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चक्कों की धुलाई के बाद कोयला लेकर परियोजनाओं से बाहर निकलेंगे ट्रक
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सोनभद्र। अनपरा से शक्तिनगर के बीच स्थित 18 किमी सड़क एरिया की हवा में प्रति किमी 75 माइक्रोग्राम से कम आकार वाले सौ किग्रा से भी अधिक धूलकण मिलने के बाद सख्ती शुरू हो गई है। प्रमुख सचिव पर्यावरण की तरफ से चिंता जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने बुधवार को यूपी में स्थित सभी पांच कोयला परियोजनाओं को पत्र जारी किया है। इसमें चक्कों की धुलाई के बाद कोयला लेकर वाहनों को परियोजनाओं से बाहर निकलने देने, पूर्ण रूप से कोयला ढंककर ही परिवहन शुरू करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से अनपरा-शक्तिनगर के बीच सड़क पर छाए रहने वाली धूल की प्रतिदिन निगरानी करवाई जा रही है। इसमें औड़ी मोड़ के एक किमी एरिया में सर्वाधिक 298.20 किग्रा, कोलगेट रेणुसागर मोड़ पर 112 किग्रा, बीना स्टेडियम के पास 112 किग्रा, शक्तिनगर बस स्टैंड पर 125 किग्रा, चौबे परसवार के पास 143 किग्रा धूल पाई गई। इसी तरह कहीं सौ के करीब और कहीं कुछ कम मात्रा मिली है। मंगलवार की देर शाम सोनभद्र सहित प्रदेश के 16 संवेदनशील जिलों में प्रदूषण की स्थिति को लेकर हुई वर्चुअल मीटिंग के दौरान अनपरा-शक्तिनगर मार्ग पर धूल का मसला छाया रहा। प्रमुख सचिव ने जहां हालात पर चिंता जताई, वहीं इसके नियंत्रण के लिए तत्काल सख्ती बरतने के निर्देश दिए।
15 दिन में सुनिश्चत करना होगा अनुपालन
सोनभद्र। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि एनसीएल की खड़िया परियोजना, दुधीचुआ परियोजना, बीना परियोजना, ककरी परियोजना, कृष्णशिला परियोजना प्रबंधन को पत्र जारी कर प्रदूषण नियंत्रण के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। परियोजनाओं में अविलंब व्हील वाशिंग सिस्टम लगवाने को कहा गया है। इस सिस्टम के जरिए चक्का धुलने के बाद ही कोयला लेकर ट्रकों को परियोजना परिसर से बाहर निकलने देने को कहा गया है। ताकि ट्रकों के टायरों के माध्यम से कोयले के कण बाहर न फैलने पाएं तथा बिना पूर्ण रूप से ढके हुए किसी भी ट्रक को परियोजना परिसर से बाहर निकलने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने बताया कि परियोजनाओं में 15 दिन के भीतर इन निर्देशों के अनुपालन की आख्या मांगी गई है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से अनपरा-शक्तिनगर के बीच सड़क पर छाए रहने वाली धूल की प्रतिदिन निगरानी करवाई जा रही है। इसमें औड़ी मोड़ के एक किमी एरिया में सर्वाधिक 298.20 किग्रा, कोलगेट रेणुसागर मोड़ पर 112 किग्रा, बीना स्टेडियम के पास 112 किग्रा, शक्तिनगर बस स्टैंड पर 125 किग्रा, चौबे परसवार के पास 143 किग्रा धूल पाई गई। इसी तरह कहीं सौ के करीब और कहीं कुछ कम मात्रा मिली है। मंगलवार की देर शाम सोनभद्र सहित प्रदेश के 16 संवेदनशील जिलों में प्रदूषण की स्थिति को लेकर हुई वर्चुअल मीटिंग के दौरान अनपरा-शक्तिनगर मार्ग पर धूल का मसला छाया रहा। प्रमुख सचिव ने जहां हालात पर चिंता जताई, वहीं इसके नियंत्रण के लिए तत्काल सख्ती बरतने के निर्देश दिए।
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15 दिन में सुनिश्चत करना होगा अनुपालन
सोनभद्र। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि एनसीएल की खड़िया परियोजना, दुधीचुआ परियोजना, बीना परियोजना, ककरी परियोजना, कृष्णशिला परियोजना प्रबंधन को पत्र जारी कर प्रदूषण नियंत्रण के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। परियोजनाओं में अविलंब व्हील वाशिंग सिस्टम लगवाने को कहा गया है। इस सिस्टम के जरिए चक्का धुलने के बाद ही कोयला लेकर ट्रकों को परियोजना परिसर से बाहर निकलने देने को कहा गया है। ताकि ट्रकों के टायरों के माध्यम से कोयले के कण बाहर न फैलने पाएं तथा बिना पूर्ण रूप से ढके हुए किसी भी ट्रक को परियोजना परिसर से बाहर निकलने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने बताया कि परियोजनाओं में 15 दिन के भीतर इन निर्देशों के अनुपालन की आख्या मांगी गई है।
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