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महज 27 मामलों का ही हुआ निस्तारण
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घोरावल तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस पर जन समस्या सुनते डीएम एस राजलिंगम और एसपी आशीष श्रीवास्?
- फोटो : SONBHADRA
सोनभद्र। कोरोना के चलते बंद चल रहा संपूर्ण समाधान दिवस मंगलवार से शुरू हो गया। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए घोरावल तहसील में जिलाधिकारी एस. राजलिंगम और पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। दुद्घी तहसील में एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने समस्याएं सुनी। कंटेमेंट जोन घोषित होने से राबर्ट्सगंज तहसील में आयोजित होने वाला समाधान दिवस सदर ब्लॉक के सभागार में हुआ। तीनों स्थानों पर कुल 155 मामले आए जिनमें 27 का ही समाधान हुआ। बची समस्याओं को समयसीमा में दूर करने का निर्देश दिया गया।
मुख्य संपूर्ण तहसील समाधान दिवस घोरावल में आयोजित हुआ। डीएम और एसपी ने अधिकारियों से कहा कि तहसील दिवस में अब संबंधित विभाग के अधिकारी अपने-अपने विभागों की समस्याएं सुनेंगे। जो प्रकरण नहीं सुलझेंगे, उनकी सुनवाई संपूर्ण तहसील समाधान होगी। जिन मामलों का समाधान एक या दो दिन के अंदर नहीं होगा, उसका समाझान उच्च स्तरीय अधिकारी मौके पर जाकर करेंगे। डीएम ने आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को गैर हाजिर रहने पर जवाब-तलब किया। जमीन पट्टा रजिस्टर का आकस्मिक निरीक्षण किया। कन्हारी कला व पौध रोपण के पट्टे नियमानुसार आवंटित करने के निर्देश एसडीएम और तहसीलदार को दिए। एसडीएम जैनेन्द्र सिंह, सीओ संजय वर्मा, तहसीलदार विकास पांडेय, सीएमओ डॉ. एस.के. उपाध्याय ने 51 शिकायतें सुनी और पांच का समाधान किया। चार टीमों को मौके पर भेज कर प्रकरणों को निस्तारित कराया। 9 मामले निस्तारित हुए, बाकी 42 प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने का संबंधितों को निर्देशित किया गया।
सदर ब्लॉक में उप जिलाधिकारी सदर कृपा शंकर पांडेय के समक्ष 47 पीड़ितों ने फरियाद की। एसडीएम ने सात मामलों को सुझलाया। 37 समस्याओं को समय से दूर करने का निर्देश दिया। दुद्वी में एडीएम योगेन्द्र बहादुर सिंह ने 57 मामलों की सुनवाई की। दो मामलों का समाधान किया गया। उन्होंने छह टीमों को क्षेत्र में भेजकर छह प्रकरण निस्तारित कराया। बाकी बचे 49 मामलों को औपचारिकताओं को पूरा करते हुए समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने के निर्देश दिये गये। एसडीएम प्रकाश चंद्र आदि मौजूद रहे।
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तहसील के बाहर थी सैनिटाइज करने की व्यवस्था
संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाले लोगों के हाथों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था तहसील के गेट पर की गई थी। इस दौरान जो लोग कोरोना की जॉच कराना चाहता थे। उनका ब्लड कलेक्शन भी किया गया।
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मुख्य संपूर्ण तहसील समाधान दिवस घोरावल में आयोजित हुआ। डीएम और एसपी ने अधिकारियों से कहा कि तहसील दिवस में अब संबंधित विभाग के अधिकारी अपने-अपने विभागों की समस्याएं सुनेंगे। जो प्रकरण नहीं सुलझेंगे, उनकी सुनवाई संपूर्ण तहसील समाधान होगी। जिन मामलों का समाधान एक या दो दिन के अंदर नहीं होगा, उसका समाझान उच्च स्तरीय अधिकारी मौके पर जाकर करेंगे। डीएम ने आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को गैर हाजिर रहने पर जवाब-तलब किया। जमीन पट्टा रजिस्टर का आकस्मिक निरीक्षण किया। कन्हारी कला व पौध रोपण के पट्टे नियमानुसार आवंटित करने के निर्देश एसडीएम और तहसीलदार को दिए। एसडीएम जैनेन्द्र सिंह, सीओ संजय वर्मा, तहसीलदार विकास पांडेय, सीएमओ डॉ. एस.के. उपाध्याय ने 51 शिकायतें सुनी और पांच का समाधान किया। चार टीमों को मौके पर भेज कर प्रकरणों को निस्तारित कराया। 9 मामले निस्तारित हुए, बाकी 42 प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने का संबंधितों को निर्देशित किया गया।
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सदर ब्लॉक में उप जिलाधिकारी सदर कृपा शंकर पांडेय के समक्ष 47 पीड़ितों ने फरियाद की। एसडीएम ने सात मामलों को सुझलाया। 37 समस्याओं को समय से दूर करने का निर्देश दिया। दुद्वी में एडीएम योगेन्द्र बहादुर सिंह ने 57 मामलों की सुनवाई की। दो मामलों का समाधान किया गया। उन्होंने छह टीमों को क्षेत्र में भेजकर छह प्रकरण निस्तारित कराया। बाकी बचे 49 मामलों को औपचारिकताओं को पूरा करते हुए समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने के निर्देश दिये गये। एसडीएम प्रकाश चंद्र आदि मौजूद रहे।
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तहसील के बाहर थी सैनिटाइज करने की व्यवस्था
संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाले लोगों के हाथों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था तहसील के गेट पर की गई थी। इस दौरान जो लोग कोरोना की जॉच कराना चाहता थे। उनका ब्लड कलेक्शन भी किया गया।