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Sonebhadra News: घाघर नदी के जर्जर पुल से भारी वाहनों का बंद कराया गया आवागमन
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करीब 60 वर्ष पुराने और जर्जर हालत में पहुंच चुके घाघर नदी पुल को लेकर समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का असर देखने को मिला है। जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक लगा दी थी।
हैरानी की बात यह रही कि अगले ही दिन पुल पर लगी बैरिकेडिंग हटवा दी गई, जिससे भारी वाहन पुनः उसी जर्जर पुल से गुजरने लगे।
जिला मुख्यालय से जिला जेल गुरमा को जोड़ने वाले इस पुल से रोजाना स्कूली वाहन, पुलिस-पीएसी के वाहन, जिला कारागार की प्रिजन वैन और अन्य भारी वाहन गुजरते हैं।
पुल की स्थिति बेहद खराब है, इसकी रेलिंग जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है और लोहे की सरिए तक दिखने लगी हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। समाचार प्रकाशन के बाद डीएम बद्रीनाथ ने पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिया कि भारी वाहनों का आवागमन तत्काल रोका जाए।
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निर्देश मिलते ही बुधवार की शाम पीडब्ल्यूडी ठेकेदार बंटी तिवारी ने गुरमा चौकी प्रभारी धर्म नारायण भार्गव, ग्राम प्रधान उधम सिंह यादव, सभासद अशफाक कुरैशी व स्थानीय नागरिकों के सहयोग से पुल पर बैरिकेडिंग कर दी।
भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग (मीना बाजार-तेलाई-चकरिया-कुशहिया होकर गुरमा जेल तक) चालू किया गया, लेकिन बृहस्पतिवार को ही बैरिकेडिंग हटा दी गई और भारी वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई।
अब सवाल उठ रहा है कि आखिर बैरिकेडिंग हटवाने का आदेश किसने दिया? लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और जनजीवन को लेकर चिंता बढ़ गई है। बैरिकेडिंग के दौरान मौके पर हाजी एजाज अहमद, महेश शर्मा, सत्यम गुप्ता, सादिक अली, मंसूर खान, सैफ खान, कन्हैयालाल भारती समेत अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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हैरानी की बात यह रही कि अगले ही दिन पुल पर लगी बैरिकेडिंग हटवा दी गई, जिससे भारी वाहन पुनः उसी जर्जर पुल से गुजरने लगे।
जिला मुख्यालय से जिला जेल गुरमा को जोड़ने वाले इस पुल से रोजाना स्कूली वाहन, पुलिस-पीएसी के वाहन, जिला कारागार की प्रिजन वैन और अन्य भारी वाहन गुजरते हैं।
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पुल की स्थिति बेहद खराब है, इसकी रेलिंग जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है और लोहे की सरिए तक दिखने लगी हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। समाचार प्रकाशन के बाद डीएम बद्रीनाथ ने पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिया कि भारी वाहनों का आवागमन तत्काल रोका जाए।
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निर्देश मिलते ही बुधवार की शाम पीडब्ल्यूडी ठेकेदार बंटी तिवारी ने गुरमा चौकी प्रभारी धर्म नारायण भार्गव, ग्राम प्रधान उधम सिंह यादव, सभासद अशफाक कुरैशी व स्थानीय नागरिकों के सहयोग से पुल पर बैरिकेडिंग कर दी।
भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग (मीना बाजार-तेलाई-चकरिया-कुशहिया होकर गुरमा जेल तक) चालू किया गया, लेकिन बृहस्पतिवार को ही बैरिकेडिंग हटा दी गई और भारी वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई।
अब सवाल उठ रहा है कि आखिर बैरिकेडिंग हटवाने का आदेश किसने दिया? लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और जनजीवन को लेकर चिंता बढ़ गई है। बैरिकेडिंग के दौरान मौके पर हाजी एजाज अहमद, महेश शर्मा, सत्यम गुप्ता, सादिक अली, मंसूर खान, सैफ खान, कन्हैयालाल भारती समेत अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे।