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व्यापारियों ने 17 को बाजार बंदी का लिया निर्णय
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ओबरा। व्यापारियों की बैठक गुरुवार को गल्ला मंडी में हुई। इसमें व्यापारियों ने मांगों को लेकर 17 अक्टूबर को बाजार बंदी का निर्णय लिया। सभा में ओबरा बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक आचार्य प्रमोद चौबे ने कहा कि स्वत: बंदी की सफलता के लिए व्यापारियों ने सहमति दी है।
पूर्व में बनी सहमति के विपरीत व्यक्तिगत कारणों से सैकड़ों दुकानों को जमीदोंज कर दिया गया। इंसान के लिए कानून है। कानून के लिए इंसान नहीं है। इसकी अनदेखी अमानवीयता को दर्शाती है। गम में पड़े व्यापारियों को उजाड़ने की कोशिश असंवेदनशीलता का परिचय दे रही है। अभी भी कुछ लोग कानून को ढाल बनाकर सामाजिक तानाबाना को बिखेरने की कोशिश कर रहे हैं। गुप्तचर एजेंसियां इसे गंभीरता से लेते हुए संदिग्ध लोगों को चिह्नित करें। सभा में भोला कनौजिया, रवींद्र गर्ग,मनोज सिंह, लालबाबू सोनकर, मुस्लिम अंसारी, रामबाबू केसरी, कौसर अली, दिलीप सिंह, गिरीश कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।
दुकानदारों को करें पुर्नस्थापित
ओबरा। अनाउंसमेंट के विपरीत करीब दो दर्जन दुकानें तोड़कर स्थिति को और विकट बना दिया गया है। जिससे यूपी की हुकूमत की साख को कुछ लोगों ने बट्टा लगाया दिया है। सभा में उजाड़ने के दंश से छटपटा रहे मौजूद सभी व्यापारियों ने तोड़ी गई दुकानों के स्थान पर दुकानों के पुनर्स्थापना की सर्व सम्मति से मांग की, ताकि ओबरा बाजार को बचाया जा सके।
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पूर्व में बनी सहमति के विपरीत व्यक्तिगत कारणों से सैकड़ों दुकानों को जमीदोंज कर दिया गया। इंसान के लिए कानून है। कानून के लिए इंसान नहीं है। इसकी अनदेखी अमानवीयता को दर्शाती है। गम में पड़े व्यापारियों को उजाड़ने की कोशिश असंवेदनशीलता का परिचय दे रही है। अभी भी कुछ लोग कानून को ढाल बनाकर सामाजिक तानाबाना को बिखेरने की कोशिश कर रहे हैं। गुप्तचर एजेंसियां इसे गंभीरता से लेते हुए संदिग्ध लोगों को चिह्नित करें। सभा में भोला कनौजिया, रवींद्र गर्ग,मनोज सिंह, लालबाबू सोनकर, मुस्लिम अंसारी, रामबाबू केसरी, कौसर अली, दिलीप सिंह, गिरीश कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।
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दुकानदारों को करें पुर्नस्थापित
ओबरा। अनाउंसमेंट के विपरीत करीब दो दर्जन दुकानें तोड़कर स्थिति को और विकट बना दिया गया है। जिससे यूपी की हुकूमत की साख को कुछ लोगों ने बट्टा लगाया दिया है। सभा में उजाड़ने के दंश से छटपटा रहे मौजूद सभी व्यापारियों ने तोड़ी गई दुकानों के स्थान पर दुकानों के पुनर्स्थापना की सर्व सम्मति से मांग की, ताकि ओबरा बाजार को बचाया जा सके।
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