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बांध प्रबंधन ने यूपी और बिहार को जारी किया एलर्ट
ब्यूररो,अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Tue, 23 Aug 2016 11:24 PM IST
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ओबरा बांध के दो फाटकों से निकलता पानी।
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मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में सोन नदी पर निर्मित बाणसागर बांध का जलस्तर बढ़ गया है। तेजी से बढ़ाव को देखते हुए बांध के 18 में से छह फाटक खोल दिए गए हैँ। लगातार बारह सौ क्यूसेक (42 हजार 162 क्यूसेक) पानी छोड़ा जा रहा है। रिहंद, ओबरा डैम के साथ बाणसागर बांध से भी पानी छोड़े जाने से सोन में जबरदस्त उफान की संभावना बन गई है। बांध प्रबंधन ने उत्तर प्रदेश और बिहार को एलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासनिक अमले की तरफ से सोन नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में स्थिति की निगरानी शुरू हो गई है।
जलस्तर नियंत्रित होने के बाद सोमवार की सुबह बाणसागर के सभी गेट बंद कर दिए गए थे। इसके बाद सोन का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया था। जिले के चोपन, कोन, ओबरा, रेणुकापार अंचल के लोग राहत महसूस करने लगे थे लेकिन सोमवार को रीवां अंचल में हुई मजे की बारिश के बाद फिर से बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया। अधीक्षण अभियंता बाणसागर एके सिंघल ने बताया कि जलस्तर 340.93 मीटर तक पहुंच गया है। पानी का भी तेजी से आना जारी है।
इसको देखते हुए सुबह नौ बजे से छह गेटों को एक-एक मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। पानी का बढ़ावा ज्यादा तेज हुआ तो और फाटक खोले जाएंगे। उधर, ट बाणसागर के कार्यपालन यंत्री आरएम द्विवेदी ने मप्र के साथ यूपी, बिहार के मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग को मेल एवं संचार माध्यमों से एलर्ट जारी कर पानी छोड़ने की सूचना दे दी है। कहा है कि सोन नदी के जल स्तर में बढ़ोतरी के दृष्टिगत जरूरी कदम उठाएं और लोगों को सूचित करे। मंगलवार को छोड़े गए पानी का प्रभावी असर बुधवार को यूपी और गुरुवार को बिहार के हिस्से में दिखेगा। उधर, सिंगरौली के 22 गांवों में घुसे पानी ने कई के घर और कई सौ एकड़ फसलों को क्षति पहुंचाई है।
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जलस्तर नियंत्रित होने के बाद सोमवार की सुबह बाणसागर के सभी गेट बंद कर दिए गए थे। इसके बाद सोन का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया था। जिले के चोपन, कोन, ओबरा, रेणुकापार अंचल के लोग राहत महसूस करने लगे थे लेकिन सोमवार को रीवां अंचल में हुई मजे की बारिश के बाद फिर से बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया। अधीक्षण अभियंता बाणसागर एके सिंघल ने बताया कि जलस्तर 340.93 मीटर तक पहुंच गया है। पानी का भी तेजी से आना जारी है।
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इसको देखते हुए सुबह नौ बजे से छह गेटों को एक-एक मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। पानी का बढ़ावा ज्यादा तेज हुआ तो और फाटक खोले जाएंगे। उधर, ट बाणसागर के कार्यपालन यंत्री आरएम द्विवेदी ने मप्र के साथ यूपी, बिहार के मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग को मेल एवं संचार माध्यमों से एलर्ट जारी कर पानी छोड़ने की सूचना दे दी है। कहा है कि सोन नदी के जल स्तर में बढ़ोतरी के दृष्टिगत जरूरी कदम उठाएं और लोगों को सूचित करे। मंगलवार को छोड़े गए पानी का प्रभावी असर बुधवार को यूपी और गुरुवार को बिहार के हिस्से में दिखेगा। उधर, सिंगरौली के 22 गांवों में घुसे पानी ने कई के घर और कई सौ एकड़ फसलों को क्षति पहुंचाई है।
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