्र पावर कारपोरेशन को एक रुपये प्रति यूनिट से भी कम दर पर बिजली प्राप्त होती है। वहीं यहां से उत्पादित बिजली ग्रिड के माध्यम से रेलवे, सीमावर्ती बिहार प्रांत के सोननगर के साथ ही समीपवर्ती हिंडाल्को सहित अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी भेजी जाती है। परियोजना के महत्व को देखते हुए प्रबंधन ने इसकी सभी छह इकाईयों को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। इसके तहत विद्युत इकाई के सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंग जनरेटिंग ट्रांसफार्मर को बदला जा रहा है। एक्सईएन एसके राय ने बताया कि सभी इकाइयों में 1962 से ही लगे 60 एमवीए क्षमता वाले जीटी को बदलकर उसके स्थान पर 67.5 एमवीए का जीटी लगाया जा रहा है। दूसरी व चौथी इकाई का जीटी बदला जा चुका है। अभी छठवीं इकाई का बदला जा रहा है। उसके बाद पांचवीं, पहली व तीसरी इकाई का क्रमश: जीटी बदला जाएगा। एई अजित सक्सेना के नेतृत्व में अभियंता निरंतर कार्य की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
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रिहंद डैम के मुहाने पर स्थापित रिहंद हाइड्रो के 50 मेगावाट क्षमता की छह इकाइयों से 300 मेगावाट विद्युत का उत्पादन किया जाता है। अब भी रिहंद हाइड्रो से जहां उप्र पावर कारपोरेशन को एक रुपये प्रति यूनिट से भी कम दर पर बिजली प्राप्त होती है। वहीं यहां से उत्पादित बिजली ग्रिड के माध्यम से रेलवे, सीमावर्ती बिहार प्रांत के सोननगर के साथ ही समीपवर्ती हिंडाल्को सहित अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी भेजी जाती है। परियोजना के महत्व को देखते हुए प्रबंधन ने इसकी सभी छह इकाईयों को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। इसके तहत विद्युत इकाई के सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंग जनरेटिंग ट्रांसफार्मर को बदला जा रहा है। एक्सईएन एसके राय ने बताया कि सभी इकाइयों में 1962 से ही लगे 60 एमवीए क्षमता वाले जीटी को बदलकर उसके स्थान पर 67.5 एमवीए का जीटी लगाया जा रहा है। दूसरी व चौथी इकाई का जीटी बदला जा चुका है। अभी छठवीं इकाई का बदला जा रहा है। उसके बाद पांचवीं, पहली व तीसरी इकाई का क्रमश: जीटी बदला जाएगा। एई अजित सक्सेना के नेतृत्व में अभियंता निरंतर कार्य की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
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