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Sonebhadra News: शिवद्वार में दो लाख भक्तों ने किया जलाभिषेक
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श्रावण मास के तीसरे सोमवार को जिले भर के शिवालयों में श्रद्धा का महापर्व उमड़ पड़ा। वीरेश्वर महादेव मंदिर, बैजू बाबा बैजनाथ धाम, बरैला महादेव, रौप पंचमुखी महादेव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में सुबह से ही रुद्राभिषेक और पूजा-पाठ का क्रम जारी रहा।
शिवशक्ति के धाम शिवद्वार में श्रावण के तीसरे सोमवार को श्रद्धालुओं और कांवरियों की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर के प्रधान पुजारी सुरेश गिरी के अनुसार करीब दो लाख कांवरियों और श्रद्धालुओं ने श्री उमामहेश्वर मंदिर में जलाभिषेक और दर्शन-पूजन किया।
रविवार शाम से ही मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया था। सोमवार की भोर से ही जलाभिषेक के लिए कांवरियों की करीब दो किलोमीटर लंबी कतार लग गई। श्रद्धालुओं को तीन से चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा। पूरा क्षेत्र हर हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा।
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व्यवस्थाएं रहीं लचर, जाम में फंसे श्रद्धालु
जहां एक ओर शिवद्वार में श्रद्धालुओं का आस्था सैलाब उमड़ा, वहीं प्रशासनिक लापरवाही भी साफ नजर आई। यातायात व्यवस्था पूरी तरह फेल रही, और श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर पैदल चलकर वाहन तक पहुंचना पड़ा।
शिवद्वार मार्ग पर कीचड़, नालियों का बहता पानी और गंदगी व्यवस्था की पोल खोलते दिखे। यातायात व्यवस्था में नाकाफी पुलिस बल तैनात रहा। एएसपी (नक्सली) त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी की मौजूदगी के बावजूद ट्रैफिक की स्थिति नहीं संभाली जा सकी। मिर्जापुर-घोरावल मार्ग की जर्जर सड़कों ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया।
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भक्ति में डूबे श्रद्धालु, 2000 डाक बम बने आकर्षण
मंदिर के प्रधान पुजारी सुरेश गिरी के अनुसार, दोपहर 12 बजे तक करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर चुके थे। रात 2 बजे डाक बम के आगमन से जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा।
लगभग 2000 डाक बम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्हें सीधे मंदिर परिसर में प्रवेश दिया गया। मिर्जापुर से आए बंगाली कलाकारों ने उमामहेश्वर का विशेष शृंगार किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। कांवरियों में 5 साल के बच्चे से लेकर 70 वर्षीय वृद्धों तक का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिलाओं और युवाओं में भी विशेष उमंग दिखा।
सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्य विभाग ने निभाई भूमिका
श्रद्धालुओं की सहायता के लिए स्थानीय सामाजिक संगठनों द्वारा भंडारा, जलपान व चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई थी। वहीं, सीएचसी घोरावल की ओर से मंदिर परिसर में चिकित्सा स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा की गई। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्ति संगीत, डीजे और झांकियों से सराबोर रहा। 200 से अधिक डीजे और झांकियों के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं ने रातभर भक्ति गीतों पर झूमते हुए कांवड़ यात्रा पूरी की।
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शिवशक्ति के धाम शिवद्वार में श्रावण के तीसरे सोमवार को श्रद्धालुओं और कांवरियों की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर के प्रधान पुजारी सुरेश गिरी के अनुसार करीब दो लाख कांवरियों और श्रद्धालुओं ने श्री उमामहेश्वर मंदिर में जलाभिषेक और दर्शन-पूजन किया।
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रविवार शाम से ही मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया था। सोमवार की भोर से ही जलाभिषेक के लिए कांवरियों की करीब दो किलोमीटर लंबी कतार लग गई। श्रद्धालुओं को तीन से चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा। पूरा क्षेत्र हर हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा।
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व्यवस्थाएं रहीं लचर, जाम में फंसे श्रद्धालु
जहां एक ओर शिवद्वार में श्रद्धालुओं का आस्था सैलाब उमड़ा, वहीं प्रशासनिक लापरवाही भी साफ नजर आई। यातायात व्यवस्था पूरी तरह फेल रही, और श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर पैदल चलकर वाहन तक पहुंचना पड़ा।
शिवद्वार मार्ग पर कीचड़, नालियों का बहता पानी और गंदगी व्यवस्था की पोल खोलते दिखे। यातायात व्यवस्था में नाकाफी पुलिस बल तैनात रहा। एएसपी (नक्सली) त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी की मौजूदगी के बावजूद ट्रैफिक की स्थिति नहीं संभाली जा सकी। मिर्जापुर-घोरावल मार्ग की जर्जर सड़कों ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया।
भक्ति में डूबे श्रद्धालु, 2000 डाक बम बने आकर्षण
मंदिर के प्रधान पुजारी सुरेश गिरी के अनुसार, दोपहर 12 बजे तक करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर चुके थे। रात 2 बजे डाक बम के आगमन से जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा।
लगभग 2000 डाक बम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्हें सीधे मंदिर परिसर में प्रवेश दिया गया। मिर्जापुर से आए बंगाली कलाकारों ने उमामहेश्वर का विशेष शृंगार किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। कांवरियों में 5 साल के बच्चे से लेकर 70 वर्षीय वृद्धों तक का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिलाओं और युवाओं में भी विशेष उमंग दिखा।
सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्य विभाग ने निभाई भूमिका
श्रद्धालुओं की सहायता के लिए स्थानीय सामाजिक संगठनों द्वारा भंडारा, जलपान व चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई थी। वहीं, सीएचसी घोरावल की ओर से मंदिर परिसर में चिकित्सा स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा की गई। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्ति संगीत, डीजे और झांकियों से सराबोर रहा। 200 से अधिक डीजे और झांकियों के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं ने रातभर भक्ति गीतों पर झूमते हुए कांवड़ यात्रा पूरी की।