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Sonebhadra News: कलरव की होगी विदाई, सारंगी, आनंदमय और मृदंगम पढ़ेंगे नौनिहाल
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सोनभद्र। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कक्षा एक और दो से संस्कृत विषय को हटा दिया गया है। अब संस्कृत की पढ़ाई कक्षा तीन से होगी। कक्षा एक और दो के पाठ्यक्रम में बदलाव करते हुए नई किताबें तैयार की गई हैं। किताबों की छपाई का काम चल रहा है। अगले महीने तक किताबें बच्चों को मुहैया करा दी जाएंगी।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन 2061 विद्यालय संचालित हैं। इन स्कूलों में विभाग एनसीईआरटी की किताबों काे लागू करने की तैयारी में जुटा है। नई शिक्षा नीति के अब किताबों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष कक्षा एक और दो की किताबों में बदलाव किया गया है। पहले कक्षा एक और दो में कलरव किताब होती थी। एक ही किताब में हिंदी, अंग्रेजी, गणित और संस्कृत विषय की सामग्री होती थी। इससे बच्चे पर किताब का बोझ नहीं होता था और उसे तीन भाषाओं और गणित का ज्ञान कराया जाता था।
नई शिक्षा नीति के तहत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबों को पढ़ाया जाना है। इसमें परिवेश के अनुसार बदला गया है। अब हिंदी, अंग्रेजी और गणित समेत कुल तीन किताबें होगी। हिंदी की पुस्तक का नाम सारंगी रखा गया है। हिंदी के लिए सारंगी-1, गणित के लिए आनंदमय गणित-1 और अंग्रेजी के लिए मृदंगम-1 पाठ्यपुस्तक तैयार की गई है।
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कक्षा एक में संस्कृत नहीं पढ़ाई जाएगी। इसी तरह कक्षा दो के पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। इसके तहत कक्षा दो में हिंदी की पाठ्यपुस्तक किसलय के स्थान पर बच्चे सारंगी-2 पढ़ेंगे। गणित में गिनतारा के स्थान पर आनंदमय गणित-2 व अंग्रेजी विषय में मृदंगम-2 पुस्तक पढ़ेंगे। वहीं नई पुस्तकों के साथ बच्चों के लिए विशेष रूप से अभ्यास पुस्तिका (वर्क बुक) भी तैयार की गई है। इससे वह अभ्यास कर विषय को जल्दी और अच्छे ढंग से सीख सकेंगे। हालांकि जिले में यह पुस्तकें कब तक पहुंचेगी। यह तय नहीं है। हालांकि जुलाई माह में इनके वितरण की उम्मीद है।
बेसिक शिक्षा परिषद के कक्षा एक व दो के विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति 2020 के तहत इसी सत्र से राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पाठ्यपुस्तकें पढ़ानी हैं। इसके तहत कक्षा एक में पढ़ाई जा रही पाठ्यपुस्तक कलरव के स्थान पर नई पुस्तकें शामिल होगी। - नवीन पाठक, बीएसए।
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन 2061 विद्यालय संचालित हैं। इन स्कूलों में विभाग एनसीईआरटी की किताबों काे लागू करने की तैयारी में जुटा है। नई शिक्षा नीति के अब किताबों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष कक्षा एक और दो की किताबों में बदलाव किया गया है। पहले कक्षा एक और दो में कलरव किताब होती थी। एक ही किताब में हिंदी, अंग्रेजी, गणित और संस्कृत विषय की सामग्री होती थी। इससे बच्चे पर किताब का बोझ नहीं होता था और उसे तीन भाषाओं और गणित का ज्ञान कराया जाता था।
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नई शिक्षा नीति के तहत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबों को पढ़ाया जाना है। इसमें परिवेश के अनुसार बदला गया है। अब हिंदी, अंग्रेजी और गणित समेत कुल तीन किताबें होगी। हिंदी की पुस्तक का नाम सारंगी रखा गया है। हिंदी के लिए सारंगी-1, गणित के लिए आनंदमय गणित-1 और अंग्रेजी के लिए मृदंगम-1 पाठ्यपुस्तक तैयार की गई है।
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कक्षा एक में संस्कृत नहीं पढ़ाई जाएगी। इसी तरह कक्षा दो के पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। इसके तहत कक्षा दो में हिंदी की पाठ्यपुस्तक किसलय के स्थान पर बच्चे सारंगी-2 पढ़ेंगे। गणित में गिनतारा के स्थान पर आनंदमय गणित-2 व अंग्रेजी विषय में मृदंगम-2 पुस्तक पढ़ेंगे। वहीं नई पुस्तकों के साथ बच्चों के लिए विशेष रूप से अभ्यास पुस्तिका (वर्क बुक) भी तैयार की गई है। इससे वह अभ्यास कर विषय को जल्दी और अच्छे ढंग से सीख सकेंगे। हालांकि जिले में यह पुस्तकें कब तक पहुंचेगी। यह तय नहीं है। हालांकि जुलाई माह में इनके वितरण की उम्मीद है।
बेसिक शिक्षा परिषद के कक्षा एक व दो के विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति 2020 के तहत इसी सत्र से राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पाठ्यपुस्तकें पढ़ानी हैं। इसके तहत कक्षा एक में पढ़ाई जा रही पाठ्यपुस्तक कलरव के स्थान पर नई पुस्तकें शामिल होगी। - नवीन पाठक, बीएसए।