उपलब्धि: खड़िया में उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी कोयला खदान, 20 करोड़ क्विंटल होगी उत्पादन क्षमता
यूपी-एमपी सीमा पर स्थित खड़िया परियोजना से वर्तमान में प्रदेश के सबसे बड़े अनपरा तापीय बिजलीघर को कोयला मिलता है। अब 20 मिलियन टन उत्पादन के साथ यूपी की सबसे बड़ी कोयला खदान खड़िया बनेगा।
विस्तार
एनसीएल की खड़िया कोयला परियोजना का मेगा प्रोजेक्ट के रूप में विस्तार किया जाएगा। विस्तार के बाद खड़िया की सालाना उत्पादन क्षमता 15 से बढ़कर 20 मिलियन टन यानी 20 करोड़ क्विंटल हो जाएगी। इस क्षमता के साथ यह उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी कोयला परियोजना होगी। अतिरिक्त पांच मिलियन टन कोयले से प्रदेश के बिजलीघरों को आपूर्ति बढ़ेगी और नजदीकी खदान होने से परिवहन लागत का लाभ भी मिल सकेगा।
यूपी-एमपी सीमा पर स्थित खड़िया परियोजना से वर्तमान में प्रदेश के सबसे बड़े अनपरा तापीय बिजलीघर को कोयला मिलता है। अनपरा की कुल उत्पादन क्षमता 2630 मेगावाट है। इसके अलावा निजी क्षेत्र के एमईआईएल अनपरा एनर्जी लिमिटेड को भी खड़िया से कोयले की आपूर्ति होती है। अनपरा की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव भी है। ऐसे में विस्तार के बाद परियोजना को नजदीकी खदान से कोयला आपूर्ति का लाभ मिलेगा।
पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया के तहत 28 अक्तूबर को दोपहर 12 बजे डीएवी पब्लिक स्कूल ग्राउंड, खड़िया कॉलोनी में लोक सुनवाई होगी। इसमें ग्रामीण जमीन, मुआवजा, रोजगार, प्रदूषण और पानी समेत अन्य मुद्दों पर आपत्ति या सुझाव दे सकेंगे।
पांच गांवों की 57 हेक्टेयर जमीन आएगी जद में
परियोजना विस्तार के लिए चिल्काडांड, खड़िया, परसवार राजा, भैरवा और बैढ़न गांवों की करीब 140 एकड़ यानी 57 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी प्रस्तावित है। वर्तमान में 1640 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन हो रहा है। विस्तार के बाद यह क्षेत्र बढ़कर 1697 हेक्टेयर हो जाएगा।
28 अक्तूबर को होगी लोक सुनवाई
पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया के तहत 28 अक्तूबर को दोपहर 12 बजे डीएवी पब्लिक स्कूल ग्राउंड, खड़िया कॉलोनी में लोक सुनवाई होगी। इसमें ग्रामीण जमीन, मुआवजा, रोजगार, प्रदूषण और पानी समेत अन्य मुद्दों पर आपत्ति या सुझाव दे सकेंगे।
अधिकारी बोले
खड़िया परियोजना की रिस्ट्रक्चरिंग का काम प्रस्तावित है। क्षमता विस्तार समेत अन्य गतिविधियां इसी का हिस्सा हैं। भविष्य में एनसीएल की कृष्णशिला कोयला परियोजना को खड़िया व ककरी कोयला क्षेत्र को बीना कोयला खदान में समाहित किए जाने की योजना है। -राम विजय सिंह, प्रवक्ता, एनसीएल