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दस मृतकों के परिजनों ने किया तर्पण, पिंडदान
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घोरावल। कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा कांड के मृतकों का तेरहवां संस्कार एवं मृत्युभोज प्राथमिक विद्यालय उभ्भा के परिसर में सोमवार को सम्पन्न हो गया। सभी दस मृतकों के परिजनों ने सामूहिक रूप से तेरहवां संस्कार किया। बताते चलें कि गत 17 जुलाई को दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में आदिवासी गोंड़ समुदाय के दस लोग मारे गए थे।
सोमवार को दोपहर के समय सभी 10 मृतकों के परिवाजनों ने सामूहिक रूप से विधि विधान के साथ तेरहवीं का संस्कार संपन्न कराया। सभी कर्मकांड गोंड़ समाज के पुरोहित लक्ष्मण गोंड़ के नेतृत्व में पुरोहितों के दल ने विधि विधान व लोक परंपरा के अनुसार संपन्न कराया। इसके पूर्व रविवार सुबह सभी मृतकों के सामूहिक रूप से दसवां संस्कार के लिए उनके परिजन मूर्तिया बंधी पर एकत्रित हुए। यहां पुरोहित लक्ष्मण गोंड़ ने दसों मृतकों के परिजनों से तर्पण व पिंडदान कराया। यहां करीब दो सौ महिलाओं ने दसवां संस्कार का स्नान किया, वहीं करीब डेढ़ सौ पुरुषों व बच्चों ने बाल मुड़वाकर शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की। दसवां संस्कार के बाद सोमवार को गोंड़ समाज द्वारा सभी दस मृतकों का एक साथ तेरहवां संस्कार व मृत्युभोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सामूहिक रूप से मृत्युभोज का आयोजन किया गया, जो देर शाम तक जारी रहा। तेरहवीं संस्कार में घोरावल क्षेत्र के अलावा जनपद के अन्य इलाकों, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के इलाकों से गोंड़ समाज के सैकड़ों लोग उभ्भा पहुंचे। इनमें मृतकों के रिश्तेदार से लेकर आदिवासी संगठनों के लोग शामिल रहे। भारी संख्या में गोंड़ समुदाय के लोगों के जुटने की संभावना के मद्देनजर इस दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। प्राथमिक स्कूल उभ्भा के परिसर में भारी तादाद में पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहे। सुरक्षा के मद्देनजर सीओ ज्ञानप्रकाश राय के नेतृत्व में दो इंस्पेक्टर व पुलिस फोर्स लगातार गांव में डटे रहे। इसके अलावा घुवास, सपही, मूर्तिया, कन्हारी मोड़ इत्यादि स्थानों पर और उभ्भा गांव में कई स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
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सोमवार को दोपहर के समय सभी 10 मृतकों के परिवाजनों ने सामूहिक रूप से विधि विधान के साथ तेरहवीं का संस्कार संपन्न कराया। सभी कर्मकांड गोंड़ समाज के पुरोहित लक्ष्मण गोंड़ के नेतृत्व में पुरोहितों के दल ने विधि विधान व लोक परंपरा के अनुसार संपन्न कराया। इसके पूर्व रविवार सुबह सभी मृतकों के सामूहिक रूप से दसवां संस्कार के लिए उनके परिजन मूर्तिया बंधी पर एकत्रित हुए। यहां पुरोहित लक्ष्मण गोंड़ ने दसों मृतकों के परिजनों से तर्पण व पिंडदान कराया। यहां करीब दो सौ महिलाओं ने दसवां संस्कार का स्नान किया, वहीं करीब डेढ़ सौ पुरुषों व बच्चों ने बाल मुड़वाकर शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की। दसवां संस्कार के बाद सोमवार को गोंड़ समाज द्वारा सभी दस मृतकों का एक साथ तेरहवां संस्कार व मृत्युभोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सामूहिक रूप से मृत्युभोज का आयोजन किया गया, जो देर शाम तक जारी रहा। तेरहवीं संस्कार में घोरावल क्षेत्र के अलावा जनपद के अन्य इलाकों, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के इलाकों से गोंड़ समाज के सैकड़ों लोग उभ्भा पहुंचे। इनमें मृतकों के रिश्तेदार से लेकर आदिवासी संगठनों के लोग शामिल रहे। भारी संख्या में गोंड़ समुदाय के लोगों के जुटने की संभावना के मद्देनजर इस दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। प्राथमिक स्कूल उभ्भा के परिसर में भारी तादाद में पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहे। सुरक्षा के मद्देनजर सीओ ज्ञानप्रकाश राय के नेतृत्व में दो इंस्पेक्टर व पुलिस फोर्स लगातार गांव में डटे रहे। इसके अलावा घुवास, सपही, मूर्तिया, कन्हारी मोड़ इत्यादि स्थानों पर और उभ्भा गांव में कई स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
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