फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Transactions worth billions were reported involving 33 firms; 14 bogus firms were registered in the name of Sonbhadra.

Sonebhadra News: 33 फर्मों से अरबों का दिखाया गया लेनदेन, सोनभद्र के नाम पर दर्ज हुई 14 बोगस फर्मे

Sun, 19 Apr 2026 11:22 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 11:22 PM IST
विज्ञापन
Transactions worth billions were reported involving 33 firms; 14 bogus firms were registered in the name of Sonbhadra.
सोनभद्र। सोनभद्र सहित यूपी के अन्य जनपदों में पंजीकृत कराई गई 33 बोगस फर्मों के जरिये अरबों रुपये का कागजी लेनदेन किए जाने का मामला सामने आया है। महज सोनभद्र के नाम पर 14 बोगस फर्मों का पंजीकरण किया गया था। केंद्र और राज्य कर अधिकारियों की ओर से इस मामले में राॅबर्ट्सगंज कोतवाली में चार प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी हैं। 18 दिन पूर्व डाला से इस नेटवर्क से जुड़े फर्म संचालक आसिफ को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ और छानबीन में महज उसकी फर्म के जरिये 70 लाख के बोगस लेनदेन (आईटीसी पासऑन) का मामला सामने आया था।
विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक, एक बड़ी फर्म के जरिये लगभग 150 करोड़ का बोगस लेनदेन सामने आया है। इसी तरह अन्य फर्मों के बारे में छानबीन जारी है। जांच की कड़ी पंजाब के मंडी गोविंदगढ़ से जुड़ने के बाद सोनभद्र एसआईटी वहां की पुलिस के साथ छापेमारी में जुटी हुई है। जल्द ही इस मामले में बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन

दिसंबर 2025 और इस साल जनवरी में कागजी व्यापार (लेनदेन) दिखाकर करोड़ों की जीएसटी चोरी पकड़ी गई थी। प्रकरण में उपायुक्त राज्य कर मिर्जापुर कनक तिवारी और राज्य कर अधिकारी खंड दो मनीष कुमार की तरफ से 14 फर्मों के खिलाफ चार प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें गाजियाबाद के राहुल के नाम पंजीकृत आरके इंटरप्राइजेज, जम्मू-कश्मीर के राजौरी निवासी साकिब मलिक के नाम पर पंजीकृत मलिक ट्रेडर्स के अलावा राज ग्रुप ट्रेडर्स, न्यू पंजाब ट्रेडर्स, दीपक ट्रेड लिंक, गोयल इंटरप्राइजेज, रामा इंटरप्राइजेज, जसपाल ट्रेडर्स, अंसारी स्टील डीलर, बीके एसोसिएट, एमके इंटरप्राइजेज, स्मार्ट टेक ट्रेडर्स, मेसर्स डीके एसोसिएट व अन्य फर्मों का नाम सामने आया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

पकड़ी गई थी 12 करोड़ की जीएसटी चोरी
राज्य और केंद्रीय कर अधिकारियों की तरफ से की गई प्राथमिक छानबीन में लगभग 12 करोड़ की जीएसटी चोरी सामने आई थी। पता चला था कि आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) के जरिये जीएसटी (दिखाए गए व्यापार पर जीएसटी के रूप में अदा किए गए जाने टैक्स) चोरी का मामला सामने आया था। पता चला था कि ज्यादातर मामलों में लोहा और स्क्रैप व्यापार का फर्जी ई-वे बिल जारी किया जा रहा है। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि चोपन थाना क्षेत्र के डाला बाजार मेन मार्केट का रहने वाला आसिफ अली इस रैकेट में शामिल है और मेसर्स डीके एसोसिएट फर्म के जरिये जीएसटी चोरी की जा रही है। दो अप्रैल को उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि जीएसटी चोरी रैकेट के तार सिर्फ गाजियाबाद से नहीं पंजाब तक जुड़े हैं।
एसआईटी ने चंडीगढ़ में डाला डेरा, मंडी गोविंदगढ़ में चल रही छापेमारी
सोनभद्र एसआईटी की अगुवाई कर रहे इंस्पेक्टर राजेश यादव, निरीक्षक राजेश सरोज, कांस्टेबल किशन लाल और संदीप कुमार की मौजूदगी वाली टीम चंडीगढ़ पहुंची हुई है। जानकारी के मुताबिक शनिवार की रात के साथ रविवार को भी टीम वहां स्थानीय पुलिस से सहयोग लेते हुए जगह-जगह छापा मारा। कहा जा रहा है कि टीम के हाथ इस रैकेट से जुड़ी कई जानकारियां हाथ लगी हैं। दो-तीन दिन में बड़ा खुलासा सामने आ सकता है।
एक फर्म का गुजरात से जुड़ाव, जमा कराए 22 करोड़
विभागीय स्तर पर भी एसआईटी जीएसटी चोरी की जांच में जुटी हुई है। जानकारी के मुताबिक सोनभद्र में पंजीकृत कराई गई स्मार्ट टेक ट्रेडर्स के जरिये 2 करोड़ 76 लाख की आईटीसी पॉसआन की गई थी। इसके जरिये जसपाल ट्रेडर्स और जसपाल के माध्यम से गुजरात की रुपया ट्रेड विज से करोड़ों का लेनदेन दिखाया गया था। सूत्रों पर भरोसा करें रुपया ट्रेड को 22 करोड़ की पेनल्टी भुगतनी पड़ी है।
इस तरह की गई जीएसटी चोरी
बोगस फर्मों के जरिये इनवर्ड आपूर्ति हासिल कर बोगस आईटीसी क्लेम की गई और उसे मैनेज किया गया। इसके बाद आउटवर्ड आपूर्ति दिखाते हुए बोगस आईटीसी अपनी आपूर्तिकर्ता फर्म को पास-आन की गई। जांच में पता चला कि सोनभद्र सहित यूपी के अन्य जिलों में इस तरह की बोगस फर्मों का इस्तेमाल किया गया जिनका धरातल पर कभी कोई वजूद था ही नहीं। सिर्फ कागज पर आपूर्ति दिखाते हुए फर्जी आईटीसी क्लेम कर सरकारी खजाने को चपत लगाई गई।
---
विभागीय स्तर पर जांच में सोनभद्र के मामले में जो भी जानकारियां सामने आई थी, उससे पुलिस को अवगत कराया जाता है। अन्य जिलों की विभागीय एसआईटी अलग से जांच कर रही है। - राम विजय साहनी, असिस्टेंट कमिश्नर राज्य कर

बोगस फर्मों के जरिये आईटीसी पासऑन करने वालों पर लगातार नजर बनी हुई है। जहां भी गड़बड़ी पकड़ में आ रही है। जरूरी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। - सुधीर गौतम, राज्य कर अधिकारी।
एसआईटी मामले की जांच में जुटी हुई है। जो भी जानकारियां सामने आ रही हैं, उसके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। - अभिषेक वर्मा, एसपी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed