सोनभद्र: करोड़ों साल पुराने फॉसिल्स देख दंग रह गए टूर ऑपरेटर्स, देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने का किया वादा
धरती पर ऐसे कई रहस्य छुपे है जिसपर दुनियाभर के वैज्ञानिक लगातार शोध कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही रहस्य छुपा है सोनभद्र के सलखन में जहां एक नहीं 150 करोड़ वर्ष पुराने जिवाश्म (फॉसिल्स) हैं। रविवार को टूर ऑपरेटर्स की टीम यहां पहुंची तो दंग रह गई।
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उत्तर प्रदेश सरकार की पर्यटन विकास योजना के तहत टूर ऑपरेटर्स को वाराणसी और उससे सटे इलाकों का भ्रमण कराया जा रहा है, ताकि बनारस आने वाले पर्यटकों को वह इन स्थलों तक भी ला सकें। टूर ऑपरेटर्स की पहली टोली रविवार को जिले के सलखन स्थित फॉसिल्स पार्क पहुंची।
करीब डेढ़ सौ करोड़ वर्ष पुराने फॉसिल्स की बड़ी श्रृंखला देख वह हैरान रह गए। कोई फॉसिल्स पर बने निशानों को देख अचरज कर रहा था तो कोई उसकी प्राचीनता के साथ मानव सभ्यता के विकास की कड़ियों को जोड़ने में लगा रहा।
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दुनिया में इससे पुराना और बड़ा कोई फॉसिल्स पार्क नहीं
अगवानी कर रहे गुरमा वन रेंज के अधिकारियों ने फॉसिल्स पार्क की खूबियों के बारे जानकारी दी। बताया कि दुनिया में इससे पुराना और बड़ा कोई फॉसिल्स पार्क नहीं है। अमेरिका में स्थित ऐलो स्टोन फासिल्स पार्क भी इससे छोटा और बाद का है। वहां इतने ज्यादा फॉसिल्स नहीं है।
टीम ने आदिवासियों के करमा और बरसिंहा नृत्य का भी आनंद लिया। स्वागत से अभिभूत ऑपरेटर्स ने वाराणसी आने वाले पर्यटकों को यहां तक जाने की प्रतिबद्धता जताई। उनका कहना था कि हमारे पास इतनी बड़ी विरासत होने के बाद भी तमाम लोग इससे अनभिज्ञ रहे हैं।
पर्यटकों को यहां आने पर काफी अच्छा लगेगा। टीम में अमरेश मौर्या, अमित सिंह, गनेश, जैनेंद्र, बीएचयू के छात्र-छात्रा शामिल रहे। वन विभाग की ओर से अजय प्रकाश, वन दरोगा फराज नदीन, रामदास आदि मौजूद रहे।
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